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मलाशय के कैंसर के ऑपरेशन के बाद टांके रिसने (Anastomotic Leakage) का खतरा और सावधानी

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मलाशय के कैंसर के ऑपरेशन के बाद टांके रिसने (Anastomotic Leakage) का खतरा और सावधानी- Late Anastomotic Leakage Factors.-DOI 10.1097DCR.00000000000041

मलाशय के कैंसर (Rectal Cancer) की सर्जरी के बाद सबसे बड़ी चिंता टांकों के जुड़ाव से होने वाला रिसाव होती है। हालिया शोध बताते हैं कि यह रिसाव न केवल ऑपरेशन के तुरंत बाद, बल्कि महीनों या एक साल बाद भी हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में ‘लेट एनास्टोमोटिक लीकेज’ कहा जाता है। मरीजों को इसके प्रति लंबे समय तक सचेत रहने की जरूरत है।

टांके रिसने का समय और इसके मुख्य कारण

मलाशय के कैंसर के ऑपरेशन के दौरान आंत के दो सिरों को आपस में जोड़ा जाता है। अध्ययन के अनुसार, लगभग आधे मरीजों में रिसाव की समस्या देरी से देखी गई। कुछ मामलों में तो यह समस्या ऑपरेशन के एक साल बाद सामने आई। कम उम्र के पुरुष और वे मरीज जिनका ट्यूमर मलाशय के काफी निचले हिस्से में था, उनमें यह जोखिम अधिक पाया गया।

देरी से होने वाले रिसाव के जोखिम कारक

रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) कराने वाले मरीजों में देरी से रिसाव होने की संभावना अधिक देखी गई है। इसके साथ ही जिन मरीजों ने ऑपरेशन से पहले या बाद में कीमोथेरेपी (Chemotherapy) या रेडियोथेरेपी (Radiotherapy) ली है, उनमें टांकों के पकने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। सुरक्षा के लिए लगाई गई अस्थायी मल नली (Diverting Stoma) वाले मरीजों को भी विशेष निगरानी की आवश्यकता होती है।

मरीजों के लिए जरूरी कदम और बचाव

ऑपरेशन के बाद नियमित जांच (Surveillance) को नजरअंदाज न करें। यदि आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार या मल त्यागने की आदतों में अचानक बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लंबे समय तक फॉलो-अप (Follow-up) रखने से इस जटिलता को समय रहते पकड़ा जा सकता है। उचित खान-पान और घाव भरने वाली दवाओं का सही समय पर सेवन जोखिम को कम करने में मदद करता है।

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