Dr. Jivraj Mehta Hospital · वासणा, अहमदाबाद
Operation का फ़ैसला कैसे लिया जाता है, console पर कौन बैठता है, और consent देने से पहले क्या पूछना है. Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद.
“एक डॉक्टर ने कहा पूरा पेट निकालना पड़ेगा, दूसरे ने कहा operation हो ही नहीं सकता” — पेट (stomach) के कैंसर में परिवार दो अलग-अलग राय के बीच फँस जाता है, और यही दूसरी राय लेने की सबसे आम वजह है. Antrum या distal stomach के cancer में operation distal (subtotal) gastrectomy और D2 lymph node dissection होता है, और ऊपर का पेट अपनी जगह रहता है. यह page उन फ़ैसलों के बारे में है — कितना पेट निकले, कौन-सा approach लगे, और chemotherapy पहले चले या बाद में. बीमारी खुद क्या है, यह समझने के लिए stomach cancer का इलाज वाला page पढ़ें.
Dr Harsh Shah. भारत में gastrointestinal cancer surgery का standard तय करने वाली संस्थाओं से training. Surgical gastroenterology में अलग super-specialty degree — general surgery के साथ थोड़ी दिलचस्पी नहीं, बल्कि पूरी training ही पेट और आँतों पर. हफ़्ते दर हफ़्ते पेट, भोजन नली (food pipe), pancreas और आँतों पर चलती practice.
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach Cancer Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद
Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद पर Google rating 4.94, 17 reviews में से.
एक ही consultant operation की planning करता है, operation करता है और बाद में आपको देखता है. यह निरंतरता ही असल बात है — जिसने margin तय किया, वही दो हफ़्ते बाद आपकी histology report पढ़ता है और हर follow-up पर आपको देखता है. फ़ैसला लेने वाली और operation करने वाली team अलग-अलग नहीं होती.
फ़ैसला दो नाप और microscope की एक बात पर होता है: tumour भोजन नली (food pipe) के जोड़ से कितना दूर है, pylorus से कितना दूर है, और biopsy में intestinal type है या diffuse type.
एक surgeon के तौर पर कहूँ — ज़्यादातर मामलों में इसका जवाब operation से पहले ही मिल सकता है. लेकिन उसके लिए endoscopy report में सिर्फ़ “पेट में growth है” लिखा होना काफ़ी नहीं. Report में gastro-oesophageal junction से दूरी सेंटीमीटर में लिखी होनी चाहिए.
| क्या नापा जाता है | उससे क्या तय होता है |
|---|---|
| Gastro-oesophageal junction से दूरी | ऊपर का स्वस्थ पेट छोड़ा जा सके, इतना बचता है या नहीं. पर्याप्त दूरी हो तो distal gastrectomy; tumour ऊपर की तरफ़ बढ़ रहा हो तो total gastrectomy |
| Biopsy में histological type | Intestinal type में tumour के ऊपर साफ़ margin चाहिए. Diffuse type दीवार में आँख से दिखने से ज़्यादा दूर फैलता है, इसलिए margin चौड़ा रखा जाता है और total gastrectomy की सीमा नीचे आ जाती है |
| Operation के दौरान frozen section | Margin पर शक हो तो आप बेहोश रहते ही उसे microscope के नीचे जाँचा जाता है — मान नहीं लिया जाता. Involved आए तो उसी sitting में resection बढ़ा दिया जाता है |
| Staging laparoscopy और peritoneal washing | CT scan में न दिखने वाले पेट के पर्दे (lining) के deposits सीधे आँख से देखने के लिए. Washing positive आए तो तुरंत operation करने का plan ही बदल जाता है |
इसका मतलब व्यवहार में इतना ही: consultation से निकलते वक़्त आपको पता होना चाहिए कि कौन-सा operation planned है, और कौन-सी एक बात उस फ़ैसले को बदल देगी. अगर किसी ने आपको यह नहीं बताया, तो वह बातचीत अभी हुई ही नहीं है.
D2 dissection में पेट के किनारे की lymph nodes के अलावा left gastric, common hepatic और splenic artery के साथ की गहरी stations भी साफ़ की जाती हैं. कम से कम 15 nodes pathologist तक पहुँचनी चाहिए; 25 से ज़्यादा रखने का लक्ष्य है.
