Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
गांठ ऊपरी हिस्से में हो तो सवाल यह नहीं कि कितना निकालना है, बल्कि यह कि सुरक्षित ढंग से जोड़ना कैसे है। Apollo Hospital, Bhat · Gota OPD, अहमदाबाद।
पेट के ऊपरी हिस्से का cancer — cardia, fundus या upper body में — आमतौर पर total gastrectomy से निकाला जाता है: पूरा पेट, उसके साथ उसे सींचने वाले lymph nodes का पूरा पंखा, एक ही टुकड़े में; फिर भोजन नली सीधे छोटी आंत से जोड़ दी जाती है। पूरा अंग निकालने की वजह margin है। बाद में आप कैसा जीवन जिएंगे यह इस पर निर्भर नहीं कि कितना पेट निकला, बल्कि इस पर कि नया जोड़ कितना अच्छा है और अस्पताल छोड़ने से पहले आपको खाने का कौन-सा तरीका सिखाया गया।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. यहाँ की training surgical gastroenterology की super-specialty में है — पेट, भोजन नली, आंत, लीवर और अग्नाशय ही पूरी practice हैं। Proximal gastric cancer में सबसे महंगी गलती औज़ार से नहीं होती: वह तब होती है जब margin frozen section के बजाय हाथ के अंदाज़े पर छोड़ दिया जाए, और वह हफ़्तों बाद pathology report में दिखती है — जब कुछ वापस नहीं रखा जा सकता।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Stomach Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद
Google rating 4.89, Gota clinic के 216 reviews में से; और 4.94, Apollo, Bhat के 17 reviews में से।
यहाँ देखा जाने वाला हर stomach cancer plan देने से पहले tumour board में जाता है। वहीं endoscopy, scan, पोषण-स्थिति और गांठ का biology एक साथ रखे जाते हैं, और इलाज का क्रम तय होता है।
पेट एक जैसी थैली नहीं है। नीचे की गांठ में ऊपर सामान्य दीवार बची रहती है, पर cardia या upper body की गांठ के ऊपर भोजन नली के जोड़ के सिवा कुछ नहीं — इसलिए नीचे के cancer में आसानी से मिलने वाली clearance यहाँ पूरा अंग निकाले बिना नहीं मिलती।
इस ऑपरेशन का मानक यह है कि गांठ से कम से कम पाँच सेंटीमीटर दिखने में सामान्य पेट आगे तक काटा जाए, और diffuse या signet-ring प्रकार की गांठ में उससे भी ज़्यादा। ऊपरी सिरे पर ज़रा भी शक हो तो मरीज़ के table पर रहते हुए ही margin frozen section के लिए भेजा जाता है, और report कहे तो resection बढ़ाया जाता है।
दूसरी वजह गांठ की जगह नहीं, उसका स्वभाव है। Diffuse और linitis प्रकार के cancer दीवार के भीतर फैलते हैं और ऊपर की परत endoscopy में कई सेंटीमीटर तक सामान्य दिखती है। वहाँ हिस्सा बचाने वाला surgeon ऐसा जोखिम ले रहा है जिसे नापा नहीं जा सकता।
ऑपरेशन की सलाह से पहले चार बातें तय होती हैं। इससे कम पर बना plan अंदाज़े पर बना plan है।
एक: tissue. Upper GI endoscopy और biopsy से cancer पक्का होता है, गांठ ऊपर कहाँ तक पहुँची है यह दर्ज होता है, और pathologist को उसका प्रकार — intestinal या diffuse — तथा HER2 और mismatch-repair जाँचने की सामग्री मिलती है। ये दोनों दवा का इलाज बदल देते हैं।
दो: फैलाव. छाती, पेट और pelvis का contrast CT गांठ को नसों के सामने, nodes को, और लीवर या उससे आगे बीमारी को दिखाता है। ऑपरेशन पहला कदम है या नहीं, यही जाँच तय करती है।
