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Colonoscopy में cancer मिला, अब पहले क्या तय होगा?

Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर

बड़ी आंत के cancer के surgeon, अहमदाबाद · Gota OPD, Gota, अहमदाबाद · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर

अंतिम अपडेट: 13-Oct-2026

रिपोर्ट में cancer पढ़ते ही परिवार जल्दी ऑपरेशन चाहता है। लेकिन पहले पाँच जाँचें पूरी होती हैं, और वही तय करती हैं कि कौन-सा ऑपरेशन और कब।

जल्दबाज़ी में तय की गई तारीख़ गलत ऑपरेशन तक ले जा सकती है। आंत में कहीं दूसरी गांठ हो, तो वह भी छूट सकती है। यह पेज चार बातें बताता है: पहले क्या जाँचा जाता है, गांठ की जगह से कौन-सा ऑपरेशन होता है, फ़ैसला कौन करता है, और consent पर हस्ताक्षर से पहले क्या पूछें। हर ऑपरेशन की गहरी जानकारी नीचे दिए अलग पेजों पर है।

तारीख़ से पहले पाँच जाँचें

पूरी आंत, CT scan, CEA की रिपोर्ट, MMR test और शरीर की ताक़त, ये पाँच बातें पहले देखी जाती हैं। इनमें से कोई भी ऑपरेशन बदल सकती है।

ऑपरेशन से पहले क्या जाँचा जाता है, और क्यों
जाँचक्यों ज़रूरी
बड़ी आंत की शुरुआत तक पहुँचने वाली colonoscopy।आंत में कहीं और दूसरी गांठ हो सकती है। इसलिए पूरी आंत देखनी पड़ती है। छोटी गांठ पर स्याही से निशान लगाया जाता है, ताकि ऑपरेशन के समय surgeon उसे ढूँढ सके।
छाती, पेट और पेड़ू का CT scan।इससे पता चलता है कि cancer liver, फेफड़ों या lymph nodes तक पहुँचा है या नहीं।
खून में CEA की जाँच।शुरुआती आँकड़ा मिलता है। इलाज के बाद इसी जाँच से निगरानी होती है।
Biopsy पर MMR या MSI test।हर colon cancer में होता है। यह ख़ानदानी कारण पकड़ता है और बाद में chemotherapy तय करने में काम आता है।
शरीर की ताक़त, खून और पोषण।ऑपरेशन से पहले नापे और सुधारे जाते हैं। इनसे तारीख़ और ऑपरेशन का तरीका बदल सकता है।

कभी गांठ इतनी बड़ी होती है कि colonoscopy आगे जा ही नहीं पाती। तब बाकी आंत दूसरे तरीके से देखी जाती है। CT colonography एक रास्ता है। ऑपरेशन के बाद तीन से छह महीने में पूरी colonoscopy दूसरा रास्ता है। यह कदम कभी छोड़ा नहीं जाता। PET scan हर मरीज़ के लिए नहीं है। Liver में किसी संदिग्ध धब्बे को समझने के लिए ही MRI होता है। RAS और BRAF जैसे gene test तभी चाहिए, जब cancer फैल चुका हो।

आख़िरी फ़ैसला किसके हाथ?

Dr Harsh Shah आपकी जाँच करते हैं, scan को tumour board के सामने रखते हैं, परिवार को plan समझाते हैं और Apollo Hospital, भाट में ऑपरेशन ख़ुद करते हैं।

Dr Harsh Shah, बड़ी आंत के cancer के surgeon, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre। Surgical gastroenterology में super-specialty प्रशिक्षण, उसी विषय में दो उच्च डिग्रियाँ, और GI तथा cancer surgery में 18 साल का अनुभव। बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन उनके नियमित काम का हिस्सा हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी follow-up तक एक ही surgeon आपको देखते हैं।

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद

Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, भाट पर 18 reviews में 4.94.

