WhatsApp

GIST: गोली से गांठ छोटी होती है, तो operation क्यों?

Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर

GIST surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर

GIST के बारे में पढ़कर आने वाले कई परिवार पूछते हैं: “सुना है imatinib की गोली से यह गांठ छोटी हो जाती है — तो operation की ज़रूरत ही क्या?” जवाब यह है कि जो GIST एक बार में पूरी निकल सकती है, उसके लिए operation ही मुख्य इलाज है; गोली कुछ ख़ास हालात में operation से पहले, या ख़तरे के हिसाब से उसके बाद आती है — उसकी जगह नहीं. GIST का operation तीन बातों पर टिका है, और तीनों surgeon के हाथ में हैं: गांठ बिना फटे एक टुकड़े में निकले, आसपास की सामान्य दीवार का साफ़ किनारा साथ आए, और पेट (stomach) या आंत का जितना हो सके उतना हिस्सा बचे. यह पन्ना बताता है कि Dr Harsh Shah ये फ़ैसले कैसे लेते हैं, second opinion कब लें, और सहमति से पहले क्या पूछें.

Operation कौन करता है, फ़ैसला कौन लेता है?

Gota OPD में Dr Harsh Shah आपको देखते हैं, सहमति (consent) खुद लेते हैं, और Apollo Hospital, Bhat में operation भी खुद करते हैं. Operation से पहले या बाद imatinib की बात हो, GIST भोजन नली और पेट के जोड़ के पास, पित्त नली के मुँह के पास के duodenum में, या मलाशय में नीचे हो, या गांठ फैल चुकी हो — तब plan पहले tumour board पर बनता है.

Dr Harsh Shah, पेट और cancer surgeon, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology की super-specialty training, उसी specialty में दो बार qualification, और GI व cancer surgery में 18 साल का अनुभव. पेट, छोटी आंत, duodenum, बड़ी आंत, मलाशय, pancreas और पित्त नली के operation — यही पूरी practice है, general surgery की सूची की एक पंक्ति नहीं.

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 17 reviews में 4.94.

Tumour board पर surgeon, medical oncologist, radiologist और pathologist एक ही CT, एक ही endoscopy और एक ही tissue देखते हैं. GIST में सवाल शायद ही “निकलेगी या नहीं?” होता है — ज़्यादातर निकल जाती हैं — सवाल यह होता है कि “गांठ को पूरा और सुरक्षित निकालने वाला सबसे छोटा operation कौन-सा है, और क्या पहले गोली देनी चाहिए?”

GIST का operation अलग क्यों होता है?

GIST अंदर की परत से नहीं, बल्कि आंत की मांसपेशी वाली दीवार से उगती है, और lymph nodes में शायद ही फैलती है. इसलिए operation में गांठ सामान्य दीवार के पतले किनारे के साथ निकाली जाती है, और lymph nodes नियमित रूप से नहीं निकाले जाते. इसी कारण पेट की GIST ज़्यादातर पेट की दीवार के एक wedge के साथ निकल जाती है, और बाक़ी पेट काम करता रहता है.

GIST कहाँ है, आम operation, और surgeon क्या बचाते हैं
GIST कहाँ हैआम operationSurgeon क्या बचाते हैं
पेट का body या fundusWedge resection — गांठ के चारों ओर पेट की दीवार का टुकड़ाबाक़ी पेट; गांठ न फटे
भोजन नली के जोड़ या पेट से निकलने के रास्ते के पासWedge, जिसे हाथ से टाँके लगाकर बंद किया जाए ताकि रास्ता न सिकुड़े; गांठ बड़ी हो तो पहले imatinibनिगलना, या पेट से खाने का आगे जाना
पेट की पिछली दीवारपेट को आंत के जुड़ाव से अलग करके wedge, अक्सर अंदर endoscope रखकरस्वस्थ पेट लिए बिना सटीक किनारा
Duodenum, पित्त नली के मुँह से दूरDuodenum का segment या wedgeपित्त और pancreas की नलियाँ
Duodenum, पित्त नली के मुँह के पासहो सके तो पहले imatinib, फिर मुँह बचाकर segment; वह न हो सके तभी Whipple’s operationAmpulla और pancreas
छोटी आंतवह segment निकालकर सिरे जोड़नाआंत की लंबाई
मलाशय में नीचेपहले imatinib, फिर local या anterior resection; sphincter अलग न हो सके तभी उसे निकालनाशौच पर काबू, और स्थायी stoma से बचना

बड़ा operation — पेट का बड़ा हिस्सा या पूरा पेट निकालना — तभी, जब wedge के बाद खाने का रास्ता ठीक न रहे. गांठ को “cancer” कहा गया है इसलिए बड़ा operation बेहतर है, ऐसा GIST में नहीं है. यहाँ ज़्यादा का मतलब बेहतर नहीं; पूरा और साबुत का मतलब बेहतर है.

