WhatsApp

"पहले निकाल देते हैं, फिर जाँच करेंगे" सही है?

Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर

अंतिम अपडेट: 12-Oct-2026

Retroperitoneal sarcoma के surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, Gota, Ahmedabad · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर

पेट के पिछले हिस्से की बड़ी गाँठ के लिए यह सलाह अक्सर मिलती है, पर यहाँ यह उल्टी पड़ सकती है। ऐसी गाँठ sarcoma हो सकती है, और उसका पहला operation ही आगे का काफ़ी कुछ तय करता है।

इसलिए हर चीरे से पहले दो बातें तय होती हैं। पहले पीठ या बगल से core biopsy। फिर एक योजनाबद्ध operation, जो गाँठ को उससे चिपके अंगों के साथ एक ही टुकड़े में निकाले।

उस operation में अक्सर एक kidney, आँत का हिस्सा या कोई मांसपेशी भी गाँठ के साथ निकलती है। हर अंग का नाम operation से पहले बताया और मंज़ूर कराया जाता है।

यह पेज उसी फ़ैसले के बारे में है: फ़ैसला कौन लेता है, योजना क्या बदलता है, second opinion कब लें, और consent पर दस्तख़त से पहले क्या पूछें। Sarcoma बीमारी की आम जानकारी यहाँ नहीं है।

फ़ैसला कौन लेता है?

Dr Harsh Shah Gota OPD पर आपसे मिलते हैं, scan और biopsy को sarcoma की विशेषज्ञ बैठक में रखते हैं, योजना ख़ुद समझाते हैं, और Apollo Hospital, Bhat में operation ख़ुद करते हैं।

Dr Harsh Shah, पेट के cancer के surgeon, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology की super-specialty ट्रेनिंग, और पेट के cancer की surgery में 18 साल का अनुभव। गाँठ को आँत, pancreas, तिल्ली या kidney के साथ एक साथ निकालने वाले operation उनके काम का हिस्सा हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी scan तक वही surgeon आपको देखते हैं।

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Gota clinic पर 216 Google reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 18 reviews में 4.94 rating।

योजना किसी एक व्यक्ति की राय नहीं होती। पेट के पिछले हिस्से की हर गाँठ biopsy से पहले और फिर operation से पहले बैठक में रखी जाती है। Surgeon, cancer के physician, sarcoma के scan पढ़ने वाले radiologist और विशेषज्ञ pathologist, सब वही scan और slides देखते हैं। आपको जो operation सुझाया जाता है, वही होता है जो पूरी टीम चुनती। फिर कोई तारीख़ तय होने से पहले Dr Shah आपको और परिवार को सरल भाषा में समझाते हैं।

चीरे से पहले के दो नियम

बिना निदान के पेट के पिछले हिस्से की गाँठ कभी न निकालें। और पहला operation सोच-समझकर तय करें, क्योंकि दूसरा operation ज़्यादा कठिन और कम पूरा होता है।

  1. Operation से पहले biopsy। गाँठ का प्रकार ही आगे का सब तय करता है। इसके जैसी दिखने वाली कुछ गाँठों का इलाज दवा से होता है, operation से नहीं।
  2. पहला operation ही असली operation। गाँठ टुकड़ों में निकाली जाए, या उसके आवरण से “छीलकर” निकाली जाए, तो कोशिकाएँ पेट के पिछले हिस्से में बिखर जाती हैं। तब काबू में आने लायक गाँठ बार-बार लौटने लगती है।
  3. कोशिश से पहले विशेषज्ञ के पास भेजना। आसपास के अंगों के साथ योजनाबद्ध तरीक़े से निकालने की तैयारी न हो, तो सही क़दम रुककर भेजना है, कोशिश करना नहीं।

Scan में “retroperitoneal mass” या “lipoma” लिखा हो, तो operation से पहले रुकें।

  1. पेट के पिछले हिस्से की चर्बी वाली गाँठ को, जब तक कुछ और साबित न हो, sarcoma मानें। वहाँ असली चर्बी की गाँठ कम ही होती है।
  2. Biopsy और विशेषज्ञ चर्चा से पहले “गाँठ निकाल देते हैं” के लिए हाँ न कहें।
  3. पेट के आगे से दूरबीन या चीरा लगाकर “biopsy” के लिए हाँ न कहें।

Biopsy किस रास्ते से?