Histology report पर lymph node की गिनती वह एक आँकड़ा है जो बीमारी के बारे में नहीं, operation के बारे में बताता है. गिनती कम होने का मतलब है dissection सीमित था या specimen अधूरा — और इससे stage ही भरोसे लायक़ नहीं रहता. Stage भरोसे लायक़ न हो तो उसके बाद chemotherapy का फ़ैसला भी भरोसे लायक़ नहीं. इसीलिए अपनी report में वह गिनती पढ़नी और पूछनी चाहिए.
वह गिनती बढ़ाने के लिए spleen या pancreas की पूँछ नहीं निकाली जाती. एक ज़माने में यही चलन था; उससे complications बढ़े और survival नहीं बढ़ा, और यहाँ ऐसा नहीं होता.
Gastrectomy की consent वाली बातचीत में नाम लेकर complications, operation table पर plan बदल सकने वाली बातें, और उसके बाद की रोज़मर्रा — तीनों आनी चाहिए. लिखित में, और परिवार के सामने.
जो complications आपको नाम लेकर बताई जानी चाहिए: blood transfusion की ज़रूरत पड़ने जितनी bleeding; operation की जगह infection; पैर की नस या फेफड़े में clot (DVT, pulmonary embolism); पेट और आँत के जोड़ (anastomosis) से leak; duodenal stump का खुल जाना; बचे हुए पेट का देर से ख़ाली होना (delayed gastric emptying); खाने के बाद कमज़ोरी और चक्कर (dumping); bile का उल्टा बहाव (bile reflux); सालों बाद अंदरूनी hernia; और लंबे समय में vitamin B12 तथा iron की कमी. बड़े gastrectomy में जान का ख़तरा भी consent का हिस्सा है, और वह बात form पर नहीं छोड़ी जाती — रूबरू होती है.
इनमें से हर एक के सामने के आँकड़े आपको consent की बातचीत में लिखित में दिए जाते हैं, और वे आपकी उम्र, fitness, BMI, पहले पेट का operation हुआ है या नहीं, और chemotherapy पहले ली है या नहीं — यह देखकर निकाले जाते हैं. वे आँकड़े website पर नहीं डाले जाते, क्योंकि published series का औसत आपके बारे में भविष्यवाणी नहीं है, और उसे भविष्यवाणी की तरह दिखाना बेईमानी होगी.
किसी भी surgeon से gastrectomy से पहले पूछने लायक़ छह सवाल:
यहाँ हर case पर इलाज शुरू करने से पहले multidisciplinary meeting में चर्चा होती है. यह महज़ formality नहीं है. पहले operation करना है या पहले chemotherapy देनी है — यह meeting का फ़ैसला है, किसी एक surgeon का नहीं, और यह जानना आपका हक़ है कि फ़ैसला उसी तरह लिया गया.
Gastrectomy से पहले दूसरी राय लेना हमेशा ठीक है, और कोई समझदार surgeon इसका विरोध नहीं करता. फेरा सार्थक तब होता है जब आप summary नहीं, असली material साथ ले जाएँ.
Discharge summary या typed report पर दी गई दूसरी राय उस काग़ज़ के बारे में राय है. साथ ले जाएँ: सिर्फ़ histopathology report नहीं, बल्कि biopsy की slides और paraffin blocks — blocks दोबारा काटे और stain किए जा सकते हैं, और review पर tumour का type बदला हो, ऐसा एक से ज़्यादा बार हुआ है. CT की images disc पर ले जाएँ, सिर्फ़ radiologist की report नहीं. नाप लिखी हुई endoscopy report ले जाएँ. और blood pressure, diabetes या ख़ून पतला करने की दवा समेत आप जो कुछ लेते हैं, उसकी पूरी सूची ले जाएँ.
ख़ास तौर पर दूसरी राय तब लेनी चाहिए जब आपसे कहा गया हो कि पूरा पेट निकालना पड़ेगा; जब कहा गया हो कि tumour निकाला नहीं जा सकता; जब chemotherapy या MDT meeting के ज़िक्र के बिना सीधे operation सुझाया गया हो; या जब दो visit के बीच plan बदल गया हो और आपको समझ में आने वाली वजह न मिली हो. पेट के cancer के लिए आने वाली ज़्यादातर दूसरी राय इन्हीं चार हालतों से आती है — और कुछ में पहला plan ही सही निकलता है, जो भी काम का जवाब है.
अहमदाबाद के बाहर से आ रहे हों तो निकलने से पहले reports WhatsApp पर भेज दें. फिर वह visit फ़ैसले की बनती है, सिर्फ़ जाँच की नहीं.
★★★★★
“We are very thankful to Dr. Harsh Shah for treating and operating on my father for gastric (stomach) cancer. From the first consultation to the surgery and follow-up, he guided us with great care and explained everything clearly. My father is doing well now.”
