Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
बड़ी आंत के cancer के surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर
अंतिम संशोधन: 11 अक्टूबर 2026
कई परिवार पूछते हैं कि गाँठ छोटी है, तो आंत का इतना बड़ा हिस्सा क्यों निकलेगा। बड़ी आंत का आड़ा हिस्सा पेट के ऊपरी भाग में एक ओर से दूसरी ओर जाता है। यहाँ का cancer दो बड़े ऑपरेशनों में से एक से निकाला जाता है, और गाँठ ठीक कहाँ है, यही तय करता है कि कौन-सा।
यह पेज बताता है कि Dr Harsh Shah यह चुनाव कैसे करते हैं, और कौन-सी बातें योजना बदलती हैं, दूसरी राय कब काम आती है, और दस्तख़त से पहले क्या पूछना है। बड़ी आंत के cancer की आम जानकारी यहाँ नहीं है।
दो ऑपरेशनों में से चुनाव tumour board में होता है। Dr Harsh Shah आपको यह समझाते हैं, और फिर Apollo Hospital, भाट में ऑपरेशन ख़ुद करते हैं।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology में super-specialty प्रशिक्षण, इसी विषय में दो बार योग्यता, और GI तथा cancer surgery में 18 वर्ष का अनुभव। बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन उनके रोज़ के काम का हिस्सा हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी follow-up तक surgeon एक ही रहते हैं।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद
Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, भाट पर 18 reviews में 4.94।
Tumour board में surgeon, cancer के physician, radiologist और pathologist एक ही colonoscopy, CT और biopsy पढ़ते हैं। बीच वाली आंत की गाँठ में यह साथ बैठ कर पढ़ना और भी ज़रूरी है, क्योंकि चुनाव इस पर टिका है कि गाँठ कहाँ है और कौन-सी नलियाँ उसे ख़ून देती हैं। फिर Dr Shah आपके और परिवार के साथ बैठ कर ऑपरेशन का नाम बताते हैं और समझाते हैं कि वही क्यों।
बड़ी आंत के आड़े हिस्से को दाईं और बाईं, दोनों ओर की नलियों से ख़ून मिलता है। उसकी lymph nodes भी उन्हीं नलियों के साथ चलती हैं, इसलिए ऑपरेशन उन्हीं नलियों के हिसाब से होता है।
बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन में आंत, उसे ख़ून देने वाली नली और lymph nodes वाली चर्बी साथ निकलती है। नली जड़ से बाँधी जाती है। दाईं या बाईं आंत में एक साफ़ नली होती है; आड़े हिस्से में दो हो सकती हैं। इसलिए colonoscopy में गाँठ की ठीक जगह लिखवाना और स्याही का निशान (tattoo) लगवाना ज़रूरी है। यहाँ की छोटी गाँठ बाहर से दिखना मुश्किल होता है। निशान के बिना surgeon पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि कौन-सी नलियाँ उसे drain करती हैं।
| गाँठ कहाँ है | ऑपरेशन | जड़ से बाँधी जाने वाली नलियाँ |
|---|---|---|
| लिवर के पास का मोड़ (hepatic flexure), या आड़े हिस्से की शुरुआत | Extended right hemicolectomy | Ileocolic और right colic, साथ में middle colic |
| आड़े हिस्से का आख़िरी भाग, या तिल्ली के पास का मोड़ (splenic flexure) | Extended right या extended left hemicolectomy, tumour board चुनता है | Middle colic, ज़रूरत हो तो left colic के साथ |
| दाईं ओर नीचे, या बाईं ओर नीचे | अलग ऑपरेशन: दाहिनी आंत का ऑपरेशन या बाईं आंत के फ़ैसले वाला पेज देखें | उस जगह के हिसाब से |
आड़े हिस्से के आख़िरी भाग की गाँठ के लिए दोनों ऑपरेशन मान्य हैं। Tumour board कुछ सीधी बातें देख कर एक चुनता है।
Extended right ऑपरेशन में दाहिनी आंत और आड़े हिस्से का बड़ा भाग निकलता है, और छोटी आंत का सिरा बची हुई बड़ी आंत से जोड़ा जाता है। Extended left ऑपरेशन में आड़े हिस्से का आख़िरी भाग और बाईं आंत का ऊपरी भाग निकलता है, और बड़ी आंत के दो सिरे जोड़े जाते हैं। जो भी चुना जाए, नियम वही: नली जड़ से बँधे, lymph nodes वाली चर्बी पूरी निकले, और गाँठ के दोनों ओर स्वस्थ आंत ली जाए। आपके लिए कौन-सा तय हुआ और क्यों, यह ज़रूर पूछिए।
आड़ी बड़ी आंत आमाशय (stomach), pancreas और छोटी आंत के पास लटकी रहती है। गाँठ इनमें से किसी अंग पर चढ़ गई हो, तो ऑपरेशन बड़ा हो जाता है।