CT की मदद से पीठ या बगल से ली गई core needle biopsy मानक है। एक ही मार्गदर्शक नली से कई नमूने लिए जाते हैं, ताकि वह रास्ता बाद में गाँठ के साथ निकाला जा सके।

पेट के पिछले हिस्से की गाँठ के लिए biopsy के तरीक़े
तरीक़ासलाह है या नहीं, और क्यों
CT की मदद से पीठ या बगल से core needle biopsyसलाह दी जाती है। कई नमूनों से subtype और grade तय होते हैं। रास्ता पेट की भीतरी झिल्ली के बाहर रहता है, और गाँठ के साथ निकलता है।
पेट के आगे से सुईटाली जाती है। गाँठ की कोशिकाएँ पेट की झिल्ली में फैल सकती हैं।
दूरबीन (laparoscopic) से biopsyटाली जाती है। पेट खुलता है और कोशिकाएँ बिखरने का ख़तरा।
चीरा लगाकर खुली biopsyटाली जाती है। उसका रास्ता ढूँढकर निकालना कठिन।
FNA (पतली सुई से कोशिकाएँ)टाली जाती है। Sarcoma का प्रकार बताने लायक कोशिकाएँ नहीं मिलतीं।

Biopsy से पहले ख़ून की कुछ जाँचें चाहिए। गाँठ adrenal ग्रंथि के पास हो, तो adrenaline बनाने वाली गाँठ (phaeochromocytoma) की ख़ून जाँच पहले होती है, क्योंकि उसमें सुई ख़तरनाक हो सकती है। Lymph ग्रंथि का cancer या germ cell गाँठ संभव हो, तो AFP, beta-hCG और LDH जाँचे जाते हैं। फिर slides sarcoma के विशेषज्ञ pathologist पढ़ते हैं, क्योंकि आम रिपोर्ट में अक्सर प्रकार ग़लत लिखा जाता है।

Sarcoma जैसी दूसरी गाँठें

उसी जगह कुछ और बीमारियाँ भी उगती हैं। इनमें से कुछ का इलाज chemotherapy या गोली से होता है, और operation मरीज़ को नुक़सान करता है। इसलिए इन्हें पहले जाँच से अलग किया जाता है।

मिलती-जुलती गाँठें और उनका इलाज
मिलती-जुलती गाँठपहचान, और आम तौर पर पहला इलाज
Lymphomaकई बढ़ी हुई ग्रंथियाँ, बुख़ार या पसीना, LDH बढ़ा हुआ। Chemotherapy, operation नहीं।
Germ cell गाँठयुवा पुरुष, बीचोंबीच गाँठ, AFP या beta-hCG बढ़ा हुआ। पहले chemotherapy।
GISTआँत की दीवार से उगती है। गोली से इलाज, और अलग operation। देखें हमारा GIST operation के फ़ैसले वाला पेज।
Adrenal की गाँठAdrenal ग्रंथि से शुरू। पहले hormone की जाँच।
Kidney की गाँठScan में kidney से शुरू होती दिखे। Kidney cancer की योजना।
TB, या पेट के पिछले हिस्से में निशानग्रंथियों का गुच्छा, बुख़ार, IgG4 बढ़ा हुआ। दवा, यह operation नहीं।

Operation क्या तय करता है?

Subtype और grade, गाँठ किन अंगों को छूती है, बड़ी ख़ून की नलियाँ, दूसरी kidney का काम और आपकी शारीरिक क्षमता तय करते हैं कि कितना निकालना है।

योजना बनाने वाले नतीजे
नतीजायोजना पर असर
Biopsy का subtype और gradeमुख्य मार्गदर्शक। Operation का लक्ष्य और follow-up तय करता है।
गाँठ जिन अंगों से चिपकी होवे अंग गाँठ के साथ एक ही टुकड़े में निकलते हैं। पहले से नाम लेकर तय।
पेट की बड़ी नस (IVC) या पैर की ख़ून की नलियाँ शामिलनली निकालकर फिर बनानी पड़ सकती है। Vascular surgeon के साथ पहले से योजना।
Ureter को गाँठ ने घेरा होOperation से पहले ureter में पतली नली (stent) डाली जाती है।
दूसरी ओर की kidneyउसका काम मापा जाता है। एक kidney जाने की संभावना हो, तो दूसरी ठीक चलनी चाहिए।
तंत्रिकाएँ, पीठ की मांसपेशी (psoas), रीढ़ या पेडू की दीवारMRI इनका अंदाज़ा देता है। किस तंत्रिका या मांसपेशी का नुक़सान होगा, यह समझ आता है।
आपकी शारीरिक क्षमता और रोज़ की सक्रियतापूरी तरह सक्रिय व्यक्ति में पूरा operation। कम सक्रिय में छोटा operation। बहुत कमज़ोर मरीज़ में आराम की देखभाल या दवा।
निदान के समय फेफड़ों या liver में फैलावयोजना बदलती है। दवा आगे, और operation हर मामले के हिसाब से।