Moh. Ahsan · Google review · सितंबर 2026
★★★★★
“My father has carcinoma of stomach, Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation, he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment, during procedure and during stay at hospital.”
tina parmar · Google review · जनवरी 2024
★★★★★
“Dr Harsh shah's dedication and commitment to his patients health are commendable. He always provides comprehensive explanations and ensures that we understood our treatment plans.”
Haresh Chavda · Google review · फ़रवरी 2024
Reviews ऊपर बताए गए Google Business Profiles से, reviewer के अपने शब्दों में.
Gastrectomy का estimate हर मरीज़ के लिए अलग बनता है और admission से पहले लिखित में दिया जाता है. Phone पर आँकड़ा नहीं बताया जाता — क्योंकि phone बजने के वक़्त वे फ़ैसले ही नहीं हुए होते जिन पर आँकड़ा टिकता है.
Operation से पहले और बाद की chemotherapy का ख़र्च operation से अलग गिना जाता है.
The hospital का insurance desk सभी बड़े insurer और TPA के लिए cashless pre-authorisation सँभालता है. Operation तय होते ही policy card और treating doctor के काग़ज़ भेज दें — pre-authorisation में working days लगते हैं, और मंज़ूरी देर से आए तो तारीख़ खिसकती है. Admission पर साथ लाएँ: policy के काग़ज़ और photo ID, सारी पुरानी reports और scan original में, चालू दवाओं की सूची, और साथ रुकने वाला एक परिजन.
हाँ. ऊपर का पेट अपनी जगह रहता है, इसलिए ज़्यादातर मरीज़ रोज़ के खाने पर वापस आते हैं — पर थोड़ा-थोड़ा और बार-बार. तीन बड़े खाने की जगह छह छोटे, पहले साल तक और अक्सर हमेशा के लिए. मीठा या दूध वाला ज़्यादा लेने पर कुछ लोगों को dumping होता है — वह दवा से नहीं, क्या और कब खाना है यह बदलने से शांत होता है.
ज़रूरी नहीं. "निकाला नहीं जा सकता" कई अलग बातों का मतलब हो सकता है — बग़ल के अंग में फैलाव, पेट के पर्दे पर deposits, या सिर्फ़ यह कि उस अस्पताल में वह operation नहीं होता. फ़ैसला बदलता है CT की images, staging laparoscopy, और chemotherapy पहले देने के बाद दोबारा आँकने से. यह उन चार हालतों में से एक है जिनमें दूसरी राय सबसे ज़्यादा काम की है.
Dr Harsh Shah ख़ुद operation करते हैं, साथ में trained assistant और consultant anaesthetist. Admission से पहले यह लिखित में चाहिए तो माँगें — जायज़ माँग है और पूरी होती है.
Operation से पहले दी गई chemotherapy tumour छोटा करती है, scan में न दिखने वाली बीमारी पर काम करती है, और शरीर उसे operation के बाद की तुलना में पहले बहुत बेहतर सहता है. आम क्रम चार cycle पहले और चार बाद.
क्योंकि वह बताती है कि आपको दिया गया stage भरोसे लायक़ है या नहीं. D2 dissection के बाद कम से कम 15 nodes जाँची जानी चाहिए, और 25 से ज़्यादा लक्ष्य है. गिनती कम हो तो stage कम बताया गया हो सकता है, और उसके बाद chemotherapy का फ़ैसला उसी stage पर टिका होता है.
बिना दिक़्क़त के distal gastrectomy के बाद ज़्यादातर मरीज़ चौथे से छठे दिन घर जाते हैं. घर जाने की शर्तें — 24 घंटे बुख़ार न आया हो, soft diet पच रहा हो, ख़ुद चल पा रहे हों, और दर्द गोली से काबू में हो.
Dr. Jivraj Mehta Hospital — वासणा, अहमदाबाद
Admission, operation और inpatient care.
Google: Dr Harsh Shah · 4.94, 17 reviews
Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा का रास्ता
पेट के cancer के operation के लिए मरीज़ पूरे गुजरात से अहमदाबाद आते हैं — गांधीनगर, मेहसाणा, नडियाद, आणंद, भावनगर, राजकोट, जामनगर और कच्छ — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से भी. Reports पहले WhatsApp पर भेज दें तो पहली visit ही फ़ैसले की बन सकती है.
Dr Harsh Shah के GI cancer के काम के बारे में और: stomach cancer का इलाज · भोजन नली (food pipe) के कैंसर का इलाज.
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