कैंसर एक जटिल बीमारी है, जिसके इलाज के लिए अक्सर नवीनतम और प्रभावी तकनीकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे ही उन्नत उपचारों में से एक है CRS और HIPEC सर्जरी, जो कुछ खास तरह के आक्रामक कैंसर से लड़ने के लिए एक प्रभावी विकल्प मानी जाती है। यह दो शक्तिशाली विधियों का संयोजन है— साइटोरिडक्टिव सर्जरी (CRS) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC)।
ये दोनों मिलकर उन उन्नत कैंसर रूपों के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाते हैं, जो पारंपरिक उपचारों से ठीक नहीं हो पाते। जानिए कि कैसे यह उन्नत तकनीक डिम्बग्रंथि (ovarian) और कोलोरेक्टल (colorectal) कैंसर जैसी जटिल बीमारियों से प्रभावित लोगों के जीवन को बदल सकती है।
कैंसर एक जटिल बीमारी है, जिसके इलाज के लिए अक्सर नवीनतम और प्रभावी तकनीकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे ही उन्नत उपचारों में से एक है CRS और HIPEC सर्जरी, जो कुछ खास तरह के आक्रामक कैंसर से लड़ने के लिए एक प्रभावी विकल्प मानी जाती है।
यह दो शक्तिशाली विधियों का संयोजन है— साइटोरिडक्टिव सर्जरी (CRS) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC)। ये दोनों मिलकर उन उन्नत कैंसर रूपों के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाते हैं, जो पारंपरिक उपचारों से ठीक नहीं हो पाते।
⦿ सबसे पहले, एक विशेष मेडिकल टीम मरीज की पूरी जांच करती है।
⦿ यदि मरीज उपयुक्त पाया जाता है, तो उसे सामान्य एनेस्थीसिया देकर सर्जरी की जाती है।
⦿ CRS के बाद, गर्म कीमोथेरेपी घोल को पेट की गुहा में 30 से 90 मिनट तक प्रवाहित किया जाता है, ताकि शेष कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जा सके।
| कैंसर का प्रकार | विवरण | प्रभावशीलता |
|---|---|---|
| पेरिटोनियल मेसोथेलियोमा | एक दुर्लभ कैंसर जो पेट की परत में विकसित होता है, आमतौर पर एशबेस्टस के संपर्क के कारण। | अगर जल्दी शुरुआत की जाए, तो अधिक प्रभावी, बेहतर जीवन प्रयत्न प्रदान करता है। |
| कोलन कैंसर विद पेरिटोनियल कार्सिनोमाटोसिस | कोलन कैंसर जो पेरिटोनियम तक फैल चुका है, आमतौर पर उन्नत अवस्था में। | चयनित मरीजों में जीवन प्रयत्न और जीवन गुणवत्ता में सुधार करता है। |
| ओवेरियन कैंसर | उन्नत अवस्था का ओवेरियन कैंसर जो पेरिटोनियम तक फैल गया है। | जीवन प्रयत्न बढ़ाता है और अन्य अवस्था में पेलिएटिव लाभ प्रदान करता है। |
| गैस्ट्रिक (पेट का) कैंसर | पेट का कैंसर जो पेरिटोनियल गुहा में फैल गया है। | प्रणालीगत कीमोथेरेपी (systemic chemotherapy) के साथ उपयोग करने पर जीवन प्रयत्न में सुधार करता है। |
| अपेंडिक्स कैंसर | अपेंडिक्स से उत्पन्न कैंसर, जो अक्सर पेरिटोनियम में फैलता है। | जीवन प्रयत्न बढ़ाता है और शुरुआती अवस्था में पेरिटोनियल फैलाव में लाभ प्रदान करता है। |
| प्राइमरी पेरिटोनियल कैंसर | पेरिटोनियम से उत्पन्न होने वाला कैंसर, जो ओवेरियन कैंसर की तरह व्यवहार करता है। | अगर समय रहते इलाज किया जाए, तो संबंधित इलाज और लंबी जीवन प्रयत्न प्रदान करता है। |
CRS और HIPEC सर्जरी के बाद की रिकवरी प्रक्रिया स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण होती है। मरीजों को आमतौर पर कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ता है, ताकि डॉक्टर उनकी स्थिति की निगरानी कर सकें। इस दौरान:
⦿ महत्वपूर्ण संकेतकों (vital signs) की नियमित जाँच की जाती है।
⦿ दर्द का प्रबंधन किया जाता है।
⦿ किसी भी संभावित जटिलता (complications) का मूल्यांकन किया जाता है।
⦿ इस दौरान पर्याप्त आराम लेना आवश्यक होता है।
