Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
अंतिम अपडेट: 12-Oct-2026
Retroperitoneal sarcoma के surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, Gota, Ahmedabad · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर
पेट के पिछले हिस्से की बड़ी गाँठ के लिए यह सलाह अक्सर मिलती है, पर यहाँ यह उल्टी पड़ सकती है। ऐसी गाँठ sarcoma हो सकती है, और उसका पहला operation ही आगे का काफ़ी कुछ तय करता है।
इसलिए हर चीरे से पहले दो बातें तय होती हैं। पहले पीठ या बगल से core biopsy। फिर एक योजनाबद्ध operation, जो गाँठ को उससे चिपके अंगों के साथ एक ही टुकड़े में निकाले।
उस operation में अक्सर एक kidney, आँत का हिस्सा या कोई मांसपेशी भी गाँठ के साथ निकलती है। हर अंग का नाम operation से पहले बताया और मंज़ूर कराया जाता है।
यह पेज उसी फ़ैसले के बारे में है: फ़ैसला कौन लेता है, योजना क्या बदलता है, second opinion कब लें, और consent पर दस्तख़त से पहले क्या पूछें। Sarcoma बीमारी की आम जानकारी यहाँ नहीं है।
Dr Harsh Shah Gota OPD पर आपसे मिलते हैं, scan और biopsy को sarcoma की विशेषज्ञ बैठक में रखते हैं, योजना ख़ुद समझाते हैं, और Apollo Hospital, Bhat में operation ख़ुद करते हैं।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology की super-specialty ट्रेनिंग, और पेट के cancer की surgery में 18 साल का अनुभव। गाँठ को आँत, pancreas, तिल्ली या kidney के साथ एक साथ निकालने वाले operation उनके काम का हिस्सा हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी scan तक वही surgeon आपको देखते हैं।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Gota clinic पर 216 Google reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 18 reviews में 4.94 rating।
योजना किसी एक व्यक्ति की राय नहीं होती। पेट के पिछले हिस्से की हर गाँठ biopsy से पहले और फिर operation से पहले बैठक में रखी जाती है। Surgeon, cancer के physician, sarcoma के scan पढ़ने वाले radiologist और विशेषज्ञ pathologist, सब वही scan और slides देखते हैं। आपको जो operation सुझाया जाता है, वही होता है जो पूरी टीम चुनती। फिर कोई तारीख़ तय होने से पहले Dr Shah आपको और परिवार को सरल भाषा में समझाते हैं।
बिना निदान के पेट के पिछले हिस्से की गाँठ कभी न निकालें। और पहला operation सोच-समझकर तय करें, क्योंकि दूसरा operation ज़्यादा कठिन और कम पूरा होता है।
Scan में “retroperitoneal mass” या “lipoma” लिखा हो, तो operation से पहले रुकें।
CT की मदद से पीठ या बगल से ली गई core needle biopsy मानक है। एक ही मार्गदर्शक नली से कई नमूने लिए जाते हैं, ताकि वह रास्ता बाद में गाँठ के साथ निकाला जा सके।
| तरीक़ा | सलाह है या नहीं, और क्यों |
|---|---|
| CT की मदद से पीठ या बगल से core needle biopsy | सलाह दी जाती है। कई नमूनों से subtype और grade तय होते हैं। रास्ता पेट की भीतरी झिल्ली के बाहर रहता है, और गाँठ के साथ निकलता है। |
| पेट के आगे से सुई | टाली जाती है। गाँठ की कोशिकाएँ पेट की झिल्ली में फैल सकती हैं। |
| दूरबीन (laparoscopic) से biopsy | टाली जाती है। पेट खुलता है और कोशिकाएँ बिखरने का ख़तरा। |
