Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
Colon cancer surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर
राजस्थान या मध्य प्रदेश से आने वाले कई परिवार एक ही उलझन लेकर आते हैं: “पेट फूल गया है, वहाँ के अस्पताल ने तुरंत operation बोला है — अभी करवाएँ या अहमदाबाद आएँ?” बाईं तरफ़ की बड़ी आंत के cancer में यह फ़ैसला तीन सवालों से होता है, और Dr Harsh Shah उन्हें खुद, तारीख़ देने से पहले, जाँचते हैं. आंत बंद है या बंद होने वाली है? पूरी बड़ी आंत में दूसरी गांठ देखी गई है? और गांठ किसी पास के अंग से चिपकी है? इन्हीं जवाबों से तय होता है कि planned operation में आंत जुड़ेगी, पहले stent डालकर समय लिया जाएगा, या operation stoma के साथ ख़त्म होगा. यह पन्ना वह फ़ैसला, उसे बदलने वाली बातें और सहमति से पहले पूछे जाने वाले सवाल समझाता है.
Gota OPD में Dr Harsh Shah आपको देखते हैं, सहमति (consent) खुद लेते हैं, और Apollo Hospital, Bhat में operation भी खुद करते हैं. Plan किसी एक व्यक्ति की सोच नहीं होता: staging पूरी होते ही हर colon cancer का case tumour board पर रखा जाता है.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology की super-specialty training, उसी specialty में दो बार qualification, और GI व cancer surgery में 18 साल का अनुभव. बड़ी आंत, मलाशय, पेट, भोजन नली, pancreas और पित्त की नली के operation — यही पूरी practice है, general surgery की सूची की एक पंक्ति नहीं.
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 17 reviews में 4.94.
Tumour board पर surgeon, medical oncologist, radiologist और pathologist एक ही colonoscopy, एक ही CT और एक ही biopsy देखते हैं. इससे आप जिस operation के लिए सहमति देते हैं, वह पूरी team की पसंद होता है.
बाईं तरफ़ की बड़ी आंत (colon) के cancer में गांठ के साथ उस हिस्से को खून देने वाली नस और lymph nodes वाली चर्बी भी निकाली जाती है. कौन-सी नस, और इसलिए कितनी आंत — यह गांठ की सही जगह पर निर्भर है. इसलिए colonoscopy report में जगह साफ़ लिखी होनी चाहिए, और वहाँ tattoo का निशान लगा होना चाहिए.
| गांठ कहाँ है | Operation | जड़ से बाँधी जाने वाली नस | क्या उम्मीद रखें |
|---|---|---|---|
| Transverse colon का आख़िरी हिस्सा या splenic flexure | Extended right या left hemicolectomy, tumour board पर तय | Middle colic, ज़रूरत हो तो left colic के साथ | Lymph nodes किस तरफ़ जाते हैं, उस पर निर्भर; कौन-सी तरफ़ और क्यों, यह पूछें |
| Descending colon | Left hemicolectomy | Left colic | बची हुई आंत का जोड़; शौच की आदत कुछ हफ़्तों में सामान्य होती है |
| Sigmoid colon | Sigmoid colectomy या anterior resection | Inferior mesenteric artery, high या low tie | जोड़ पेट में नीचे बनता है; जोड़ पर ख़तरा हो तो बचाव के लिए stoma की बात होती है |
| कोई भी जगह, गांठ पेशाब की थैली, बच्चेदानी, छोटी आंत या पेट की दीवार से चिपकी | वही operation, चिपका हिस्सा साथ में एक टुकड़े में | ऊपर जैसा | लंबा operation; अतिरिक्त अंग पहले से planned, अचानक नहीं |
इन सभी operations में cancer के नियम एक ही हैं: नस अपनी जड़ से बाँधी जाए, उस हिस्से के चारों ओर की चर्बी का पूरा आवरण बिना फटे निकले, और गांठ के दोनों ओर पर्याप्त आंत ली जाए. इसी से pathologist को वे lymph nodes मिलते हैं जो तय करते हैं कि बाद में chemotherapy चाहिए या नहीं. अगर गांठ sigmoid में बहुत नीचे, मलाशय की शुरुआत के पास है, तो rectal cancer के नियम लागू होते हैं — वह बात मलाशय के cancer की सर्जरी वाले पन्ने पर है. दाईं तरफ़ का cancer बिल्कुल अलग operation है, जो Right Hemicolectomy वाले पन्ने पर समझाया गया है.