⦿ धीरे-धीरे गतिविधियों को बढ़ाना चाहिए, लेकिन शरीर की सीमाओं को समझते हुए अत्यधिक श्रम (overexertion) से बचना जरूरी है।
सही आहार रिकवरी में अहम भूमिका निभाता है।
⦿ पौष्टिक आहार शरीर की मरम्मत प्रक्रिया को तेज करता है और संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
⦿ डॉक्टर आमतौर पर विशेष डाइट प्लान सुझाते हैं, जिसमें उचित पोषण को प्राथमिकता दी जाती है।
सर्जरी के बाद नियमित फॉलो-अप अपॉइंटमेंट्स आवश्यक होते हैं, ताकि:
⦿ रिकवरी की निगरानी की जा सके।
⦿ किसी भी संभावित समस्या का जल्द पता लगाया जा सके।
⦿ मरीज को सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग मिले।
पारंपरिक कीमोथेरेपी नसों (IV) के माध्यम से दी जाती है, जबकि HIPEC सर्जरी के बाद गर्म कीमोथेरेपी को सीधे पेट के अंदर डाला जाता है। यह प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को अधिक प्रभावी ढंग से नष्ट करती है और दुष्प्रभावों को कम करती है।
⦿ बड़े कैंसर ट्यूमर को हटाने में मदद करता है।
⦿ बची हुई कैंसर कोशिकाओं को सीधे खत्म करता है।
⦿ जीवन प्रत्याशा (survival rate) को बढ़ाता है।
⦿ कैंसर की पुनरावृत्ति (recurrence) की संभावना को कम करता है।
यह एक बड़ी सर्जरी होती है, जिसे जनरल एनेस्थीसिया देकर किया जाता है, जिससे मरीज को ऑपरेशन के दौरान कोई दर्द महसूस नहीं होता। रिकवरी के दौरान दर्द को दवाओं और देखभाल से नियंत्रित किया जाता है, और धीरे-धीरे यह कम हो जाता है।
यह एक जटिल प्रक्रिया है और 6 से 12 घंटे तक लग सकते हैं, यह इस पर निर्भर करता है कि कैंसर कितना फैला हुआ है और कितने अंग प्रभावित हुए हैं।
⦿ अस्पताल में रुकने का समय: आमतौर पर 10-14 दिन।
⦿ घर पर रिकवरी: लगभग 4 से 6 हफ्ते।
⦿ डाइट और फिजियोथेरेपी: डॉक्टर की सलाह के अनुसार पालन करना जरूरी होता है।
संभावित जटिलताओं में संक्रमण (infection), रक्तस्राव (bleeding), आंतों से जुड़ी समस्याएँ और कमजोरी हो सकती है। हालाँकि, एक अनुभवी सर्जिकल टीम इन जटिलताओं को कम करने में सहायक होती है।
यह सर्जरी जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और लंबे समय तक कैंसर को नियंत्रित करने में मदद करती है। कुछ मामलों में लंबी अवधि का सुधार (remission) संभव होता है, लेकिन पूर्ण इलाज कैंसर के प्रकार, स्टेज और मरीज की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है।
हाँ, भारत के प्रमुख कैंसर सेंटरों में यह सर्जरी उपलब्ध है, जहाँ विशेषज्ञ ऑन्कोसर्जन इस उन्नत उपचार को करते हैं। पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में यह उपचार कम लागत में उपलब्ध होता है, जिससे अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं।
MS, MCh (GI cancer Surgeon)
डॉ. हर्ष शाह अहमदाबाद के एक प्रसिद्ध जीआई और एचपीबी रोबोटिक कैंसर सर्जन हैं। वे भोजन नली, पेट, लीवर, पैंक्रियास, बड़ी आंत, मलाशय और छोटी आंत के कैंसर का इलाज करते हैं। वे अपोलो अस्पताल में उपलब्ध हैं।
CRS-HIPEC सर्जरी की सर्जरी (CRS + HIPEC) का खर्च Apollo Hospital, Bhat में लगभग ₹6,50,000 से ₹8,00,000 तक आता है।
अंतिम राशि इन बातों पर निर्भर करती है — ऑपरेशन किस पद्धति से हुआ (open, laparoscopic या robotic), अस्पताल में कितने दिन रुकना पड़ा, ICU की ज़रूरत पड़ी या नहीं, और इलाज insurance या cashless के तहत है या नहीं।
आपके केस के अनुसार सटीक अनुमान consultation के बाद ही दिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए +91 63590 11009 पर संपर्क करें।
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