क्या पहले biopsy होनी चाहिए?

हर बार नहीं. जो GIST साफ़ तौर पर निकाली जा सकती है, उसमें operation से पहले biopsy ज़रूरी नहीं — और त्वचा से सुई डालकर तो कभी नहीं, क्योंकि इससे गांठ फट सकती है और सुई के रास्ते गांठ के कोशिकाएँ फैल सकती हैं. Biopsy endoscope (EUS) से तब ली जाती है, जब नतीजे से plan बदले — ख़ासकर imatinib शुरू करने से पहले.

Operation से पहले imatinib तभी दी जाती है, जब tissue हाथ में हो और हो सके तो mutation test हुआ हो. Mutation तय करता है कि imatinib काम करेगी या नहीं, और किस ख़ुराक में: एक ख़ास बदलाव में गांठ imatinib पर असर ही नहीं दिखाती और दूसरी दवा चाहिए, और एक दूसरे बदलाव में ज़्यादा ख़ुराक चाहिए. बिना जाँच गोली शुरू करने से महीने ऐसी दवा पर निकल सकते हैं, जो शायद काम ही न करे. Scan पर GIST जैसी दिखने वाली कुछ गांठें बाद में leiomyoma, schwannoma, lymphoma या पेट का cancer निकलती हैं — और जहाँ यह फ़र्क़ operation बदलता हो, वहाँ biopsy सबसे ज़्यादा मायने रखती है.

सीधे operation या पहले imatinib?

ज़्यादातर GIST तुरंत निकाली जाती हैं. पहले छह से बारह महीने imatinib तब, जब गांठ इतनी बड़ी या ऐसी जगह हो कि अभी निकालने पर ज़रूरत से ज़्यादा अंग जाए — भोजन नली के जोड़ के पास, पित्त नली के मुँह के पास के duodenum में, मलाशय में नीचे, या जब निकालना किनारे पर हो. मक़सद: बाद में छोटा, अंग बचाने वाला operation.

यहीं इस पन्ने की शुरुआत वाले सवाल का पूरा जवाब है. Imatinib गांठ को छोटा और शांत कर सकती है, पर जो गांठ एक बार में पूरी निकल सकती है, उसे गोली के भरोसे छोड़ने का कोई फ़ायदा नहीं; और गोली पर बहुत देर तक रुकने से गांठ दवा के प्रति ढीठ हो सकती है. इसलिए पहले imatinib दी जाए, तो बीच-बीच में CT दोबारा होता है, और operation उस समय रखा जाता है जब गांठ सबसे ज़्यादा छोटी हो चुकी हो — आम तौर पर जब लगातार दो scan में और बदलाव न दिखे. Imatinib पर GIST छोटी होने से पहले CT में अक्सर गहरी और पानी भरी दिखती है; यह भी असर ही है, और इसे सही पढ़ना operation का समय तय करने का हिस्सा है.

यह फ़ैसला tumour board पर होता है, operate करने वाले surgeon की मौजूदगी में. एक team imatinib शुरू करे और दूसरी team operate करे, तो operation का समय किसी की ज़िम्मेदारी न रहे — यह ख़तरा है.

Operation में गांठ फटनी नहीं चाहिए

निकालते समय GIST फट जाए — छोटी दरार भी, या गांठ टुकड़ों में निकले — तो उसी पल से वह high-risk मानी जाती है, चाहे कितनी भी छोटी हो, और लौटने की संभावना बहुत बढ़ जाती है. Operation का हर क़दम गांठ के आवरण (capsule) को साबुत रखने के लिए बनाया जाता है.

व्यवहार में इसका मतलब: गांठ को औज़ार से सीधे नहीं पकड़ा जाता; उसके पास की सामान्य दीवार से पकड़ा जाता है. दूरबीन के operation में गांठ के ऊपर gas का दबाव कम रखा जाता है, और हर गांठ थैली (retrieval bag) में ही बाहर आती है, छोटे चीरे से खींचकर कभी नहीं. दूरबीन से सुरक्षित रूप से अलग न हो, तो operation open में बदला जाता है — यह सही फ़ैसला है, नाकामी नहीं. पेट बंद करने के बाद operation ख़त्म होने से पहले leak की जाँच होती है. कहीं और त्वचा से biopsy ली गई हो, तो उस सुई का रास्ता भी निकाला जाता है. गांठ साबुत निकली या नहीं, और कैसे — यह operation note में साफ़ लिखा जाता है, क्योंकि pathologist और oncologist को यह जानना ज़रूरी है.