Scan में गाँठ किसी पड़ोसी अंग से चिपकी दिखे, तो चिपका हिस्सा आंत के साथ एक ही टुकड़े में निकलता है। उसे छील कर अलग नहीं किया जाता। छीलने से cancer पीछे छूट जाता है, और जो ऑपरेशन बीमारी साफ़ कर सकता था, वह फिर नहीं कर पाता। किसी दूसरे अंग का हिस्सा निकालने वाले ऑपरेशन पर पहले tumour board में चर्चा होती है, और अक्सर वह open ऑपरेशन के रूप में होता है। दस्तख़त से पहले आपको यह बताया जाता है, ताकि वह अंग पहले से योजना में हो, ऑपरेशन के दिन अचानक न मिले।
रुकी या फटी आंत, लिवर तक फैलाव, आपकी ताक़त और MMR का नतीजा, हर एक ऑपरेशन या उसका समय बदल सकता है। तारीख़ से पहले सब जाँचा जाता है।
| क्या मिला | क्या बदलता है |
|---|---|
| आंत रुकी है | गाँठ कहाँ है, यह देख कर surgeon तय करते हैं कि किस ओर के नियम लागू होंगे। दाईं ओर के नियम में गाँठ निकाल कर तुरंत जोड़ना आम तौर पर सुरक्षित है। बाईं ओर के नियम में सुरक्षा के लिए थैली, Hartmann’s ऑपरेशन, या कमज़ोर मरीज़ में पहले stent चाहिए हो सकता है। |
| आंत फट गई है | गाँठ निकालना, पेट अंदर से धोना, और ज़्यादातर थैली। बाद में यह ज़्यादा ख़तरे का संकेत भी माना जाता है। |
| लिवर या फेफड़ों में धब्बे | Tumour board तय करता है कि निकाले जा सकते हैं या नहीं, और उसी ऑपरेशन में या अलग। |
| ताक़त, ख़ून की कमी और पोषण | हर मुलाक़ात पर ताक़त नापी जाती है। ख़ून की कमी, sugar और घटा वज़न पहले सुधरते हैं। वज़न बहुत कम हो या शरीर थका हो, तो खाने और कसरत का छोटा कार्यक्रम। |
| Biopsy पर MMR का नतीजा | वंशानुगत कारण की जाँच। कमी हो तो तारीख़ से पहले case tumour board में जाता है। |
| बड़ी आंत बहुत फूली है या दबाने पर दर्द है | फटने की चेतावनी। Consultant surgeon उसी दिन देखते हैं। |
ऑपरेशन Dr Harsh Shah ख़ुद करते हैं। तरीक़ा आपकी गाँठ और आपके पेट के हिसाब से चुना जाता है, और तरीक़ा कोई भी हो, cancer के नियम वही रहते हैं।
बड़ी आंत के cancer के लिए दूरबीन (laparoscopic) ऑपरेशन मान्य तरीक़ा है। Cancer के नतीजे open जैसे ही, और मरीज़ जल्दी उठ कर चलने लगता है। अनुभवी हाथों में robotic surgery भी मान्य विकल्प है। बड़ी गाँठ, आमाशय या pancreas से चिपकी गाँठ, या पहले के ऑपरेशन से पेट में चिपकाव हो, तो open ऑपरेशन सही फ़ैसला है। ऑपरेशन के बीच दूरबीन से open में जाना पड़े, तो वह ऑपरेशन को पूरा और सुरक्षित रखने के लिए है; यह नाकामी नहीं है, और इसकी सहमति पहले ली जाती है। पूछिए कि ऑपरेशन वाले दिन कौन करेगा, और तारीख़ खिसके तो भी वही रहेंगे या नहीं।
असली stage निकाली गई आंत की जाँच के बाद ही पता चलता है। Pathology report की चार बातें तय करती हैं कि chemotherapy बताई जाएगी या नहीं।
Discharge के बाद की पहली मुलाक़ात पर, लगभग दो हफ़्ते में, report आपके साथ पढ़ी जाती है। Chemotherapy बताई जाए तो आम तौर पर ऑपरेशन के छह से आठ हफ़्ते के अंदर शुरू होती है।
हर जोखिम consent वाली मुलाक़ात में नाम लेकर बताया जाता है। उम्र, ताक़त और तुरंत वाले ऑपरेशन के हिसाब से आप पर लागू आँकड़े वहीं आमने-सामने दिए जाते हैं, web page पर नहीं।
आम जोखिम: ख़ून चढ़ाना पड़े इतनी bleeding; घाव में infection; पैर या फेफड़ों में थक्का; दिल या साँस की तकलीफ़; बेहोशी की दवा से जुड़ी तकलीफ़; और दूरबीन से open ऑपरेशन में बदलना। इस ऑपरेशन के जोखिम: जोड़ से leak; आंतों का देर से चालू होना; extended right ऑपरेशन के बाद दूध जैसा lymph पानी रिसना (chyle leak); ureter में चोट; पेट में मवाद; जोड़ का सिकुड़ना; और अस्थायी या स्थायी थैली। आमाशय या pancreas का हिस्सा निकले, तो उसके अपने जोखिम भी समझाए जाते हैं। लंबे समय में: चीरे की जगह hernia, और चिपकाव से रुकावट। मृत्यु का जोखिम साफ़ बताया जाता है। सब निकालने के बाद भी cancer लौट सकता है, इसलिए follow-up और colonoscopy जीवन भर।
पहले हफ़्ते में तेज़ धड़कन, बुख़ार, नया दर्द, या सुधरता मरीज़ पीछे जाने लगे, तो जब तक कुछ और साबित न हो, इसे leak माना जाता है। तुरंत scan होता है और consultant surgeon को ख़बर दी जाती है।
दोनों में से कौन-सा ऑपरेशन तय हुआ और क्यों, यह आप न बता सकें, या ऑपरेशन तय करने वाला कोई क़दम छूट गया हो, तो दूसरी राय मदद करती है।
