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पेट के कैंसर का सर्जन चुनने से पहले क्या देखें?

Dr. Jivraj Mehta Hospital · वासणा, अहमदाबाद

पेट के कैंसर के सर्जन, अहमदाबाद · Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद

आख़िरी बदलाव: 23-Oct-2026

पेट के कैंसर का ऑपरेशन कितनी सावधानी से हुआ, यह उसके आसपास के कदमों से पता चलता है. पक्का निदान, पूरी staging, tumour board, सही हद और नियमित जाँच.

पेट का कैंसर है, यह सुनने के बाद परिवार ज़्यादातर एक ही सवाल पहले पूछते हैं. ऑपरेशन किससे करवाएँ? सिर्फ़ नाम से इसका जवाब नहीं मिलता. जवाब मिलता है इस बात से कि सर्जन काम कैसे करते हैं. यह पेज सीधी भाषा में बताता है कि सावधानी से किया गया ऑपरेशन कैसा होता है, ताकि आपको मिला कोई भी plan आप ख़ुद परख सकें. साथ में यह भी बताता है कि डॉ. हर्ष शाह पहली मुलाक़ात से आख़िरी जाँच तक हर कदम कैसे निभाते हैं. हर ऑपरेशन की पूरी जानकारी यहाँ दोबारा नहीं लिखी गई है. वह पेट के कैंसर का इलाज (English) पेज पर और नीचे दिए पेजों पर है. यहाँ बात सर्जन की और उनके तरीक़े की है.

डॉ. हर्ष शाह, सीधे तथ्यों में

डॉ. हर्ष शाह surgical gastroenterologist हैं और इसी विषय में दो उच्च डिग्रियाँ रखते हैं. GI और कैंसर के ऑपरेशन में उन्हें 18 साल का अनुभव है.

डॉ. हर्ष शाह, पेट के कैंसर के सर्जन, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Dr Harsh Shah. उनका प्रशिक्षण दिल्ली के Maulana Azad Medical College और GB Pant Hospital में हुआ है. उनका काम खाने की नली, पेट, लिवर, अग्नाशय, पित्ताशय और आँतों के कैंसर और बड़े ऑपरेशन का है. वे पेट खोलकर, दूरबीन से और robot से, तीनों तरीक़ों से ऑपरेशन करते हैं. पहली मुलाक़ात से आख़िरी जाँच तक आपको वही सर्जन मिलते हैं.

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad

Google rating Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद पर 18 reviews में 4.94.

पेट के कैंसर का ऑपरेशन उनके काम का मुख्य हिस्सा है. वे अहमदाबाद के Dr. Jivraj Mehta Hospital OPD में मरीज़ों को देखते हैं और Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद में ऑपरेशन करते हैं. फ़ैसला लेने से पहले आप उनका तरीक़ा परख सकते हैं. इस पेज का बाक़ी हिस्सा वही तरीक़ा समझाता है.

पेट के कौन-से ऑपरेशन वे करते हैं

कौन-सा ऑपरेशन होगा, यह इस पर निर्भर है कि कैंसर कहाँ है, किस तरह का है और कितना फैला है. हर एक का अलग पेज है.

पेट के कैंसर के ऑपरेशन, और हर एक कब किया जाता है
ऑपरेशनज़्यादातर कब चुना जाता है
Washings के साथ staging laparoscopy.पेट निकालने के ऑपरेशन से पहले, पेट की अंदरूनी परत पर वह फैलाव देखने के लिए जो scan में नहीं दिखता.
Subtotal (distal) gastrectomy, D2 lymph node के साथ.पेट के निचले हिस्से का कैंसर, जिसके ऊपर काफ़ी स्वस्थ पेट बचा रहे.
Total gastrectomy, D2 lymph node के साथ.पेट के ऊपरी या बीच के हिस्से का कैंसर, या diffuse प्रकार.
खाने की नली और पेट के जोड़ के कैंसर का ऑपरेशन.पेट के बिल्कुल ऊपरी सिरे का कैंसर. उसका स्तर ऑपरेशन तय करता है.
Bypass या खाने की नली.जब खाना आगे न जाए और पेट निकालना सही कदम न हो.

बहुत शुरुआती कैंसर सिर्फ़ अंदरूनी परत में हो, तो कभी-कभी दूरबीन से अंदर से ही निकाला जा सकता है. यह काम endoscopist करते हैं. आपका केस इसमें आता है या नहीं, यह डॉ. शाह बताएँगे, और refer करेंगे. Distal gastrectomy (English), पूरा पेट निकालने का ऑपरेशन और जोड़ का कैंसर पेज हर ऑपरेशन समझाते हैं.

सावधानी से किए ऑपरेशन के छह निशान

ये छह निशान हर सर्जन और हर अस्पताल पर लागू होते हैं. यहाँ का या कहीं और मिला plan, दोनों को इनसे परखें.