Console पर कौन है, और किस तरीक़े से

Operation Dr Harsh Shah खुद करते हैं. अच्छी जगह पर पेट की छोटी GIST में laparoscopic या robotic wedge resection आम तरीक़ा है; बड़ी गांठ, नाज़ुक दिखती गांठ, या bleeding या छेद वाली emergency में open surgery चुनी जाती है, क्योंकि वहाँ capsule के लिए वह ज़्यादा सुरक्षित है.

Scan पढ़ने के बाद तरीक़ा आपकी गांठ के हिसाब से तय होता है और सहमति के समय समझाया जाता है. पूछें कि operation के दिन कौन operate करेगा, तारीख़ खिसके तब भी वही रहेंगे या नहीं, और दूरबीन से गांठ एक टुकड़े में न निकले तो क्या होगा.

Operation के जोखिम

Operation का हर ख़तरा सहमति की बातचीत में नाम लेकर बताया जाता है, और आप पर लागू होने वाले आँकड़े — गांठ का आकार और जगह, आपकी उम्र, ताक़त, और operation planned है या तुरंत, इसके हिसाब से — वहीं आमने-सामने दिए जाते हैं. Operation से मृत्यु का ख़तरा साफ़ बताया जाता है, इशारों में नहीं.

सामान्य ख़तरे: खून चढ़ाने जितनी bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़े में clot, दिल की तकलीफ़, और दूरबीन से open में बदलना. GIST surgery के ख़ास ख़तरे: पेट के बंद से leak; staple line से bleeding, जो काले दस्त या खून की उल्टी के रूप में दिखे; भोजन नली के जोड़ या पेट के रास्ते के पास सिकुड़न; कुछ समय पेट का धीरे ख़ाली होना; पूरी सावधानी के बावजूद capsule का फटना, जिससे ख़तरा बढ़े; और wedge के बाद पेट ठीक न रहे ऐसा लगे तो operation के दौरान बड़ा operation. लंबे समय में: आख़िरी risk category के हिसाब से GIST लौटने की संभावना, तीन साल imatinib की संभावना, और नियमित CT.

Operation के बाद तेज़ धड़कन, बुख़ार, पेट का नया दर्द, या काले दस्त या खून की उल्टी — तुरंत बताएँ, और उसी दिन क़दम उठाया जाता है; रात भर इंतज़ार नहीं.

Operation कब नहीं, कब फिर भी मददगार?

GIST liver या पेट की झिल्ली में फैल चुकी हो, तो मुख्य इलाज imatinib है, operation नहीं. फिर भी तीन हालात में operation की जगह है: दवा से अच्छी तरह काबू में आई सीमित बीमारी जो पूरी निकाली जा सके, बाक़ी सब काबू में हो और एक ही जगह गांठ बढ़े, और bleeding या रुकावट जैसी तकलीफ़.

गोली चलते हुए भी हर जगह बढ़ती बीमारी में operation मदद नहीं करता, और Dr Harsh Shah यह साफ़ कहेंगे. इसी तरह, खून बहाती GIST अपने-आप में emergency है: पहले खून और तरल चढ़ाकर मरीज़ को स्थिर करना और endoscopy, फिर operation हड़बड़ी में नहीं, गांठ साबुत निकालने के plan के साथ.

Second opinion कब लेना चाहिए

सहमति से पहले second opinion लेना ठीक है, अगर निकाली जा सकने वाली दिखती गांठ में त्वचा से सुई वाली biopsy कही गई हो, wedge से निकल सकने वाली GIST के लिए पूरा पेट निकालने को कहा गया हो, या भोजन नली के जोड़, पित्त नली के मुँह के पास या मलाशय में नीचे की GIST के लिए imatinib पर बात किए बिना बड़ा operation तय हुआ हो.

Mutation test के बिना imatinib शुरू हो गई हो, या “गोली से ही काम चल जाएगा” कहकर निकाली जा सकने वाली गांठ को लंबे समय तक सिर्फ़ गोली पर रखा गया हो, operation के बाद की pathology report में mitotic count, आकार और गांठ साबुत थी या नहीं, यह न लिखा हो — तब भी second opinion उचित है.

साथ लाएँ: CT सिर्फ़ report नहीं, disc या drive पर; photos के साथ endoscopy और EUS की reports; biopsy और mutation की reports; hemoglobin सहित खून की reports; और चल रही दवाएँ.