आपकी योजना से सहमत राय भी लेने लायक़ है। Colonoscopy की report और तस्वीरें, CT की CD, biopsy report, CEA, ताज़ा ख़ून की reports और दवाओं की सूची साथ लाइए।
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“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”
— Ismailbhai Shaikh, Google review
★★★★★
“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”
— Nagesh Patidar, Google review
★★★★★
“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”
— tina parmar, Google review
Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही, असली वर्तनी के साथ, बिना एक भी शब्द बदले रखे गए हैं। पहला review Dr Harsh Shah के किए बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बारे में है; बाक़ी दो उनके cancer इलाज के बारे में आम तौर पर हैं। किसी में आड़े हिस्से का ज़िक्र नहीं है।
Dr Harsh Shah के किए बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बाद एक मरीज़ अपना अनुभव बताते हैं; सहमति से रिकॉर्ड किया गया।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि कौन-सा ऑपरेशन होता है, कोई दूसरा अंग शामिल है या नहीं, ऑपरेशन का तरीक़ा और अस्पताल के दिन। भर्ती से पहले लिखा अनुमान दिया जाता है।
Apollo Hospital, भाट बड़ी बीमा कंपनियों और cashless सुविधाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation office सँभालता है। रुकना लंबा हो तो उसी समय enhancement की अर्ज़ी दी जाती है। भर्ती के समय लाएँ: scan की CD या drive, colonoscopy और biopsy की report, ख़ुराक के साथ दवाएँ, बीमा कार्ड और पहचान पत्र, और साथ रहने वाला परिवार का एक सदस्य।
आम तौर पर एक दूसरे से बेहतर नहीं है। लिवर के पास के मोड़ की गाँठ के लिए extended right ऑपरेशन मान्य तरीक़ा है। आगे की गाँठ के लिए दोनों मान्य हैं, और tumour board गाँठ की जगह और नलियों के हिसाब से चुनता है।
ऑपरेशन में गाँठ को drain करने वाली lymph nodes निकालनी होती हैं। वे गाँठ को ख़ून देने वाली नलियों के साथ होती हैं, इसलिए आंत कितनी निकलेगी, यह नलियाँ तय करती हैं, गाँठ का आकार नहीं।
तय ऑपरेशन के बाद आम तौर पर नहीं। आंत रुकी या फटी हो, या जोड़ सुरक्षित न लगे, तब संभावना बढ़ती है। संभावना हो तो पहले बताया जाता है और सहमति ली जाती है।
चिपका हिस्सा आंत के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है। यह ऑपरेशन से पहले तय होता है, tumour board में चर्चा होती है, और अक्सर open ऑपरेशन के रूप में होता है।
बिना उलझन वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद आम तौर पर चार से पाँच दिन। खाना शुरू हो, आंत चालू हो, दर्द क़ाबू में रहे और आप ख़ुद चल सकें, तब घर।
यह pathology report पर निर्भर है। Lymph nodes में cancer या ज़्यादा ख़तरे वाली बातें हों, तो आम तौर पर chemotherapy। नहीं तो नियमित जाँच काफ़ी हो सकती है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, अहमदाबाद
Consultation, scans की समीक्षा, follow-up और नियमित जाँच।
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601
Apollo Hospital — भाट, गांधीनगर
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, भाट, गांधीनगर।
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 18 reviews में 4.94
Apollo, भाट का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601
बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के लिए पूरे गुजरात से — गांधीनगर, मेहसाणा, बनासकांठा, नडियाद, आणंद, भावनगर, राजकोट, जामनगर और कच्छ — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से परिवार अहमदाबाद आते हैं।
Cancer बड़ी आंत के आड़े हिस्से में है और बड़ा ऑपरेशन बताया गया है? Colonoscopy की report तस्वीरों के साथ, biopsy report, CT scan की CD और CEA की report appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होते समय ये पढ़ी जा चुकी हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है। कॉल करें +91-63555-64601 · Reports पहले WhatsApp पर भेजें
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