Staging पूरी होने के बाद आपका case tumour board में जाता है। वहाँ surgeon, cancer के physician, radiologist और pathologist एक ही scan और slide देखते हैं। कुछ case board के बिना आगे बढ़ते ही नहीं। जैसे liver या फेफड़ों में धब्बे, दूसरे अंग में घुसी गांठ, MMR की deficient रिपोर्ट, या chemotherapy की ज़रूरत पर साफ़ राय न होना। बीमारी हटाने के इरादे वाला plan board के बाहर बने, तो वह मान्य नहीं होता। फिर Dr Shah आपके और परिवार के साथ बैठते हैं। वे plan, उसके कारण, और जिन दूसरे रास्तों पर विचार हुआ, सब समझाते हैं।

Colon या rectum: कौन-से नियम?

मलद्वार के पास, आंत के आख़िरी हिस्से की गांठ rectal cancer के नियमों से चलती है। उसमें scan अलग होते हैं, और अक्सर ऑपरेशन से पहले इलाज होता है।

बड़ी आंत appendix के पास से शुरू होकर मलाशय तक जाती है। दोनों के जोड़ के पास की गांठ में ध्यान देना पड़ता है। Colonoscopy की रिपोर्ट में लिखा होना चाहिए कि गांठ कितनी ऊपर है, और surgeon ख़ुद भी इसकी पुष्टि करते हैं। गांठ rectal मानी जाए, तो पेड़ू का MRI जोड़ा जाता है, और ऑपरेशन से पहले radiotherapy या chemotherapy आ सकती है। वह रास्ता मलाशय के cancer के ऑपरेशन के plan वाले पेज पर है। नीचे की सारी बातें बड़ी आंत की हैं।

गांठ की जगह से ऑपरेशन

बड़ी आंत हिस्सों में निकाली जाती है, और हर हिस्से की अपनी खून की नली होती है। गांठ की जगह से हिस्सा, बाँधी जाने वाली धमनी और अगला पेज तय होता है।

गांठ की जगह के हिसाब से कौन-सा ऑपरेशन
गांठ कहाँ हैऑपरेशनऔर पढ़ें
Caecum या ascending colon।Right hemicolectomy। Ileocolic और right colic नलियाँ बाँधी जाती हैं।Right hemicolectomy का पेज।
Hepatic flexure, या transverse colon का शुरुआती हिस्सा।Extended right hemicolectomy। Middle colic नली भी बाँधी जाती है।Transverse colon का पेज।
Transverse colon का आख़िरी हिस्सा, या splenic flexure।Extended right या extended left hemicolectomy, हर case के हिसाब से।Transverse colon का पेज।
Descending colon।Left hemicolectomy। Left colic नली बाँधी जाती है।बाईं आंत का पेज।
Sigmoid colon।Sigmoid colectomy, जिसे anterior resection भी कहते हैं। Inferior mesenteric artery ऊपर से या थोड़ा नीचे से बाँधी जाती है।Sigmoid का पेज।

हर जुड़ा हुआ पेज एक ऑपरेशन की गहरी बात करता है। यह पेज उन सबकी साझा बातों पर है। परिवार में कई लोगों को आंत का cancer हुआ हो, या MMR test असामान्य आए, तो ख़ानदानी आंत और आमाशय cancer का पेज भी पढ़ें। ख़ानदानी कारण हो, तो कितनी आंत निकालनी है, यह बदल सकता है।

हर ऑपरेशन के छह नियम

आंत का कोई भी हिस्सा निकले, cancer के नियम वही रहते हैं। इन्हीं से ऑपरेशन पूरा माना जाता है, और बाद में pathology रिपोर्ट बताती है कि हर नियम माना गया या नहीं।