Subtype से लक्ष्य बदलता है

कुछ sarcoma ज़्यादातर उसी जगह लौटते हैं। कुछ ज़्यादातर फेफड़ों या liver में फैलते हैं। इससे तय होता है कि इलाज और scan किस पर केंद्रित हों।

मुख्य subtype कैसा बर्ताव करते हैं
Subtypeआम बर्ताव, और उसका मतलब
Well-differentiated liposarcomaअक्सर उसी जगह लौटता है, कम ही फैलता है। जगह पर काबू ही लक्ष्य।
Dedifferentiated liposarcomaजगह पर लौटता है और कभी-कभी फैलता है। जगह पर मज़बूत काबू, और फैलाव के लिए scan।
Leiomyosarcomaजगह पर कम लौटता है, पर फेफड़ों और liver में फैलता है। छाती के scan ज़रूरी।
Solitary fibrous tumourबर्ताव बदलता रहता है, और फैलाव देर से आ सकता है। बहुत लंबा follow-up।
Undifferentiated और तंत्रिका-आवरण का sarcomaलौटना और फैलना, दोनों आम। हर क़दम विशेषज्ञ बैठक से होकर जाता है।

मरीज़ और परिवार क्या कहते हैं

★★★★★

“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”

— Nagesh Patidar, Google review

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

★★★★★

“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”

— Ismailbhai Shaikh, Google review

नीचे के reviews Dr Harsh Shah की Gota clinic की Google listing से, जैसे लिखे गए वैसे ही रखे गए हैं। किसी में retroperitoneal sarcoma का नाम नहीं है। ये उनके cancer के इलाज के बारे में हैं।

अंगों के साथ क्यों निकलती है?

गाँठ को उससे चिपके अंगों और जहाँ संभव हो स्वस्थ ऊतक की परत के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है। उसे कभी छीलकर या टुकड़ों में नहीं निकाला जाता।

Sarcoma के चारों ओर अक्सर एक पतला, दिखावटी आवरण होता है। गाँठ की कोशिकाएँ ठीक उसके बाहर होती हैं। आवरण से गाँठ छीलकर निकालें, तो वे कोशिकाएँ अंदर रह जाती हैं। इसलिए operation में गाँठ, उसके आसपास की चर्बी और उसे छूते अंग, सब एक ही टुकड़े में निकलते हैं। इस तरह अक्सर निकलने वाले अंग हैं: उस ओर की kidney, बड़ी आँत का हिस्सा, psoas मांसपेशी, pancreas की पूँछ, तिल्ली, और अंडाशय या अंडकोष की ख़ून की नलियाँ।

ये अंग “शायद” के नाम पर नहीं निकाले जाते। Operation से पहले हर एक की सूची बनती है, और हर एक के लिए आप नाम लेकर सहमति देते हैं। Biopsy का रास्ता भी उसी टुकड़े में निकलता है। Surgeon pathologist के लिए नमूने पर निशान लगाते हैं और ठीक-ठीक दर्ज करते हैं कि क्या निकाला गया। आगे के हर फ़ैसले के लिए वह रिकॉर्ड अहम है।

Operation से पहले का इलाज

Operation से पहले radiotherapy नियमित रूप से नहीं दी जाती। Operation से पहले chemotherapy सिर्फ़ चुनी हुई high-grade गाँठों में सोची जाती है। दोनों फ़ैसले विशेषज्ञ बैठक में होते हैं।

  • Operation से पहले radiotherapy। एक बड़े अध्ययन में ज़्यादातर मरीज़ों को फ़ायदा नहीं दिखा। चुने हुए liposarcoma में, हो सके तो अध्ययन के हिस्से के रूप में, चर्चा होती है।
  • Operation के बाद radiotherapy। आम तौर पर टाली जाती है। ख़ाली जगह में आँत आ जाती है और वही खुराक ले लेती है।
  • Operation से पहले chemotherapy। अभी अध्ययन चल रहे हैं। निकालने में कठिन high-grade leiomyosarcoma या dedifferentiated liposarcoma में सोची जाती है।
  • Operation के बाद chemotherapy। मानक नहीं। फैलाव का ज़्यादा ख़तरा वाली high-grade गाँठ में चर्चा होती है।