| चीरा लगाकर खुली biopsy | टाली जाती है। उसका रास्ता ढूँढकर निकालना कठिन। |
| FNA (पतली सुई से कोशिकाएँ) | टाली जाती है। Sarcoma का प्रकार बताने लायक कोशिकाएँ नहीं मिलतीं। |
Biopsy से पहले ख़ून की कुछ जाँचें चाहिए। गाँठ adrenal ग्रंथि के पास हो, तो adrenaline बनाने वाली गाँठ (phaeochromocytoma) की ख़ून जाँच पहले होती है, क्योंकि उसमें सुई ख़तरनाक हो सकती है। Lymph ग्रंथि का cancer या germ cell गाँठ संभव हो, तो AFP, beta-hCG और LDH जाँचे जाते हैं। फिर slides sarcoma के विशेषज्ञ pathologist पढ़ते हैं, क्योंकि आम रिपोर्ट में अक्सर प्रकार ग़लत लिखा जाता है।
उसी जगह कुछ और बीमारियाँ भी उगती हैं। इनमें से कुछ का इलाज chemotherapy या गोली से होता है, और operation मरीज़ को नुक़सान करता है। इसलिए इन्हें पहले जाँच से अलग किया जाता है।
| मिलती-जुलती गाँठ | पहचान, और आम तौर पर पहला इलाज |
|---|---|
| Lymphoma | कई बढ़ी हुई ग्रंथियाँ, बुख़ार या पसीना, LDH बढ़ा हुआ। Chemotherapy, operation नहीं। |
| Germ cell गाँठ | युवा पुरुष, बीचोंबीच गाँठ, AFP या beta-hCG बढ़ा हुआ। पहले chemotherapy। |
| GIST | आँत की दीवार से उगती है। गोली से इलाज, और अलग operation। देखें हमारा GIST operation के फ़ैसले वाला पेज। |
| Adrenal की गाँठ | Adrenal ग्रंथि से शुरू। पहले hormone की जाँच। |
| Kidney की गाँठ | Scan में kidney से शुरू होती दिखे। Kidney cancer की योजना। |
| TB, या पेट के पिछले हिस्से में निशान | ग्रंथियों का गुच्छा, बुख़ार, IgG4 बढ़ा हुआ। दवा, यह operation नहीं। |
Subtype और grade, गाँठ किन अंगों को छूती है, बड़ी ख़ून की नलियाँ, दूसरी kidney का काम और आपकी शारीरिक क्षमता तय करते हैं कि कितना निकालना है।
| नतीजा | योजना पर असर |
|---|---|
| Biopsy का subtype और grade | मुख्य मार्गदर्शक। Operation का लक्ष्य और follow-up तय करता है। |
| गाँठ जिन अंगों से चिपकी हो | वे अंग गाँठ के साथ एक ही टुकड़े में निकलते हैं। पहले से नाम लेकर तय। |
| पेट की बड़ी नस (IVC) या पैर की ख़ून की नलियाँ शामिल | नली निकालकर फिर बनानी पड़ सकती है। Vascular surgeon के साथ पहले से योजना। |
| Ureter को गाँठ ने घेरा हो | Operation से पहले ureter में पतली नली (stent) डाली जाती है। |
| दूसरी ओर की kidney | उसका काम मापा जाता है। एक kidney जाने की संभावना हो, तो दूसरी ठीक चलनी चाहिए। |
| तंत्रिकाएँ, पीठ की मांसपेशी (psoas), रीढ़ या पेडू की दीवार | MRI इनका अंदाज़ा देता है। किस तंत्रिका या मांसपेशी का नुक़सान होगा, यह समझ आता है। |
| आपकी शारीरिक क्षमता और रोज़ की सक्रियता | पूरी तरह सक्रिय व्यक्ति में पूरा operation। कम सक्रिय में छोटा operation। बहुत कमज़ोर मरीज़ में आराम की देखभाल या दवा। |
| निदान के समय फेफड़ों या liver में फैलाव | योजना बदलती है। दवा आगे, और operation हर मामले के हिसाब से। |
कुछ sarcoma ज़्यादातर उसी जगह लौटते हैं। कुछ ज़्यादातर फेफड़ों या liver में फैलते हैं। इससे तय होता है कि इलाज और scan किस पर केंद्रित हों।
| Subtype | आम बर्ताव, और उसका मतलब |
|---|---|
| Well-differentiated liposarcoma | अक्सर उसी जगह लौटता है, कम ही फैलता है। जगह पर काबू ही लक्ष्य। |