  1. खून पहुँचाने वाली धमनी उसकी जड़ से बाँधी जाती है। इससे उसकी पूरी लंबाई की lymph nodes साथ निकल आती हैं।
  2. आंत के चारों ओर की चर्बी की परत पूरी निकलती है। इसमें lymph nodes होती हैं। इसे complete mesocolic excision कहते हैं।
  3. पर्याप्त lymph nodes जाँची जाती हैं। कम nodes मिलना अपने आप में चेतावनी है। इससे chemotherapy की सलाह बदल सकती है।
  4. गांठ के दोनों ओर स्वस्थ आंत भी ली जाती है। कटे किनारे cancer से मुक्त होने चाहिए।
  5. गांठ जिस अंग में घुसी हो, वह अंग भी एक ही टुकड़े में साथ निकलता है। उसे कभी छीलकर अलग नहीं किया जाता। छीलने से cancer अंदर रह सकता है, और ठीक होने लायक case अधूरा रह जाता है।
  6. गांठ को न खोला जाता है, न फूटने दिया जाता है। Colonoscopy के समय लगा स्याही का निशान छोटी गांठ की जगह बताता है।

कब बदलता है रास्ता?

आंत बंद हो, फट गई हो, liver या फेफड़ों में फैलाव हो, गांठ दूसरे अंग से चिपकी हो, या शरीर कमज़ोर हो, तो रास्ता बदलता है।

हर स्थिति में आमतौर पर क्या होता है
स्थितिआमतौर पर क्या होता है
दाईं ओर की आंत बंद।गांठ निकाली जाती है, और ज़्यादातर उसी ऑपरेशन में आंत जोड़ दी जाती है।
बाईं ओर की आंत बंद, और शरीर साथ देता है।गांठ निकाली जाती है। आंत जोड़ी जाती है, कभी ऊपर अस्थायी थैली के साथ। हालत अस्थिर हो या पेट में गंदगी फैली हो, तो जोड़ने के बजाय सिरा बाहर निकालकर थैली बनाई जाती है। इसे Hartmann’s procedure कहते हैं।
बाईं ओर की आंत बंद, और शरीर कमज़ोर है या cancer फैल चुका है।दूरबीन से धातु का stent डालकर आंत खोली जाती है। यह बाद के planned ऑपरेशन तक पुल बनता है, या ख़ुद इलाज बनता है। इससे आपात थैली टल जाती है।
आंत फट गई है।आपात ऑपरेशन, पेट के अंदर धुलाई, और अक्सर थैली।
Liver या फेफड़ों में धब्बे।Tumour board तय करता है कि वे निकाले जा सकते हैं या नहीं, और किस क्रम में।
गांठ मूत्राशय, गर्भाशय, छोटी आंत या पेट की दीवार से चिपकी है।वह हिस्सा आंत के साथ एक ही टुकड़े में निकलता है, अक्सर open ऑपरेशन से।
रोज़ के काम की ताक़त कम।हल्का plan सोचा जाता है। कुछ मरीज़ों के लिए केवल आराम देने वाला इलाज ही बेहतर रहता है।

हमारे यहाँ कई colon cancer पहली बार बंद या फटी आंत के रूप में ही सामने आते हैं। ऐसे मरीज़ों पर ऊपर का planned रास्ता लागू नहीं होता, और जोखिम ज़्यादा होता है। दो लक्षणों में consultant surgeon उसी दिन देखते हैं। पहला, रुकावट के ऊपर की आंत बहुत फूली हो या दबाने पर दर्द करे। दूसरा, गांठ से भारी खून आए। ऐसा हो, तो +91-63555-64601 पर कॉल करें और तुरंत hospital पहुँचें।

Operation से पहले दूसरा इलाज कब?

Cancer पहले से फैला हो, तो अक्सर दवा पहले आती है। ऑपरेशन बाद में तभी सोचा जाता है, जब tumour board को सब कुछ निकाल पाने की असली संभावना दिखे।

फैले हुए cancer में गांठ के gene दवा तय करते हैं। RAS और BRAF की जाँच होती है, साथ में MMR की रिपोर्ट भी देखी जाती है। MMR deficient हो, तो ज़्यादातर पहले immunotherapy दी जाती है। Liver या फेफड़ों के कुछ धब्बे कभी-कभी निकाले जा सकते हैं, सीधे या chemotherapy से छोटे होने के बाद। यह फ़ैसला tumour board का है, किसी एक डॉक्टर का नहीं। फैले cancer वाले हर मरीज़ को जल्दी palliative care और पोषण की टीम से भी मिलवाया जाता है। यह अतिरिक्त सहारा है, इलाज रुकने का संकेत नहीं।

दूरबीन, robotic या open?