सबूत कहाँ मज़बूत है और कहाँ नहीं, यह हम साफ़ बताते हैं। मुख्य इलाज operation ही रहता है।

खुला operation, robot नहीं

यह पर्याप्त बड़े चीरे से होने वाला खुला operation है, इसलिए robot की console का सवाल ही नहीं। Dr Harsh Shah ख़ुद operation करते हैं, और ज़रूरत हो तो vascular और urology surgeon तैयार रहते हैं।

ये गाँठें अक्सर बड़ी होती हैं और बड़ी ख़ून की नलियों पर दबाव डालती हैं। पूरा दिखने वाला खुला रास्ता, और ख़ून की नलियों पर जल्दी काबू, यह पहला काम है। छोटा चीरा इस operation के लायक नहीं, और retroperitoneal sarcoma के लिए हम दूरबीन या robot से operation नहीं करते। बेहोशी के डॉक्टर नज़दीकी निगरानी, तरल का सावधान नियंत्रण, शरीर को गर्म रखना, और उचित हो तो दर्द के लिए epidural का उपयोग करते हैं। ICU का बेड और ख़ून पहले से तय रखे जाते हैं।

Second opinion कब लें?

बिना निदान वाली गाँठ के operation से पहले, biopsy पेट के आगे से हुई हो तब, या योजना में निकलने वाले अंगों की सूची न हो तब second opinion लें।

  1. बिना biopsy के, या biopsy न करने की वजह बताए बिना operation सुझाया गया है।
  2. Biopsy पेट के आगे से, दूरबीन से, या FNA से हुई है।
  3. Pathology रिपोर्ट sarcoma के विशेषज्ञ pathologist ने नहीं देखी।
  4. योजना में “गाँठ निकालना” लिखा है, पर कौन-से अंग निकल सकते हैं, यह नहीं लिखा।
  5. पहले के operation में गाँठ टुकड़ों में निकली, और अब सिर्फ़ निगरानी कही गई है।
  6. गाँठ लौट आई है, और विशेषज्ञ चर्चा के बिना फिर operation सुझाया गया है।

यहाँ second opinion अविश्वास नहीं है। पहला operation इतना अहम है कि एक और विशेषज्ञ नज़र उचित है। आपके scan और slides देखने, और आपके surgeon से बात करने में हमें ख़ुशी होगी।

Consent से पहले के सवाल

Biopsy में क्या आया, कौन-से अंग निकल सकते हैं, kidney का काम कैसे जाँचा जाएगा, और सालों तक scan कैसे होंगे, यह पूछें।

  1. Subtype और grade क्या है, और किसने पक्का किया?
  2. कौन-से अंग निकल सकते हैं, और हर एक क्यों?
  3. एक kidney निकले, तो दूसरी कितना अच्छा काम करती है?
  4. कोई बड़ी ख़ून की नली शामिल है? उसे कौन फिर से बनाएगा?
  5. Stoma की ज़रूरत पड़ेगी? पड़ी तो कहाँ बनेगा?
  6. कोई तंत्रिका निकालनी पड़ेगी? कैसा सुन्नपन या कमज़ोरी आ सकती है?
  7. तिल्ली निकले, तो कौन-से टीके लगेंगे?
  8. ICU में और अस्पताल में कितने दिन?
  9. Scan कितनी बार, और कितने साल?

इस consent के लिए अक्सर एक से ज़्यादा मुलाक़ात चाहिए। हर मुलाक़ात में परिवार के किसी सदस्य को साथ लाएँ।

Operation की तैयारी

तैयारी में शरीर की ताक़त बढ़ाना, पोषण और ख़ून सुधारना, और सारी टीमें तैयार रखना आता है। योजना तय होते ही यह शुरू हो जाती है।

  • Operation से पहले चलने और साँस की कसरत, और अच्छा पोषण।
  • ख़ून की कमी और sugar में सुधार। कम से कम चार हफ़्ते धूम्रपान और शराब बंद।
  • बड़ी आँत का हिस्सा निकलने की संभावना हो, तो मुँह से antibiotic के साथ आँत की सफ़ाई। Stoma की संभावना हो तो उसकी जगह का निशान।
  • ख़ून का इंतज़ाम और ICU का बेड तय।
  • ख़ून के थक्के रोकने के injection, operation के बाद चार हफ़्ते तक।