बाईं तरफ़ की आंत में मल सख़्त होता है, इसलिए वहाँ की गांठ दाईं तरफ़ की तुलना में ज़्यादा बार आंत बंद करके ही सामने आती है. आंत बंद है, आधी बंद है या खुली — यही एक बात operation को सबसे ज़्यादा बदलती है, इसलिए सबसे पहले यही तय होती है.
आंत खुली हो और आप operation के लिए fit हों, तो operation planned होता है: आंत साफ़ की जाती है, गांठ और lymph nodes निकाले जाते हैं, और दोनों सिरे जोड़ दिए जाते हैं. ज़्यादातर मरीज़ इसी रास्ते से जाते हैं.
आंत बंद हो, तो फ़ैसला आपकी हालत और cancer के फैलाव पर टिकता है. Fit मरीज़ में आम तौर पर उसी operation में गांठ निकाल दी जाती है; फिर surgeon तय करते हैं कि आंत जोड़नी है, जोड़कर ऊपर अस्थायी stoma रखना है ताकि जोड़ सुरक्षित रहे, या आंत को stoma के रूप में बाहर लाकर नीचे का सिरा बंद करना है — जिसे Hartmann’s procedure कहते हैं. यह आख़िरी रास्ता तब, जब आंत बहुत फूली हो, गंदगी फैल चुकी हो, या मरीज़ की हालत स्थिर न हो. जो मरीज़ बड़े emergency operation के लिए fit नहीं है, या जिसका cancer पहले से फैल चुका है, उसमें colonoscope से धातु का stent डालकर रास्ता खोला जा सकता है. यह stent या तो कुछ हफ़्ते बाद के planned operation तक का पुल बनता है — आंत साफ़, मरीज़ मज़बूत — या जहाँ operation से फ़ायदा न हो, वहाँ यही इलाज बनता है.
आंत फट गई हो तो बात अलग है: गांठ निकाली जाती है, पेट धोया जाता है, और ज़्यादातर stoma करना पड़ता है. Pathology report पढ़ते समय आंत का फटना अपने-आप में high-risk बात मानी जाती है, lymph nodes चाहे जो दिखाएँ. इसलिए जब कोई परिवार पूछता है कि घर के पास operation कराएँ या आएँ, तो पहला जवाब मरीज़ की उस दिन की हालत से आता है, दूरी से नहीं.
Planned operation को पाँच बातें बदल सकती हैं: बड़ी आंत में कहीं और दूसरी गांठ, पास के अंग से चिपकी गांठ, liver या फेफड़ों में फैलाव, biopsy पर mismatch repair test का नतीजा, और आपकी अपनी ताक़त और पोषण. ये सब operation से पहले खोजी जाती हैं, operation के बीच अचानक नहीं.
कहीं और दूसरी गांठ. कुछ लोगों में बड़ी आंत के दूसरे हिस्से में दूसरा cancer या बड़ा polyp होता है. इसलिए operation से पहले caecum तक पूरी आंत देखनी पड़ती है. गांठ के कारण colonoscope आगे न जाए, तो CT colonography होती है, या operation के कुछ महीनों में colonoscopy. बाक़ी आंत देखना कभी छोड़ा नहीं जाता.
पास के अंग से चिपकी गांठ. Cancer पेशाब की थैली, बच्चेदानी, छोटी आंत या पेट की दीवार पर चढ़ गया हो, तो वह चिपका हिस्सा भी गांठ के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है. गांठ को अंग से छुड़ाने पर cancer पीछे रह जाता है — और जो operation बीमारी को पूरा निकाल सकता था, वह अधूरा रह जाता है.