बड़ी आंत के cancer में दूरबीन का ऑपरेशन सामान्य मानक है। अनुभवी हाथों में robotic ऑपरेशन भी मान्य है। जहाँ ज़्यादा सुरक्षित हो, वहाँ open ऑपरेशन चुना जाता है।

दूरबीन के ऑपरेशन से cancer का नतीजा open जितना ही मिलता है, और रिकवरी जल्दी होती है। बड़े अध्ययनों ने यह दिखाया है। Robotic ऑपरेशन भी cancer के वही नियम मानता है। बड़ी गांठ, साथ में दूसरा अंग निकालना हो, या पुराने ऑपरेशन से पेट में चिपकाव हो, तब open ऑपरेशन सही फ़ैसला है। कभी दूरबीन का ऑपरेशन बीच में open में बदला जाता है। इससे ऑपरेशन पूरा और सुरक्षित रहता है। यह असफलता नहीं है, और इसकी सहमति पहले से ली जाती है। ऑपरेशन Dr Harsh Shah ख़ुद करते हैं। पूछ लें कि ऑपरेशन के दिन कौन करेगा, और तारीख़ बदले तब भी वही रहेगा या नहीं।

Operation से पहले की तैयारी

तैयारी पहली मुलाक़ात से शुरू होती है। खून, sugar, पोषण और आदतें सुधारी जाती हैं, ताकि शरीर ऑपरेशन के लिए ज़्यादा तैयार हो।

Planned ऑपरेशन से पहले क्या होता है
क्या होता हैक्यों
खून की कमी ठीक की जाती है। गोलियों से समय पर न सुधरे, तो नस से iron दिया जाता है।अच्छा hemoglobin ऑपरेशन को ज़्यादा सुरक्षित बनाता है।
Sugar काबू में लाई जाती है। बीड़ी, सिगरेट और शराब कम से कम चार हफ़्ते पहले बंद।दोनों से infection और फेफड़ों की तकलीफ़ घटती है।
वज़न घटा हो, albumin कम हो या खाना कम खाया जा रहा हो, तो dietitian देखते हैं।अच्छे पोषण से घाव अच्छी तरह भरता है। ख़ास पोषक पेय भी दिए जा सकते हैं।
वज़न कम हो या रोज़ का काम मुश्किल हो, तो खान-पान और कसरत का छोटा कार्यक्रम।जहाँ फ़ायदा हो वहीं, हर किसी के लिए नहीं।
एक दिन पहले आंत साफ़ करने वाला घोल, साथ में antibiotic की गोलियाँ।दोनों साथ लेने से infection और leak घटते हैं। अकेला घोल काफ़ी नहीं।
पिछली शाम और ऑपरेशन की सुबह मीठा पेय।भूखे रहने का समय घटता है। आंत बंद हो, तो यह नहीं दिया जाता।
थैली की संभावना हो, तो stoma nurse पेट पर जगह का निशान लगाती हैं।ज़रूरत पड़े तो थैली ऐसी जगह आए, जहाँ आप उसे देख और सँभाल सकें।

Operation के बाद के दिन

ज़्यादातर मरीज़ ऑपरेशन के दिन ही कुर्सी पर बैठते हैं और अगले दिन खाना खाते हैं। सामान्य दूरबीन ऑपरेशन के बाद चौथे या पाँचवें दिन घर जाते हैं।