सहमति देने से पहले पूछने वाले सवाल

  1. मेरी गांठ के लिए operation ही मुख्य इलाज है, या पहले गोली — और क्यों?
  2. Mutation test हुआ है? उसके हिसाब से imatinib काम करेगी या नहीं?
  3. पेट या आंत का wedge होगा, या बड़ा operation?
  4. दूरबीन, robotic या open — और गांठ एक टुकड़े में न निकले तो क्या?
  5. गांठ न फटे इसके लिए क्या किया जाएगा, और operation note में यह लिखा जाएगा या नहीं?
  6. मेरी उम्र और ताक़त के हिसाब से मेरे अपने ख़तरे क्या हैं — मृत्यु का ख़तरा भी?
  7. Pathology report मेरे साथ कौन पढ़ेगा, और उसके बाद गोली का फ़ैसला कैसे होगा?

मरीज़ों और परिवारों ने क्या कहा

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

★★★★★

“I would like to recommend Dr Swati and Dr Harsh for any gastrointestinal and uro- gynecological related issues..Both doctors are highly experienced and treat patients with utmost care.”

— Neha Jain, Google review, Shah's Cancer & Robotic Surgery Centre listing

★★★★★

“We are very thankful to Dr. Harsh Shah for treating and operating on my father for gastric (stomach) cancer. From the first consultation to the surgery and follow-up, he guided us with great care and explained everything clearly. My father is doing well now, and we are extremely grateful for the treatment and support provided by Dr. Harsh Shah and his team. He is a highly experienced and compassionate doctor. We would definitely recommend Dr. Harsh Shah to anyone looking for an experienced doctor for stomach cancer treatment. Thank you, Doctor, for everything!”

— Moh. Ahsan, Google review

Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही रखे गए हैं — मूल वर्तनी और spacing के साथ. एक review sarcoma की surgery का है — GIST उसी परिवार की गांठ है; बाक़ी दो पेट के cancer के operation के हैं, उसी अंग की अलग गांठ.

Dr Harsh Shah द्वारा की गई पेट की surgery के बाद एक मरीज़ का recovery का अनुभव — पेट के cancer के लिए, GIST से अलग गांठ — लिखित सहमति के साथ रिकॉर्ड और साझा किया गया.

Operation के बाद गोली का फ़ैसला report से

निकाली गई हर GIST चार बातों से वर्गीकृत होती है: आकार, कोशिकाएँ कितनी तेज़ी से बँट रही हैं (mitotic count, एक तय क्षेत्र में गिना जाता है), कहाँ से उगी, और फटी थी या नहीं. ये चारों मिलकर risk category तय करती हैं, और वही category तय करती है कि operation के बाद imatinib दी जाए या नहीं.

Dr Harsh Shah report आपके साथ आमने-सामने पढ़ते हैं. High-risk GIST में आम तौर पर operation के बाद तीन साल imatinib; low-risk में गोली नहीं, सिर्फ़ scan; बीच वाले समूह में फ़ैसला हर मरीज़ के हिसाब से, mutation को देखकर. कुछ GIST — imatinib पर असर न दिखाने वाले बदलाव वाली, और SDH-deficient क़िस्म की — में operation के बाद imatinib दी ही नहीं जाती. Microscope में किनारा पास हो, तो दूसरा operation अपने-आप नहीं होता; tumour board पर सोचा जाता है.

Imatinib दी जाए, तो दवा जितनी ही दो बातें ज़रूरी हैं: रोज़, बिना चुपचाप छोड़े लेना, और असली दवा मिले इसका ध्यान — घटिया generic गोलियाँ एक असली समस्या हैं. उसके बाद risk category के हिसाब से तय schedule पर CT, और high-risk GIST में गोली बंद होने के बाद भी जारी — क्योंकि उसी समय गांठ लौटने की संभावना ज़्यादा होती है.

आपके इलाज के पाँच क़दम

  1. Consultation बुक करें. Gota OPD, अहमदाबाद में — CT, endoscopy या EUS की reports और biopsy हो तो वह साथ.
  2. Tests, tumour board और plan. पेट और pelvis का CT, जहाँ plan बदले वहाँ EUS biopsy और mutation test, hemoglobin ठीक करना, और Dr Harsh Shah के साथ खुद सहमति की बातचीत.
  3. Surgery. Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर में — सीधे, या imatinib से गांठ छोटी होने के बाद — Dr Harsh Shah operate करते हैं.
  4. अस्पताल में छोटा रुकना. Operation के दिन बिस्तर से उठना और घूँट-घूँट पानी, अगले दिनों में तरल और फिर नरम खाना, दिन में कई बार चलना, और जब खा सकें, गोली से दर्द काबू में हो और खुद चल सकें तब घर.
  5. Follow-up और पूरी recovery. Pathology और risk category पर आमने-सामने बात, ज़रूरत हो तो imatinib referral, और लिखित schedule पर CT.