Liver या फेफड़ों में फैलाव. गिनी-चुनी गांठें हों तो वे भी निकाली जा सकती हैं — आंत के साथ एक ही बार में, या अलग operation में. कौन-सा क्रम सुरक्षित है, यह tumour board तय करता है.
Mismatch repair का नतीजा. हर colon cancer की biopsy पर mismatch repair test होता है. यह ख़ानदानी Lynch syndrome पकड़ता है और chemotherapy व immunotherapy का तरीक़ा बदलता है. गांठ mismatch repair deficient हो, तो operation से पहले के इलाज पर अभी अध्ययन चल रहे हैं, और तारीख़ तय होने से पहले case tumour board पर जाता है.
ताक़त, खून और पोषण. Colon cancer से धीरे-धीरे खून जाता है, इसलिए कई मरीज़ कम hemoglobin के साथ आते हैं. गोलियों से समय पर न बढ़े तो IV iron दिया जाता है; sugar control किया जाता है; बीड़ी, सिगरेट और शराब काफ़ी पहले बंद की जाती है. जिनका वज़न घटा हो या रोज़ का काम भारी लगता हो, उन्हें पहले पोषण और व्यायाम का छोटा कार्यक्रम दिया जाता है.
Stoma की ज़रा भी संभावना हो, तो आपको बताया जाता है और हर बार उसकी सहमति ली जाती है, चाहे संभावना कम हो. बाईं तरफ़ stoma के कारण हैं: बंद या फटी आंत, नीचे बनने वाला या असुरक्षित लगने वाला जोड़, और अस्थिर मरीज़ में emergency — और ऐसे ज़्यादातर stoma अस्थायी होते हैं.
साफ़ की गई आंत में planned left hemicolectomy या sigmoid colectomy ज़्यादातर जोड़ के साथ, बिना stoma के पूरा होता है. जहाँ stoma की संभावना हो, ऐसे हर operation से पहले stoma nurse आपके बैठे, खड़े और झुके रहने पर पेट पर सही जगह निशान लगाती है, ताकि थैली लगे तो आप उसे देख सकें और खुद सँभाल सकें. अस्थायी stoma बंद करने का operation छोटा और planned होता है — जोड़ भरने और chemotherapy पूरी होने के बाद.
असल में, मलाशय से ऊपर की बाईं बड़ी आंत के cancer में “हमेशा की थैली” बहुत कम ही होती है. किसी ने इसे पक्का बताया हो, तो कारण ज़रूर पूछें.
Operation Dr Harsh Shah खुद करते हैं. Colon cancer के लिए laparoscopic (दूरबीन) surgery स्थापित मानक है — open जितना ही cancer का नतीजा और जल्दी recovery. Robotic surgery वहाँ इस्तेमाल होती है जहाँ उससे मदद मिले, ख़ासकर नीची sigmoid गांठ में pelvis के अंदर. बड़ी गांठ, किसी और अंग के साथ निकालना, या पुराने operation से पेट में बहुत चिपकाव — वहाँ open surgery ही सही चुनाव है.
Scan पढ़ने के बाद तरीक़ा आपकी गांठ और आपके पेट के हिसाब से तय होता है, और सहमति के समय समझाया जाता है. Operation के बीच दूरबीन से open में जाना पड़े, तो वह cancer का operation पूरा और सुरक्षित रखने का फ़ैसला है, नाकामी नहीं — और उसकी सहमति पहले से ली जाती है. तरीक़ा कोई भी हो, नियम नहीं बदलते: नस जड़ से बाँधी जाए, गांठ को पकड़ा या बिखेरा न जाए, और पूरा हिस्सा एक टुकड़े में बाहर आए. पूछें कि operation के दिन कौन operate करेगा, और तारीख़ खिसके तब भी वही रहेंगे या नहीं.
बाईं बड़ी आंत के operation का हर ख़तरा सहमति की बातचीत में नाम लेकर बताया जाता है, और आप पर लागू होने वाले आँकड़े — आपकी उम्र, ताक़त, operation planned है या emergency, और गांठ कितनी आगे है, इसके हिसाब से — वहीं आमने-सामने दिए जाते हैं. Operation से मृत्यु का ख़तरा भी साफ़ बताया जाता है, इशारों में नहीं.