Planned दूरबीन ऑपरेशन के बाद आमतौर पर रिकवरी
दिनक्या होता है
ऑपरेशन का दिन।दो घंटे बिस्तर से उठकर बैठना। पानी जैसा तरल घूँट-घूँट। आंत जगाने के लिए chewing gum।
अगला दिन।जितना हो सके सामान्य खाना। चार बार चलना। पेशाब की नली निकल जाती है।
दूसरा दिन।पूरा भोजन। Drip की जगह दर्द की गोली। हवा पास होनी चाहिए।
तीसरा दिन।आमतौर पर शौच होता है। घर जाने की तैयारी जाँची जाती है।
चौथा या पाँचवाँ दिन।घर, जब ठीक से खाना खा सकें, ख़ुद चल सकें, बुख़ार न हो और गोली से दर्द काबू में हो।

नाक में नली नियम से नहीं डाली जाती, और ज़्यादातर drain भी नहीं। थैली हो, तो घर जाने से पहले आप या परिवार का कोई उसे ख़ुद बदल सके, यह ज़रूरी है। एक नियम हर मरीज़ की रक्षा करता है। पहले हफ़्ते में तेज़ धड़कन, बुख़ार, पेट में नया दर्द, या सुधरता मरीज़ फिर बिगड़े, तो जब तक कुछ और साबित न हो, इसे leak माना जाता है। Scan होता है और consultant surgeon को तुरंत बताया जाता है। पूरी रात इंतज़ार नहीं किया जाता।

Pathology report क्या तय करती है?

आख़िरी stage scan से नहीं, निकाली गई आंत की जाँच से तय होती है। इसी से तय होता है कि chemotherapy चाहिए या नहीं, कौन-सी दवा, और कितने समय।

आख़िरी stage और उसके बाद आमतौर पर क्या
आख़िरी रिपोर्टआमतौर पर आगे क्या
Stage I।केवल ऑपरेशन, फिर नियमित जाँच।
Stage II, ज़्यादा जोखिम के किसी संकेत के बिना।नियमित जाँच। Chemotherapy का फ़ायदा न के बराबर होता है।
Stage II, MMR deficient के साथ।नियमित जाँच। एक ही दवा वाली chemotherapy नहीं दी जाती, क्योंकि उससे मदद नहीं मिलती।
Stage II, ज़्यादा जोखिम के संकेत के साथ।Chemotherapy पर बात होती है, और फ़ैसला आपके साथ मिलकर होता है।
Stage III, कम जोखिम।तीन महीने CAPOX chemotherapy।
Stage III, ज़्यादा जोखिम।छह महीने chemotherapy, आमतौर पर FOLFOX या CAPOX।

रिपोर्ट में चार बातें लिखी होनी ही चाहिए: कितनी nodes जाँची गईं, किनारे, MMR का नतीजा और ज़्यादा जोखिम के संकेत। Chemotherapy कही जाए, तो ऑपरेशन के छह से आठ हफ़्ते के अंदर शुरू होनी चाहिए। उसके बाद फ़ायदा घटता है। जहाँ सुविधा हो, वहाँ पहले DPYD की खून की जाँच होती है, क्योंकि शरीर में एक enzyme की कमी हो तो सामान्य dose भी ख़तरनाक बन सकती है। Discharge के लगभग दो हफ़्ते बाद पहली मुलाक़ात में रिपोर्ट आपके साथ पढ़ी जाती है।

Consent में बताए जाने वाले जोखिम

Consent की बैठक में हर जोखिम नाम लेकर समझाया जाता है। आपके अपने आँकड़े उम्र, ताक़त और ऑपरेशन planned है या आपात, इस पर निर्भर करते हैं।

सामान्य जोखिम: transfusion की ज़रूरत जितनी bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़ों में clot, दिल या साँस की तकलीफ़, anaesthesia से जुड़ी दिक्कत, और दूरबीन से open में बदलना। ऑपरेशन के जोखिम: जोड़ से leak, आंत का देर से चालू होना, किडनी से पेशाब ले जाने वाली ureter नली में चोट, दाईं ओर के ऑपरेशन के बाद दूध जैसा lymph का पानी, पेट में पीप, जोड़ का सिकुड़ना, और अस्थायी या स्थायी थैली। लंबे समय में: चीरे की जगह hernia, या आंतें चिपकने से रुकावट। मृत्यु का जोखिम भी साफ़ बताया जाता है, और आपात ऑपरेशन में यह ज़्यादा होता है। सब कुछ निकाल देने के बाद भी cancer लौट सकता है। इसलिए जाँच और colonoscopy जीवन भर चलती हैं। Dr Shah चार बातें ख़ुद समझाते हैं: leak, थैली, मृत्यु का जोखिम, और यह कि आख़िरी stage रिपोर्ट के बाद ही पता चलती है।