ख़र्च, insurance और भर्ती

GIST के operation का ख़र्च एक आँकड़ा नहीं है. गांठ का आकार और जगह, wedge या बड़ा operation, दूरबीन या open, कमरे का प्रकार और कितने दिन रुकना — इसी से बदलता है. Operation से पहले या बाद की imatinib अलग, लंबा चलने वाला ख़र्च है. भर्ती से पहले लिखित estimate दिया जाता है.

Apollo Hospital, Bhat बड़ी insurance companies और cashless सुविधाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation insurance desk सीधे सँभालता है. Reports के साथ policy की जानकारी दें, और पूछें कि लंबे समय तक खाई जाने वाली cancer की गोलियाँ policy में कैसे आती हैं.

भर्ती के समय लाएँ: disc या drive पर images, endoscopy और biopsy की reports, पुराने discharge summary, ख़ुराक के साथ दवाएँ, insurance card और पहचान-पत्र, और संपर्क के लिए परिवार का एक सदस्य.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जब imatinib से गांठ छोटी हो जाती है, तो operation क्यों करवाएँ?

क्योंकि जो GIST एक बार में पूरी निकल सकती है, उसके लिए operation ही मुख्य इलाज है. Imatinib ख़ास हालात में operation से पहले गांठ छोटी करने के लिए, या ख़तरे के हिसाब से operation के बाद दी जाती है — उसकी जगह नहीं. फैली हुई बीमारी में ज़रूर गोली ही मुख्य इलाज है.

Operation से पहले सुई से biopsy क्यों नहीं?

क्योंकि त्वचा से डाली गई सुई GIST को फाड़ सकती है और सुई के रास्ते गांठ की कोशिकाएँ फैला सकती है. ज़रूरत हो तो biopsy endoscope से ली जाती है. साफ़ तौर पर निकाली जा सकने वाली GIST में अक्सर operation से पहले biopsy की ज़रूरत ही नहीं.

क्या पूरा पेट निकालना पड़ेगा?

ज़्यादातर नहीं. पेट की अधिकतर GIST पेट की दीवार के wedge के साथ निकल जाती हैं, और बाक़ी पेट काम करता रहता है. Wedge से रास्ता सिकुड़ने वाला हो — भोजन नली के जोड़ या पेट के रास्ते के पास — तभी बड़ा operation.

क्या GIST दूरबीन या robot से निकल सकती है?

हाँ, अच्छी जगह पर पेट की कई छोटी GIST में. शर्त एक ही है: गांठ थैली के अंदर, साबुत बाहर आए. बड़ी या नाज़ुक गांठ और emergency में open surgery ज़्यादा सुरक्षित है.

Operation के बाद गोली कितने समय लेनी होगी?

यह pathology report की risk category पर निर्भर है. High-risk में आम तौर पर तीन साल; low-risk में गोली नहीं, सिर्फ़ scan; बीच वाले समूह में फ़ैसला मरीज़ के हिसाब से. कुछ mutation में imatinib दी ही नहीं जाती.

गोली महँगी है, सस्ती generic ले सकते हैं?

Generic imatinib इस्तेमाल होती है, पर असली और भरोसेमंद स्रोत से ही. घटिया गोली से गांठ पर असर न दिखे, तो वह बीमारी का बढ़ना लग सकता है. हर मुलाकात पर गोली रोज़ लेने और दवा के स्रोत की बात होती है.

Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan देखना, follow-up और नियमित जाँच.
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601

Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 17 reviews में 4.94
Apollo, Bhat का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

GIST के operation के लिए पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Himmatnagar, Palanpur, Nadiad, Anand, Rajkot, Bhavnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान व पश्चिमी मध्य प्रदेश से परिवार अहमदाबाद आते हैं.

पहली मुलाकात में CT, endoscopy या EUS की report और biopsy हो तो वह साथ लाएँ. Images और reports मुलाकात से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पहले से पढ़ी हुई हों. इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है. Call +91-63555-64601 · WhatsApp पर clinic से संपर्क

Rate this page

Get health updates from Dr Harsh Shah on WhatsApp

Swasth Parivar: twice a month, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.

Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.

Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.