| Dedifferentiated liposarcoma | जगह पर लौटता है और कभी-कभी फैलता है। जगह पर मज़बूत काबू, और फैलाव के लिए scan। |
| Leiomyosarcoma | जगह पर कम लौटता है, पर फेफड़ों और liver में फैलता है। छाती के scan ज़रूरी। |
| Solitary fibrous tumour | बर्ताव बदलता रहता है, और फैलाव देर से आ सकता है। बहुत लंबा follow-up। |
| Undifferentiated और तंत्रिका-आवरण का sarcoma | लौटना और फैलना, दोनों आम। हर क़दम विशेषज्ञ बैठक से होकर जाता है। |
★★★★★
“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”
— Nagesh Patidar, Google review
★★★★★
“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”
— tina parmar, Google review
★★★★★
“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”
— Ismailbhai Shaikh, Google review
नीचे के reviews Dr Harsh Shah की Gota clinic की Google listing से, जैसे लिखे गए वैसे ही रखे गए हैं। किसी में retroperitoneal sarcoma का नाम नहीं है। ये उनके cancer के इलाज के बारे में हैं।
गाँठ को उससे चिपके अंगों और जहाँ संभव हो स्वस्थ ऊतक की परत के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है। उसे कभी छीलकर या टुकड़ों में नहीं निकाला जाता।
Sarcoma के चारों ओर अक्सर एक पतला, दिखावटी आवरण होता है। गाँठ की कोशिकाएँ ठीक उसके बाहर होती हैं। आवरण से गाँठ छीलकर निकालें, तो वे कोशिकाएँ अंदर रह जाती हैं। इसलिए operation में गाँठ, उसके आसपास की चर्बी और उसे छूते अंग, सब एक ही टुकड़े में निकलते हैं। इस तरह अक्सर निकलने वाले अंग हैं: उस ओर की kidney, बड़ी आँत का हिस्सा, psoas मांसपेशी, pancreas की पूँछ, तिल्ली, और अंडाशय या अंडकोष की ख़ून की नलियाँ।
ये अंग “शायद” के नाम पर नहीं निकाले जाते। Operation से पहले हर एक की सूची बनती है, और हर एक के लिए आप नाम लेकर सहमति देते हैं। Biopsy का रास्ता भी उसी टुकड़े में निकलता है। Surgeon pathologist के लिए नमूने पर निशान लगाते हैं और ठीक-ठीक दर्ज करते हैं कि क्या निकाला गया। आगे के हर फ़ैसले के लिए वह रिकॉर्ड अहम है।
Operation से पहले radiotherapy नियमित रूप से नहीं दी जाती। Operation से पहले chemotherapy सिर्फ़ चुनी हुई high-grade गाँठों में सोची जाती है। दोनों फ़ैसले विशेषज्ञ बैठक में होते हैं।
सबूत कहाँ मज़बूत है और कहाँ नहीं, यह हम साफ़ बताते हैं। मुख्य इलाज operation ही रहता है।
यह पर्याप्त बड़े चीरे से होने वाला खुला operation है, इसलिए robot की console का सवाल ही नहीं। Dr Harsh Shah ख़ुद operation करते हैं, और ज़रूरत हो तो vascular और urology surgeon तैयार रहते हैं।
ये गाँठें अक्सर बड़ी होती हैं और बड़ी ख़ून की नलियों पर दबाव डालती हैं। पूरा दिखने वाला खुला रास्ता, और ख़ून की नलियों पर जल्दी काबू, यह पहला काम है। छोटा चीरा इस operation के लायक नहीं, और retroperitoneal sarcoma के लिए हम दूरबीन या robot से operation नहीं करते। बेहोशी के डॉक्टर नज़दीकी निगरानी, तरल का सावधान नियंत्रण, शरीर को गर्म रखना, और उचित हो तो दर्द के लिए epidural का उपयोग करते हैं। ICU का बेड और ख़ून पहले से तय रखे जाते हैं।
बिना निदान वाली गाँठ के operation से पहले, biopsy पेट के आगे से हुई हो तब, या योजना में निकलने वाले अंगों की सूची न हो तब second opinion लें।