दूसरी राय कब लें?

दूसरी राय पहले ऑपरेशन से पहले ली जाए, तो ज़्यादा काम आती है। कोई ज़रूरी जाँच छूटी हो, या थैली या मना करने का कारण न समझाया गया हो, तो लें।

Plan पर दोबारा नज़र कब डालें
आपको क्या दिखेक्यों मायने रखता है
Colonoscopy अधूरी रही, और पूरी करने का कोई plan नहीं।दूसरी गांठ छूट सकती है।
CT में छाती नहीं देखी गई।फेफड़ों में फैलाव plan बदलता है।
Biopsy पर MMR test नहीं हुआ।ख़ानदानी जोखिम, chemotherapy और immunotherapy पर असर पड़ता है।
Tumour board के बिना liver के धब्बों को बेकार कह दिया गया।कुछ धब्बे निकाले जा सकते हैं।
दूसरे अंग से चिपकी गांठ को “छुड़ा देंगे” कहा गया।उसे उस अंग के साथ एक टुकड़े में निकलना चाहिए।
हालत स्थिर थी, फिर भी सिर्फ़ आपात थैली की बात हुई।Stent या जोड़ संभव हो सकता था।
कौन-सा हिस्सा या कौन-सी धमनी निकलेगी, कोई बता नहीं पाया।Plan गांठ की जगह से मेल न खाता हो।

आपके plan से सहमत दूसरी राय भी बेकार नहीं जाती। आप बिना किसी अधूरे सवाल के ऑपरेशन में जाते हैं। Colonoscopy की रिपोर्ट और फ़ोटो, biopsy रिपोर्ट, CT की CD, CEA की रिपोर्ट और दवाओं की सूची साथ लाएँ।

हस्ताक्षर से पहले के सवाल

  1. क्या मेरी पूरी आंत देखी गई है? नहीं, तो कब?
  2. मेरी गांठ colon में है, या इतनी नीचे कि rectal नियम लागू हों?
  3. कौन-सा हिस्सा निकलेगा, और कौन-सी धमनी बाँधी जाएगी?
  4. MMR test में क्या आया, और क्या अभी उससे कुछ बदलता है?
  5. थैली की कोई संभावना है? हो तो अस्थायी या स्थायी?
  6. दूरबीन, robotic या open? रास्ता बदलना पड़े तो क्या?
  7. Leak और मृत्यु समेत मेरे अपने जोखिम कितने हैं?
  8. ऑपरेशन कौन करेगा, और pathology रिपोर्ट कौन समझाएगा?

मरीज़ों और परिवारों की बातें

★★★★★

“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”

— Ismailbhai Shaikh, Google review

★★★★★

“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”

— Nagesh Patidar, Google review

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही मूल वर्तनी के साथ रखे गए हैं। पहला review Dr Harsh Shah द्वारा किए गए बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बारे में है। बाकी दो उनके cancer इलाज के बारे में हैं।

Dr Harsh Shah द्वारा किए गए दूरबीन वाले colon cancer ऑपरेशन के बाद एक मरीज़ अपनी रिकवरी के बारे में बताते हैं। सहमति से रिकॉर्ड करके रखा गया है।

