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पित्ताशय का कैंसर: PET/CT स्कैन कैसे इलाज के परिणामों को समझने में मदद करता है

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पित्ताशय का कैंसर PETCT स्कैन कैसे इलाज के परिणामों को समझने में मदद करता है-Prognostic Value of FDG -DOI 10.1097RLU.0000000000006306

पित्ताशय का कैंसर (Gallbladder Cancer) और पित्त नली के उन्नत कैंसर के इलाज के लिए अक्सर कीमोथेरेपी (Chemotherapy) का उपयोग किया जाता है। हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन में यह देखा गया कि इलाज शुरू करने से पहले किया गया FDG PET/CT स्कैन मरीज के भविष्य और इलाज के असर को समझने में बहुत मददगार हो सकता है। यह स्कैन शरीर में कैंसर कोशिकाओं की सक्रियता को मापता है।

स्कैन की रिपोर्ट में क्या देखना जरूरी है

इस शोध में ‘टोटल लीजन ग्लाइकोलाइसिस’ (Total Lesion Glycolysis – TLG) नाम के एक मापदंड पर ध्यान दिया गया। सरल भाषा में कहें तो यह बताता है कि ट्यूमर (Tumor) कितना सक्रिय है और कितनी ऊर्जा ले रहा है। जिन मरीजों में TLG का स्तर कम पाया गया, उनमें इलाज का असर काफी बेहतर देखा गया। कम TLG का मतलब है कि कैंसर कम आक्रामक है और दवाओं के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया दे सकता है।

मरीजों के लिए इसके क्या मायने हैं?

अगर किसी मरीज को पित्ताशय का कैंसर है और वह स्थानीय रूप से उन्नत (Locally Advanced) अवस्था में है, तो कम TLG स्तर वाले मरीजों में जीवन प्रत्याशा (Survival) काफी अधिक पाई गई। कुछ मामलों में प्रोग्रेस-फ्री सर्वाइवल (Progression-free survival) 18 महीने से भी अधिक देखा गया। यह जानकारी डॉक्टरों को यह तय करने में मदद करती है कि किस मरीज को जेमसिटाबाइन (Gemcitabine) और सिस्प्लैटिन (Cisplatin) जैसी दवाओं से सबसे ज्यादा फायदा होगा।

आगे का रास्ता क्या है?

यदि आपके परिवार में कोई इस बीमारी से जूझ रहा है, तो इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से PET/CT स्कैन के परिणामों पर चर्चा करें। बायोमार्कर (Biomarker) के रूप में TLG की वैल्यू यह समझने में मदद कर सकती है कि कीमोथेरेपी कितनी प्रभावी होगी। यह व्यक्तिगत उपचार (Personalized treatment) की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे सही मरीज को सही समय पर सही इलाज मिल सकता है।

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