यहाँ second opinion अविश्वास नहीं है। पहला operation इतना अहम है कि एक और विशेषज्ञ नज़र उचित है। आपके scan और slides देखने, और आपके surgeon से बात करने में हमें ख़ुशी होगी।
Biopsy में क्या आया, कौन-से अंग निकल सकते हैं, kidney का काम कैसे जाँचा जाएगा, और सालों तक scan कैसे होंगे, यह पूछें।
इस consent के लिए अक्सर एक से ज़्यादा मुलाक़ात चाहिए। हर मुलाक़ात में परिवार के किसी सदस्य को साथ लाएँ।
तैयारी में शरीर की ताक़त बढ़ाना, पोषण और ख़ून सुधारना, और सारी टीमें तैयार रखना आता है। योजना तय होते ही यह शुरू हो जाती है।
देखभाल ICU में शुरू होती है। ज़्यादातर मरीज़ एक से दो हफ़्ते में, खाते, चलते और kidney की रिपोर्ट स्थिर होने पर घर जाते हैं।
| दिन | क्या होता है |
|---|---|
| Operation का दिन | ICU, नज़दीकी निगरानी और दर्द की दवा। हर घंटे पेशाब मापा जाता है, क्योंकि एक kidney हो तो तरल और दवा की पसंद बदलती है। |
| अगला दिन | Kidney की रिपोर्ट, बिस्तर से उठकर बैठना, थोड़ा चलना। Drain की समीक्षा। |
| दिन 2 से 3 | आँत चलने पर तरल और खाना, बड़ी आँत निकली हो तो थोड़ा देर से। Kidney को नुक़सान करने वाली दवाएँ बंद। |
| दिन 4 से 7 | खाना बढ़ाना, drain की रोज़ समीक्षा, ज़रूरत हो तो stoma की ट्रेनिंग, ज़्यादा चलना। |
| दिन 7 से 14 | खाते, ख़ुद चलते, बिना बुख़ार, kidney की रिपोर्ट स्थिर हो तो घर। |
Kidney निकली हो, तो आपको “एक ही kidney है” वाला लिखित नोट मिलता है। NSAID तरह की दर्द की दवा से बचें, और आगे हर अस्पताल में यह बात बताएँ।
यह बड़ा operation है और इसके असली जोखिम हैं। लंबे समय में मुख्य डर गाँठ का लौटना है, इसलिए कई साल तक scan चलते रहते हैं।
आम जोखिम: ख़ून चढ़ाना पड़े इतना ख़ून बहना, घाव में संक्रमण, पैर या फेफड़ों में ख़ून के थक्के, दिल या साँस की तकलीफ़, और बेहोशी से जुड़े जोखिम। ICU में रहना पहले से तय होता है।
क्या निकला, उस पर निर्भर जोखिम: आँत के जोड़ से रिसाव, pancreas की पूँछ निकले तो pancreas के रस का रिसाव, और kidney निकलने के बाद लंबे समय में kidney की कमज़ोरी, जिसमें कम ही dialysis चाहिए। इसके अलावा ureter में चोट, lymph द्रव का जमाव या पेट में दूधिया द्रव, पीप का जमाव, और तंत्रिका निकले तो जाँघ में सुन्नपन, कमज़ोरी या foot drop। पैर की सूजन और दोबारा operation भी संभव हैं। तिल्ली निकलने के बाद जीवन भर गंभीर संक्रमण का ख़तरा रहता है, इसलिए टीके और बुख़ार में तुरंत इलाज ज़रूरी।
बाद में: चीरे की जगह hernia, और आँतों के चिपकने से रुकावट। अंतिम subtype और grade पूरा नमूना पढ़ने के बाद ही पता चलते हैं, और वे योजना बदल सकते हैं। इस operation में जान का जोखिम भी है। Consent से पहले Dr Harsh Shah हर बात, आप पर लागू आँकड़ों के साथ, आमने-सामने समझाते हैं।
यह गाँठ देर से, दस साल बाद भी, लौट सकती है। पहले दो साल scan बार-बार होते हैं, और फिर हर साल चलते रहते हैं।
| कब | क्या होता है |
|---|---|
| 2 हफ़्ते पर | घाव की जाँच, पूरी pathology रिपोर्ट समझाई जाती है, kidney की रिपोर्ट, stoma की समीक्षा। |
| हर 3 से 4 महीने, पहले 2 साल | जाँच और पेट तथा पेडू का CT। Leiomyosarcoma और दूसरे high-grade प्रकारों में छाती का CT। |