तीन: peritoneum. Staging laparoscopy — दूरबीन से थोड़ी देर अंदर देखना, अक्सर एक ही दिन में — वे बारीक peritoneal deposits ढूँढती है जो CT में नहीं दिखते। ये पहले मिल जाएँ तो मरीज़ एक बड़े ऑपरेशन से बच जाता है जो फ़ायदा नहीं करता।
चार: मरीज़ खुद. Haemoglobin, albumin, iron और B12 सिर्फ़ दर्ज नहीं किए जाते — ठीक किए जाते हैं। खून की कमी और कमज़ोर पोषण के साथ इस ऑपरेशन में आने वाले मरीज़ की recovery तीन हफ़्ते बाद के उसी मरीज़ से कठिन होती है।
Scan में बड़ी गांठ या nodes दिखें तो अक्सर chemotherapy पहले आती है। यह क्रम tumour board तय करता है, और इसका मतलब यह नहीं कि ऑपरेशन हो ही नहीं सकता — आज gastric cancer का इलाज इसी तरह होता है।
ऑपरेशन के तीन हिस्से हैं। पेट निकालना आसान है; nodes साफ़ करना और भोजन का रास्ता दोबारा बनाना — वहीं ऑपरेशन जीता या हारा जाता है।
Resection. पूरा पेट omentum के साथ निकलता है, ऊपर की कटाई भोजन नली पर गांठ से आगे रखी जाती है, और नीचे duodenum pylorus से ज़रा आगे काटकर बंद किया जाता है। Specimen अपने node के पंखे के साथ एक ही टुकड़े में बाहर आता है, क्योंकि table पर अलग किया गया node field बाद में map नहीं हो सकता।
Node dissection. D2 dissection यानी greater और lesser curve के nodes specimen के साथ, और दूसरी कतार — left gastric, common hepatic, splenic artery और coeliac axis के चारों ओर — अलग, सोचे-समझे कदम के रूप में साफ़ करना। मानक यह है कि pathologist कम से कम पंद्रह nodes गिन सके: कोई स्कोर नहीं, बल्कि बाद में यही एक सबूत कि field सचमुच साफ़ हुआ था।
Reconstruction. छोटी आंत ऊपर लाकर भोजन नली के निचले सिरे से जोड़ी जाती है, और jejunum का एक हिस्सा ऐसे रखा जाता है कि पित्त और अग्नाशय का रस काफ़ी नीचे मिले। यही Roux-en-Y व्यवस्था पुरानी पद्धतियों वाला लगातार bile reflux रोकती है।
| गांठ कहाँ है | क्या निकलता है | आपके लिए इसका मतलब |
|---|---|---|
| Cardia या gastro-oesophageal junction | पूरा पेट और भोजन नली का निचला हिस्सा, node field के साथ | जोड़ ऊँचा रहता है; शुरुआत में निगलने पर ज़्यादा नज़र |
| Fundus या upper body | पूरा पेट, node field के साथ | मानक total gastrectomy और उसकी सामान्य recovery |
| Diffuse या linitis प्रकार, किसी भी जगह | पूरा पेट, ज़्यादा margin, दोनों सिरों पर frozen section | छोटी दिखती गांठ के लिए बड़ा ऑपरेशन — जानबूझकर |
| गांठ तिल्ली या अग्नाशय की पूँछ से चिपकी | पेट के साथ वह अंग भी, एक ही टुकड़े में | बड़ा ऑपरेशन, theatre में तय, consent पहले से |
तिल्ली routine के तौर पर नहीं निकाली जाती, और न ही अग्नाशय की पूँछ। Splenic hilar nodes साफ़ करने के लिए उसे निकालना कभी सिखाया जाता था और अब वह अच्छी practice नहीं है: इससे जोखिम बढ़ता है, फ़ायदा नहीं। तिल्ली तभी निकलती है जब गांठ सचमुच उसमें या अग्नाशय की पूँछ में घुसी हो — और यह फ़ैसला पेट खुला होने पर, सामने दिख रही हक़ीक़त पर लिया जाता है, scan पर नहीं।
मरीज़ पढ़कर आते हैं कि दूरबीन और robotic surgery बेहतर है, और सुनकर हैरान होते हैं कि total gastrectomy अक्सर open की जाती है। सच्ची बात दोनों तरफ़ के प्रचार से संकरी है।