Operation के बाद दिन-ब-दिन

देखभाल ICU में शुरू होती है। ज़्यादातर मरीज़ एक से दो हफ़्ते में, खाते, चलते और kidney की रिपोर्ट स्थिर होने पर घर जाते हैं।

अंगों के साथ योजनाबद्ध operation के बाद आम क्रम
दिनक्या होता है
Operation का दिनICU, नज़दीकी निगरानी और दर्द की दवा। हर घंटे पेशाब मापा जाता है, क्योंकि एक kidney हो तो तरल और दवा की पसंद बदलती है।
अगला दिनKidney की रिपोर्ट, बिस्तर से उठकर बैठना, थोड़ा चलना। Drain की समीक्षा।
दिन 2 से 3आँत चलने पर तरल और खाना, बड़ी आँत निकली हो तो थोड़ा देर से। Kidney को नुक़सान करने वाली दवाएँ बंद।
दिन 4 से 7खाना बढ़ाना, drain की रोज़ समीक्षा, ज़रूरत हो तो stoma की ट्रेनिंग, ज़्यादा चलना।
दिन 7 से 14खाते, ख़ुद चलते, बिना बुख़ार, kidney की रिपोर्ट स्थिर हो तो घर।

Kidney निकली हो, तो आपको “एक ही kidney है” वाला लिखित नोट मिलता है। NSAID तरह की दर्द की दवा से बचें, और आगे हर अस्पताल में यह बात बताएँ।

Operation के जोखिम

यह बड़ा operation है और इसके असली जोखिम हैं। लंबे समय में मुख्य डर गाँठ का लौटना है, इसलिए कई साल तक scan चलते रहते हैं।

आम जोखिम: ख़ून चढ़ाना पड़े इतना ख़ून बहना, घाव में संक्रमण, पैर या फेफड़ों में ख़ून के थक्के, दिल या साँस की तकलीफ़, और बेहोशी से जुड़े जोखिम। ICU में रहना पहले से तय होता है।

क्या निकला, उस पर निर्भर जोखिम: आँत के जोड़ से रिसाव, pancreas की पूँछ निकले तो pancreas के रस का रिसाव, और kidney निकलने के बाद लंबे समय में kidney की कमज़ोरी, जिसमें कम ही dialysis चाहिए। इसके अलावा ureter में चोट, lymph द्रव का जमाव या पेट में दूधिया द्रव, पीप का जमाव, और तंत्रिका निकले तो जाँघ में सुन्नपन, कमज़ोरी या foot drop। पैर की सूजन और दोबारा operation भी संभव हैं। तिल्ली निकलने के बाद जीवन भर गंभीर संक्रमण का ख़तरा रहता है, इसलिए टीके और बुख़ार में तुरंत इलाज ज़रूरी।

बाद में: चीरे की जगह hernia, और आँतों के चिपकने से रुकावट। अंतिम subtype और grade पूरा नमूना पढ़ने के बाद ही पता चलते हैं, और वे योजना बदल सकते हैं। इस operation में जान का जोखिम भी है। Consent से पहले Dr Harsh Shah हर बात, आप पर लागू आँकड़ों के साथ, आमने-सामने समझाते हैं।

कई साल का follow-up

यह गाँठ देर से, दस साल बाद भी, लौट सकती है। पहले दो साल scan बार-बार होते हैं, और फिर हर साल चलते रहते हैं।

Retroperitoneal sarcoma के operation के बाद follow-up
कबक्या होता है
2 हफ़्ते परघाव की जाँच, पूरी pathology रिपोर्ट समझाई जाती है, kidney की रिपोर्ट, stoma की समीक्षा।
हर 3 से 4 महीने, पहले 2 सालजाँच और पेट तथा पेडू का CT। Leiomyosarcoma और दूसरे high-grade प्रकारों में छाती का CT।
हर 6 महीने, साल 3 से 5वही जाँचें।
5 साल के बाद हर सालScan जारी। यह पाँच साल पर छुट्टी मिलने वाली बीमारी नहीं है।
Kidney या तिल्ली निकलने के बादहर साल kidney की रिपोर्ट। टीके समय पर, और बुख़ार के लिए card।

गाँठ लौटे, तो दोबारा operation काम आ सकता है, ख़ास तौर पर well-differentiated liposarcoma में। पर हर बार operation ज़्यादा कठिन होता है। तेज़ी से लौटने वाली high-grade गाँठ में बार-बार के operation अक्सर मदद नहीं करते। गाँठ के बर्ताव के आधार पर यह फ़ैसला विशेषज्ञ बैठक में होता है।