पहली मुलाक़ात से follow-up तक

  1. पहली मुलाक़ात। Gota OPD में, colonoscopy और biopsy की रिपोर्ट और scan के साथ।
  2. बाकी जाँचें और tumour board। पूरी आंत, CT, CEA और MMR पूरे होते हैं। फिर लिखित plan।
  3. तैयारी। खून, sugar और पोषण सुधारे जाते हैं। ज़रूरत हो तो थैली की जगह का निशान।
  4. ऑपरेशन और hospital में रहना। Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर में, Dr Harsh Shah ऑपरेशन करते हैं।
  5. रिपोर्ट और follow-up। दो हफ़्ते पर pathology की मुलाक़ात, ज़रूरत हो तो chemotherapy, फिर तीन साल तक हर तीन महीने जाँच।

खर्च, बीमा और भर्ती

खर्च ऑपरेशन के तरीके, planned या आपात होने, hospital के दिनों और थैली की देखभाल पर निर्भर करता है। भर्ती से पहले लिखित अनुमान दिया जाता है।

Apollo Hospital, भाट ज़्यादातर बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है। बीमा काउंटर pre-authorisation सँभालता है। रुकना लंबा हो, तो उसी समय अतिरिक्त मंज़ूरी माँगी जाती है। भर्ती के समय scan की CD या drive, सारी रिपोर्टें, dose के साथ दवाएँ, बीमा card और पहचान पत्र लाएँ। थैली की देखभाल सीख सके, ऐसे परिवार के एक सदस्य को साथ लाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहली मुलाक़ात में ऑपरेशन की तारीख़ मिलेगी?

ज़्यादातर नहीं। पूरी आंत, CT scan, CEA और MMR test पहले होते हैं, और tumour board उन्हें देखता है। उससे पहले तय की गई तारीख़ गलत ऑपरेशन तक ले जा सकती है।

ऑपरेशन से पहले MMR test क्यों ज़रूरी?

यह ख़ानदानी कारण पकड़ता है, जिससे कितनी आंत निकालनी है यह बदल सकता है। बाद में chemotherapy और immunotherapy तय करने में भी काम आता है।

क्या मुझे थैली (stoma) लगेगी?

ज़्यादातर planned ऑपरेशन जोड़ के साथ पूरे होते हैं, बिना थैली के। आंत बंद या फटी हो, या जोड़ सुरक्षित न लगे, तो संभावना बढ़ती है। इसकी सहमति पहले से ली जाती है।

क्या दूरबीन से robotic ऑपरेशन बेहतर है?

Colon cancer में दूरबीन का ऑपरेशन सामान्य मानक है, और cancer का नतीजा open जितना ही देता है। अनुभवी हाथों में robotic भी मान्य है। दोनों में cancer के नियम वही रहते हैं।

गांठ से colonoscopy अधूरी रही, तो?

बाकी आंत CT colonography से, या ऑपरेशन के बाद तीन से छह महीने में colonoscopy से देखी जाती है। यह कदम कभी छोड़ा नहीं जाता।

क्या ऑपरेशन के बाद chemotherapy लेनी पड़ेगी?

यह आख़िरी pathology रिपोर्ट पर निर्भर है। Lymph nodes में cancer हो या ज़्यादा जोखिम के संकेत हों, तो आमतौर पर सलाह दी जाती है। यह छह से आठ हफ़्ते में शुरू होनी चाहिए।

डॉ. हर्ष शाह कहाँ मिलते हैं?

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan की समीक्षा, follow-up और नियमित जाँच।
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601

Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 18 reviews में 4.94
Apollo, भाट का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के लिए पूरे गुजरात से परिवार अहमदाबाद आते हैं, जैसे गांधीनगर, मेहसाणा, बनासकांठा, नडियाद, आणंद, भावनगर, राजकोट, जामनगर और कच्छ। दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से भी आते हैं।

हाथ में colonoscopy या biopsy की रिपोर्ट है, जिसमें cancer लिखा है? Colonoscopy और biopsy की रिपोर्ट, CT scan की CD और खून की ताज़ा रिपोर्टें appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ी जा चुकी हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है। कॉल करें +91-63555-64601 · रिपोर्ट WhatsApp पर पहले भेजें

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