दूरबीन से उतनी ही cancer clearance और आसान recovery मिलती है — इसका सबसे मज़बूत सबूत पेट के निचले हिस्से के cancer के लिए है, जहाँ ऑपरेशन distal gastrectomy होता है। Total gastrectomy में — खासकर बड़ी गांठ, दीवार भेदकर बाहर गई गांठ, या chemotherapy के बाद का ऑपरेशन — रास्ता surgeon के सामने की anatomy से तय होता है, और वहाँ open surgery अक्सर सही जवाब होती है, हार नहीं।
रास्ता बदले तब भी ऑपरेशन नहीं बदलता: वही margin, वही node field, वही reconstruction. कम साफ़ करने वाली दूरबीन की total gastrectomy कम चीर-फाड़ वाला ऑपरेशन नहीं, कम ऑपरेशन है।
Oesophagojejunal anastomosis — भोजन नली और छोटी आंत के बीच का जोड़ — पहले पखवाड़े का हाल तय करता है। यह ऊँचाई पर बैठता है, ऐसी भोजन नली पर जिसे आंत की तरह टाँके थामने वाली serosa की परत नहीं होती — इसीलिए उस पर इतनी नज़र रखी जाती है।
Distal gastrectomy के बाद drain routine नहीं है; total gastrectomy के बाद अक्सर रखा जाता है — leak का इलाज करने के लिए नहीं, बल्कि leak जल्दी दिखे इसलिए। तीसरे से सातवें दिन drain का द्रव गँदला हो जाए या उसमें आंत का द्रव आने लगे, तो यह team को मिलने वाली सबसे पहली सच्ची चेतावनी है।
उस जोड़ के आसपास के नियम जानबूझकर सख़्त हैं। नाड़ी लगातार एक सौ बीस से ऊपर, नया या बढ़ता दर्द, बुख़ार, या drain के द्रव में बदलाव — कुछ भी हो तो scan उल्टा साबित न कर दे तब तक उसे leak ही माना जाता है: मुँह से कुछ नहीं, IV fluids, oral contrast के साथ CT, और consultant surgeon को तुरंत सूचना। इनमें से एक भी बात “सुबह देख लेंगे” कहकर रात नहीं काटी जाती।
Feeding jejunostomy. कुछ मरीज़ों में ऑपरेशन के अंत में नए जोड़ से काफ़ी नीचे छोटी आंत में पतली नली रखी जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि कुछ बिगड़ा — यह पोषण का बीमा है: जोड़ की हिफ़ाज़त रखते हुए पहले दिन से धीरे-धीरे खाना दिया जा सकता है, और chemotherapy के बाद या कमज़ोर पोषण वाले मरीज़ में इसकी क़ीमत सबसे ज़्यादा है। इसे गुनगुने पानी से धोया जाता है, ज़ोर कभी नहीं, और खाना चलने लगे तो निकाल दी जाती है।
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“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”
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“We are very thankful to Dr. Harsh Shah for treating and operating on my father for gastric (stomach) cancer. From the first consultation to the surgery and follow-up, he guided us with great care and explained everything clearly. My father is doing well now, and we are extremely grateful for the treatment and support provided by Dr. Harsh Shah and his team. He is a highly experienced and compassionate doctor. We would definitely recommend Dr. Harsh Shah to anyone looking for an experienced doctor for stomach cancer treatment. Thank you, Doctor, for everything!”
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“Dr. Harsh Shah operated me for stomach cancer. The surgery went very smoothly, and I am truly grateful for his expertise and care. Thank you so much, sir, for your support and excellent treatment. Highly recommended for anyone looking for the best stomach cancer surgeon.”