पहली मुलाक़ात से follow-up तक

  1. Consultation तय करें। CT की CD, biopsy की रिपोर्ट और slides, ख़ून की रिपोर्ट और पुराने operation के काग़ज़ लाएँ।
  2. निदान। छाती, पेट और पेडू का CT, ज़रूरत हो तो MRI, ख़ून की जाँच, और पीठ या बगल से core biopsy।
  3. विशेषज्ञ बैठक। Scan और slides की विशेषज्ञ समीक्षा, और operation व उससे पहले के इलाज का फ़ैसला।
  4. Consent और तैयारी। हर अंग का नाम, kidney का काम जाँचा जाता है, टीमें और ICU तय।
  5. Operation और रिकवरी। एक ही टुकड़े में योजनाबद्ध operation, और एक से दो हफ़्ते में घर।
  6. Follow-up। पहले हर कुछ महीने, फिर हर साल scan, लंबे समय तक।

ख़र्च, insurance और भर्ती

ख़र्च इस पर निर्भर है कि कितने अंग निकलते हैं, ख़ून की नली फिर बनानी पड़ती है या नहीं, और ICU के दिन कितने हैं। योजना तय होने के बाद अनुमान दिया जाता है।

Apollo Hospital, Bhat प्रमुख insurance कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है। Pre-authorisation दफ़्तर सँभालता है। साथ लाएँ: CT की रिपोर्ट और CD, biopsy की रिपोर्ट और slides, ख़ून की रिपोर्ट, दवाओं की सूची, insurance card और पहचान-पत्र। क्या लाना है, यह पूछने के लिए +91-63555-64601 पर फ़ोन भी कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या गाँठ पहले निकालकर बाद में जाँच नहीं हो सकती?

नहीं। पेट के पिछले हिस्से की गाँठ की पहले biopsy होती है। मिलती-जुलती कुछ गाँठों का इलाज दवा से होता है, और sarcoma को एक ही टुकड़े में योजनाबद्ध तरीक़े से निकालना होता है। पहले निकाल देने से काबू का मज़बूत मौक़ा बिगड़ सकता है।

Biopsy पीठ की ओर से ही क्यों?

पीठ या बगल से सुई जाए तो उसका रास्ता पेट की भीतरी झिल्ली के बाहर रहता है, और बाद में गाँठ के साथ निकल जाता है। पेट के आगे से सुई जाए तो कोशिकाएँ अंदर फैल सकती हैं।

क्या मेरी kidney निकालनी पड़ेगी?

सिर्फ़ तब, जब गाँठ उससे चिपकी हो। यह scan से तय होता है, और operation से पहले आपके साथ तय किया जाता है। दूसरी kidney का काम पहले जाँचा जाता है।

क्या यह operation दूरबीन या robot से हो सकता है?

नहीं। ये गाँठें बड़ी होती हैं और बड़ी ख़ून की नलियों पर होती हैं। इन्हें एक ही टुकड़े में निकालने के लिए पूरा खुला operation ही सुरक्षित रास्ता है।

क्या radiotherapy या chemotherapy लेनी पड़ेगी?

नियमित रूप से नहीं। चुने हुए liposarcoma में operation से पहले radiotherapy पर चर्चा होती है। कुछ high-grade गाँठों में chemotherapy सोची जाती है। विशेषज्ञ बैठक आपके साथ तय करती है।

Follow-up कितने समय तक?

कई साल। पहले हर कुछ महीने scan, फिर हर साल, क्योंकि ये गाँठें देर से लौट सकती हैं।

डॉक्टर कहाँ मिलते हैं, operation कहाँ होता है?

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और biopsy slides की समीक्षा, और लंबे समय का follow-up।
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 18 reviews में 4.94
Apollo, Bhat का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

गांधीनगर, मेहसाणा, नडियाद, आणंद, राजकोट और कच्छ समेत पूरे गुजरात से, और दक्षिण राजस्थान से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।

Scan में पेट के पिछले हिस्से में बड़ी गाँठ दिखी है? CT की CD, biopsy की रिपोर्ट और slides, ख़ून की रिपोर्ट और पुराने operation के काग़ज़ WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ ली गई हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है। तब तक बिना निदान वाली गाँठ के operation के लिए हाँ न कहें। फ़ोन करें +91-63555-64601 · रिपोर्ट WhatsApp पर भेजें

Rate this page

Get health updates from Dr Harsh Shah on WhatsApp

Swasth Parivar: twice a month, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.

Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.

Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.