| हर 6 महीने, साल 3 से 5 | वही जाँचें। |
| 5 साल के बाद हर साल | Scan जारी। यह पाँच साल पर छुट्टी मिलने वाली बीमारी नहीं है। |
| Kidney या तिल्ली निकलने के बाद | हर साल kidney की रिपोर्ट। टीके समय पर, और बुख़ार के लिए card। |
गाँठ लौटे, तो दोबारा operation काम आ सकता है, ख़ास तौर पर well-differentiated liposarcoma में। पर हर बार operation ज़्यादा कठिन होता है। तेज़ी से लौटने वाली high-grade गाँठ में बार-बार के operation अक्सर मदद नहीं करते। गाँठ के बर्ताव के आधार पर यह फ़ैसला विशेषज्ञ बैठक में होता है।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि कितने अंग निकलते हैं, ख़ून की नली फिर बनानी पड़ती है या नहीं, और ICU के दिन कितने हैं। योजना तय होने के बाद अनुमान दिया जाता है।
Apollo Hospital, Bhat प्रमुख insurance कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है। Pre-authorisation दफ़्तर सँभालता है। साथ लाएँ: CT की रिपोर्ट और CD, biopsy की रिपोर्ट और slides, ख़ून की रिपोर्ट, दवाओं की सूची, insurance card और पहचान-पत्र। क्या लाना है, यह पूछने के लिए +91-63555-64601 पर फ़ोन भी कर सकते हैं।
नहीं। पेट के पिछले हिस्से की गाँठ की पहले biopsy होती है। मिलती-जुलती कुछ गाँठों का इलाज दवा से होता है, और sarcoma को एक ही टुकड़े में योजनाबद्ध तरीक़े से निकालना होता है। पहले निकाल देने से काबू का मज़बूत मौक़ा बिगड़ सकता है।
पीठ या बगल से सुई जाए तो उसका रास्ता पेट की भीतरी झिल्ली के बाहर रहता है, और बाद में गाँठ के साथ निकल जाता है। पेट के आगे से सुई जाए तो कोशिकाएँ अंदर फैल सकती हैं।
सिर्फ़ तब, जब गाँठ उससे चिपकी हो। यह scan से तय होता है, और operation से पहले आपके साथ तय किया जाता है। दूसरी kidney का काम पहले जाँचा जाता है।
नहीं। ये गाँठें बड़ी होती हैं और बड़ी ख़ून की नलियों पर होती हैं। इन्हें एक ही टुकड़े में निकालने के लिए पूरा खुला operation ही सुरक्षित रास्ता है।
नियमित रूप से नहीं। चुने हुए liposarcoma में operation से पहले radiotherapy पर चर्चा होती है। कुछ high-grade गाँठों में chemotherapy सोची जाती है। विशेषज्ञ बैठक आपके साथ तय करती है।
कई साल। पहले हर कुछ महीने scan, फिर हर साल, क्योंकि ये गाँठें देर से लौट सकती हैं।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और biopsy slides की समीक्षा, और लंबे समय का follow-up।
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 18 reviews में 4.94
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गांधीनगर, मेहसाणा, नडियाद, आणंद, राजकोट और कच्छ समेत पूरे गुजरात से, और दक्षिण राजस्थान से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।
Scan में पेट के पिछले हिस्से में बड़ी गाँठ दिखी है? CT की CD, biopsy की रिपोर्ट और slides, ख़ून की रिपोर्ट और पुराने operation के काग़ज़ WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ ली गई हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है। तब तक बिना निदान वाली गाँठ के operation के लिए हाँ न कहें। फ़ोन करें +91-63555-64601 · रिपोर्ट WhatsApp पर भेजें
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