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Recovery लिखे हुए pathway से चलती है, round के मूड से नहीं। उसी शाम बिस्तर से बाहर बैठना और पानी के घूँट; पहले दिन तरल और चलना, catheter निकलता है, jejunostomy का खाना धीमी बूँद से शुरू। दो-तीन दिन में नरम खाना और drip बंद। ज़्यादातर मरीज़ पहले हफ़्ते में नरम खाना लेते और अपने आप चलते हो जाते हैं।
छुट्टी तारीख देखकर नहीं, शर्त देखकर दी जाती है: एक दिन बुख़ार नहीं, नरम खाना पच रहा हो, बिना सहारे चल रहे हों, गोलियों से दर्द क़ाबू में हो, और feeding tube हो तो परिवार उसकी देखभाल में पक्का हो।
क़रीब एक हफ़्ते बाद pathology report आती है और वही अगला चरण तय करती है: प्रकार और गहराई, दोनों margin साफ़ हैं या नहीं, कितने nodes जाँचे गए और कितनों में बीमारी थी, तथा HER2 और mismatch-repair. Chemotherapy चाहिए या नहीं, इसका जवाब उसी report से tumour board देता है — पहले के scan से नहीं।
उसके बाद का follow-up नियमित और नीरस होता है: दो हफ़्ते पर घाव और histology की समीक्षा dietitian के साथ, पहले दो साल हर तीन महीने वज़न, खून की जाँच और tumour markers, फिर पाँच साल तक हर छह महीने, और CT दो साल तक हर छह महीने फिर सालाना।
इस हिस्से को सबसे ज़्यादा समय मिलना चाहिए और सबसे कम मिलता है। पेट के बिना जीना मुमकिन है और बहुत लोग अच्छे से जीते हैं — पर खाने का ढर्रा हमेशा के लिए बदलता है, और यह बात घर पहुँचकर पहली बार सीखने की नहीं होती।
नियम इतना ही है: थोड़ा-थोड़ा, बार-बार — दिन में छह या उससे ज़्यादा बार, धीरे-धीरे, और तरल खाने के साथ नहीं बल्कि बीच के समय में। पहले महीनों में वज़न कुछ घटता है और फिर ठहर जाता है। Dietitian दो हफ़्ते की मुलाक़ात से ही इस pathway का हिस्सा है।
दो तकलीफ़ें इतनी आम हैं कि उनकी तैयारी पहले से रखी जाती है। Dumping — खाने के थोड़ी देर बाद चक्कर, पसीना, धड़कन या मरोड़ — इसलिए होती है कि पेट की ब्रेक के बिना खाना सीधे छोटी आंत में पहुँचता है; छोटे हिस्से, कम चीनी और तरल अलग रखने से यह क़ाबू में आती है। दूसरी bile reflux है, और Roux-en-Y का पूरा मक़सद ही उसे रोकना है।
Vitamin B12 में कोई छूट नहीं। B12 सोखने के लिए ज़रूरी factor पेट बनाता है, इसलिए total gastrectomy के बाद वह खाने या गोली से नहीं सोखा जाता। B12 का injection जीवन भर, लगभग हर तीन महीने — एक साल के लिए नहीं, और “जब तक अच्छा लगे” तक भी नहीं। Iron खून की जाँच के हिसाब से दिया जाता है, और आगे के वर्षों में हड्डियों का घनत्व जाँचना ठीक रहता है।
नीचे के सवाल आपके साथ क्या होगा, वह बदलते हैं।
दूसरी राय कब लें? जब आपको दिया गया plan बड़ा resection हो, जब एक surgeon गांठ को inoperable कहे और दूसरा नहीं, या जब किसी ने यह बताया ही न हो कि केस tumour board में गया था। यह भी पूछिए कि ऑपरेशन असल में कौन करेगा — नामित consultant या trainee — और robotic हो तो console पर कौन बैठेगा।
मेरा केस tumour board में गया था, और वहाँ क्या तय हुआ? · ऑपरेशन से पहले chemotherapy की योजना है या नहीं, और क्यों? · पूरा पेट निकलेगा, और मेरे केस में यह क्यों ज़रूरी है? · Margin frozen section से जाँचे जाएँगे, और D2 dissection होगी? · मेरी तिल्ली निकलेगी, और हाँ तो क्यों? · Open या दूरबीन, और ऑपरेशन के दौरान आप रास्ता किस वजह से बदलेंगे? · Feeding tube रखी जाएगी? · छुट्टी के बाद पहले हफ़्ते में रात को मैं किसे फ़ोन करूँ?