किसी भी बड़े पेट के operation के सामान्य ख़तरे: खून चढ़ाने जितनी bleeding, घाव में infection, पैर की नस या फेफड़े में clot, दिल या साँस की तकलीफ़, और दूरबीन से open में बदलना. Colon surgery के ख़ास ख़तरे: जोड़ से leak — जो दाईं की तुलना में बाईं या sigmoid के जोड़ में ज़्यादा होता है; आंतों का देर से चालू होना; बाईं colon के पास से गुज़रने वाली पेशाब की नली — ureter को चोट; पेट के अंदर मवाद; जोड़ का सिकुड़ना; और अस्थायी या स्थायी stoma की ज़रूरत. लंबे समय में: चीरे की जगह hernia, और आंतों के चिपकने से रुकावट.
एक चेतावनी याद रखने लायक है. Operation के बाद के दिनों में तेज़ धड़कन, बुख़ार, पेट का नया दर्द, या सुधरता मरीज़ अचानक पीछे जाने लगे — तो इसे leak मानकर ही चला जाता है, जब तक साबित न हो कि नहीं है. Scan होता है और consultant surgeon को तुरंत ख़बर दी जाती है; रात भर इंतज़ार नहीं होता.
सहमति से पहले second opinion लेना ठीक है, अगर पूरी बड़ी आंत देखी न गई हो, छाती का CT न हुआ हो, biopsy पर mismatch repair test की बात न हुई हो, tumour board के बिना plan बना हो, या हमेशा की थैली पक्की है ऐसा बिना कारण समझाए कहा गया हो.
आधी बंद आंत हो, मरीज़ स्थिर हो और तैयारी हो सकती हो, फिर भी emergency stoma कहा जाए; किसी अंग से चिपकी गांठ को “छुड़ा देंगे” कहा जाए; या liver surgeon द्वारा images देखे बिना liver के फैलाव को operation से बाहर कह दिया जाए — तब भी second opinion लेना उचित है.
साथ लाएँ: colonoscopy की report और photos, CT की images disc या drive पर, biopsy report, CEA, और दवाओं की सूची.
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“My wife was suffering from colon cancer. Dr harsh shah performed her surgery 1 year back. And now she is cancer free with the grace of almighty and dr harsh shah’s treatment. He treats patients as his own family member. I may blindly tell any patient to approach him. Dr. harsh. Thank you is not enough. My sincere gratitude for all the help and advice you have given to us!”
— Joseph Sibi, Google review, Gota clinic listing
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“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”
— Nagesh Patidar, Google review, Gota clinic listing
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“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”
— Ismailbhai Shaikh, Google review
Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही रखे गए हैं — मूल वर्तनी और spacing के साथ.
Dr Harsh Shah द्वारा की गई laparoscopic colon cancer surgery के बाद एक मरीज़ का अपना अनुभव — लिखित सहमति के साथ रिकॉर्ड और साझा किया गया.
Dr Harsh Shah हिंदी में समझाते हैं कि colon cancer क्या है और उसका इलाज किस क्रम में होता है.
Colon cancer की असली stage तभी पता चलती है, जब pathologist निकाली गई आंत की जाँच करता है. उस report की चार बातें — कितने lymph nodes जाँचे गए और किसी में cancer है या नहीं, किनारे (margin) साफ़ हैं या नहीं, mismatch repair का नतीजा, और कोई high-risk बात — तय करती हैं कि chemotherapy दी जाएगी या नहीं.
Operation के लगभग दो हफ़्ते बाद Dr Harsh Shah report आपके साथ आमने-सामने पढ़ते हैं. Lymph nodes साफ़ हों और कोई high-risk बात न हो, तो ज़्यादातर operation ही काफ़ी होता है, फिर नियमित जाँच. Lymph nodes में cancer हो, तो chemotherapy दी जाती है — operation के लगभग छह से आठ हफ़्तों के अंदर शुरू हो जाए तो बेहतर — और वह समय निकलने से पहले referral हो जाता है. कम lymph nodes मिलना, गांठ का आंत की दीवार पार कर जाना, या आंत का फटना — ये भी chemotherapy पर बात करने के कारण हैं. ख़ानदानी कारण की संभावना हो तो genetics referral भी दिया जाता है.
नियमित जाँच ज़रूरी है: CEA का blood test, लिखित schedule के अनुसार scan, और operation के एक साल बाद colonoscopy, फिर तय अंतराल पर. CEA बढ़े और scan सामान्य आए, तो दोबारा देखना है — इंतज़ार नहीं करना.
बाईं बड़ी आंत के cancer के operation का ख़र्च एक आँकड़ा नहीं है. कौन-सा operation, planned या emergency, कोई और अंग निकालना है या नहीं, पहले stent डालना है या नहीं, कमरे का प्रकार और कितने दिन रुकना — इसी से बदलता है. भर्ती से पहले लिखित estimate दिया जाता है.
Apollo Hospital, Bhat बड़ी insurance companies और cashless सुविधाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation insurance desk सीधे सँभालता है. दूसरे शहर या राज्य से आ रहे हों, तो policy में Gujarat के अस्पताल की cashless सुविधा पहले पक्की कर लें; बाद में stoma बंद करने का operation होने की संभावना हो, तो दोनों चरणों का estimate माँगें.
भर्ती के समय लाएँ: colonoscopy और CT की reports images के साथ, पुराने discharge summary, ख़ुराक के साथ चल रही दवाएँ, insurance card और पहचान-पत्र, और संपर्क के लिए परिवार का एक सदस्य.
यह उस दिन की हालत पर निर्भर है. आंत फटने के लक्षण, तेज़ बुख़ार या blood pressure गिरना हो, तो देर नहीं की जाती. मरीज़ स्थिर हो, तो कई बार आंत को आराम देकर कुछ दिनों में planned operation हो सकता है, या stent से रास्ता खोलकर बाद में operation किया जा सकता है.
ज़्यादातर नहीं. साफ़ की गई आंत में planned operation जोड़ के साथ, बिना stoma के पूरा होता है. बंद या फटी आंत, नीचे बनने वाला जोड़, या emergency में stoma लगता है — और वह ज़्यादातर अस्थायी होता है.
इसका मतलब है कि गांठ के आगे की आंत देखी नहीं गई. Operation से पहले CT colonography होती है, या operation के कुछ महीनों में colonoscopy, ताकि कहीं और दूसरी गांठ छूट न जाए.
ज़्यादातर मरीज़ों में हाँ. Colon cancer के लिए laparoscopic surgery स्थापित मानक है, और जहाँ मदद मिले वहाँ robotic surgery इस्तेमाल होती है. बड़ी गांठ, किसी और अंग के साथ निकालना, या बहुत चिपका हुआ पेट हो, तो open surgery चुनी जाती है.
यह pathology report तय करती है, पहले से नहीं. Lymph nodes साफ़ हों और कोई high-risk बात न हो, तो ज़्यादातर operation ही काफ़ी है. Lymph nodes में cancer हो तो chemotherapy दी जाती है, और वह समय पर शुरू हो, इसका ध्यान रखा जाता है.
हाँ, cancer के operation से पहले second opinion लेना सामान्य बात है. CT की images disc या drive पर, colonoscopy और biopsy की reports, और चल रही दवाओं की सूची साथ लाएँ, ताकि वही tests दोबारा न कराने पड़ें.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan देखना, follow-up और नियमित जाँच.
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601
Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 17 reviews में 4.94
Apollo, Bhat का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601
बड़ी आंत के cancer के operation के लिए पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Himmatnagar, Palanpur, Nadiad, Anand, Rajkot, Bhavnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान व पश्चिमी मध्य प्रदेश से परिवार अहमदाबाद आते हैं.
पहली मुलाकात में colonoscopy की report और CT साथ लाएँ. Scan की images, biopsy report और खून की reports मुलाकात से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पहले से पढ़ी हुई हों. इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है. Call +91-63555-64601 · WhatsApp पर clinic से संपर्क
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