Consent से पहले सारी complications आपकी भाषा में गिनाई जाती हैं: नए जोड़ से leak, duodenal stump, पेट का देर से ख़ाली होना, dumping, bile reflux, वर्षों बाद अंदरूनी hernia, B12 और iron की कमी, और जान का जोखिम भी। इनके आँकड़े उम्र, तंदुरुस्ती और पोषण पर निर्भर करते हैं — इसीलिए वे मेज़ के सामने बताने की बातें हैं, website पर नहीं।
एक. Consultation तय कीजिए। Endoscopy और biopsy की report, slides, और CT disc में लाइए।
दो. जाँच पूरी होती है — staging CT, ज़रूरत हो तो staging laparoscopy, खून की जाँच और पोषण सुधारना।
तीन. आपका केस tumour board में जाता है और इलाज के क्रम सहित लिखा plan वापस आता है।
चार. Apollo Hospital, Bhat में भर्ती और ऑपरेशन; recovery pathway परिवार को पहले समझाया जाता है।
पाँच. दो हफ़्ते पर histology की समीक्षा, adjuvant का फ़ैसला, और पाँच साल का follow-up।
कोई एक तय आँकड़ा नहीं होता, और जो page एक आँकड़ा दे वह अंदाज़ा लगा रहा है। ख़र्च अस्पताल के दिनों, कमरे की category, इस्तेमाल हुए रास्ते, ICU की ज़रूरत और आगे के इलाज पर निर्भर करता है। Office भर्ती से पहले लिखा हुआ estimate तैयार कर देता है।
Policy इजाज़त दे वहाँ cashless व्यवस्था की जाती है, और pre-authorisation के काग़ज़ office तैयार करता है। Estimate में क्या शामिल नहीं है, और अस्पताल तथा बीमा कंपनी में मतभेद हो तो आपका संपर्क कौन है — ये दो बातें ज़रूर पूछिए।
हाँ, खाने का ढर्रा बदलकर: थोड़ा-थोड़ा बार-बार, तरल खाने के बीच में, और जीवन भर B12 के injection. ज़्यादातर लोग काम पर और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लौट आते हैं; जो वापस नहीं आता वह है एक बार में बड़ा भोजन।
क्योंकि ऊपर की गांठ के ऊपर सुरक्षित margin के लिए पर्याप्त सामान्य पेट बचता ही नहीं, और diffuse प्रकार का cancer दीवार के भीतर दिखने से ज़्यादा फैला होता है। जहाँ हिस्सा सुरक्षित तरीके से बचाया जा सकता है, वहाँ बचाया ही जाता है।
Routine के तौर पर नहीं। सिर्फ़ तब जब गांठ तिल्ली या अग्नाशय की पूँछ में घुसी हो। Nodes साफ़ करने के लिए उसे नियम की तरह निकालना अब मान्य practice नहीं है।
उसी दिन पानी के घूँट, पहले दिन तरल, और अगले दो-तीन दिनों में नरम खाना — pathway के हिसाब से, और जोड़ पर नज़र रखते हुए।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, अहमदाबाद
Consultation, endoscopy-biopsy-CT report समीक्षा, second opinion, follow-up.
Google: Dr Harsh Shah · 4.89, 216 reviews में से
Gota clinic का रास्ता
Apollo Hospital — Bhat, गांधीनगर
भर्ती, ऑपरेशन और अस्पताल की देखभाल।
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 4.94, 17 reviews में से
Apollo, Bhat का रास्ता
Stomach cancer की surgery के लिए मरीज़ पूरे गुजरात, दक्षिणी राजस्थान और मध्य प्रदेश से आते हैं। Endoscopy और CT की report पहले ही भेज दीजिए।
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