छह निशान, और हर एक के लिए पूछने का सवाल
निशानपूछने का सवालक्यों ज़रूरी
पक्का निदान.कितनी biopsy ली गईं?मानक कम से कम छह biopsy का है. कम biopsy कैंसर या उसका प्रकार चूक सकती हैं.
पूरी staging.CT scan और staging laparoscopy हुए हैं?पेट की परत पर फैलाव अक्सर इतना छोटा होता है कि कोई scan नहीं दिखा पाता.
Tumour board.क्या मेरा केस विशेषज्ञों की टीम ने देखा है?सर्जन, कैंसर के physician, radiologist और pathologist साथ बैठकर ज़्यादा देखते हैं.
सही क्रम.क्या पहले कीमोथेरेपी मिलेगी?पेट के कई कैंसर में ऑपरेशन से पहले का इलाज ही मानक है.
सही हद.पेट का कितना हिस्सा, और कौन-सी lymph node?साफ़ किनारे और D2 node निकालने से कैंसर लौटने की संभावना घटती है.
बाद का plan.बाद की जाँच कौन करेगा, और कितनी बार?खाना, vitamin और लौटने के शुरुआती संकेत, सब पर नज़र रखनी होती है.

पहले पक्का निदान

Biopsy कैंसर और उसका प्रकार पक्का कर दे, तभी इलाज शुरू होता है. शक वाली report कुछ दिनों में दोबारा करवाई जाती है, इंतज़ार नहीं किया जाता.

Endoscopy की report में लिखा होना चाहिए कि कैंसर कहाँ है. खाने की नली से और पेट के निचले दरवाज़े से उसकी दूरी तय करती है कि पेट का कितना हिस्सा निकालना होगा. घाव के किनारे या गांठ से कम से कम छह biopsy ली जाती हैं. ख़ून की जाँच में hemoglobin, iron और vitamin B12 देखे जाते हैं. छाती, पेट और पेडू का CT scan फैलाव खोजता है. Endoscopic ultrasound तब जोड़ा जाता है जब उसका जवाब plan बदल सकता हो. पेट के कैंसर में PET scan नियमित जाँच नहीं है. कैंसर फैला हो, तो biopsy पर HER2, PD-L1 और MSI जैसे marker जाँचे जाते हैं. वे तय करते हैं कि कौन-सी दवा दी जाए, इसलिए इलाज से पहले उनके नतीजे आ जाते हैं.

यहाँ फ़ैसला कैसे लिया जाता है

पेट का कैंसर निकालने का फ़ैसला अकेले एक डॉक्टर नहीं लेते. जो कैंसर फैला नहीं है, वह हर केस पहले tumour board के सामने जाता है.

  1. पहली मुलाक़ात. डॉ. शाह तकलीफ़ का पूरा ब्योरा लेते हैं, जाँच करते हैं और हर report पढ़ते हैं.
  2. बाक़ी जाँचें. निदान या staging में कोई कमी हो, तो पहले वह पूरी होती है.
  3. Staging laparoscopy. शुरुआती चरण से आगे के ज़्यादातर कैंसर में, दूरबीन से छोटी जाँच पेट की परत को देखती है.
  4. Tumour board. टीम इलाज का क्रम तय करती है और लिखकर देती है.
  5. परिवार के साथ बैठक. डॉ. शाह plan, विकल्प और जोखिम सीधी भाषा में समझाते हैं.

Washings में कैंसर की कोशिकाएँ मिली हों, फैलाव सीमित हो, या कीमोथेरेपी के बाद ऑपरेशन पर विचार हो रहा हो, ऐसे केस भी board देखता है. Washings में कैंसर की कोशिकाएँ मिलें, तो कुछ न दिखे तब भी उसे फैलाव ही माना जाता है. ऑपरेशन से फ़ायदा होगा या नहीं, यह कैसे तय होता है पेज इस कदम को विस्तार से समझाता है.

ऑपरेशन से पहले कीमोथेरेपी

शरीर सक्षम हो और कैंसर शुरुआती चरण से आगे हो, तो ज़्यादातर पहले कीमोथेरेपी दी जाती है. उसके ख़त्म होने के कुछ हफ़्ते बाद ऑपरेशन होता है.

आम plan चार दवाओं के मेल FLOT का है. यह ऑपरेशन से पहले cycle में दी जाती है, और ठीक होने के बाद फिर दी जाती है. चार दवाएँ आपके लिए ज़्यादा हों, तो दो दवाओं वाला plan इस्तेमाल होता है. हर मुलाक़ात पर शरीर की क्षमता नापी जाती है. इस दौरान खाना अक्सर मुश्किल हो जाता है, इसलिए खाने का ध्यान शुरुआत से ही रखा जाता है. खाना आगे न जाता हो, तो छोटी आँत में खाने की नली ज़्यादातर बीच का रास्ता बनती है. मक़सद सीधा है. वज़न घटने की वजह से कीमोथेरेपी अधूरी न रहे.

खुला, दूरबीन या रोबोट: रास्ते का चुनाव

रास्ता कैंसर के हिसाब से तय होता है, कैंसर रास्ते के हिसाब से नहीं. निचले पेट के कई कैंसर में दूरबीन या robot चलता है. बड़े ऑपरेशन अक्सर पेट खोलकर होते हैं.

डॉ. शाह तीनों तरीक़ों से ऑपरेशन करते हैं, इसलिए चुनाव किसी एक सर्जन की सीमा से बँधा नहीं रहता. Trials ने दिखाया है कि पेट के निचले हिस्से के कैंसर में दूरबीन से ऑपरेशन सुरक्षित विकल्प है. बड़ी गांठ, दूसरे अंग से चिपका कैंसर या पूरा पेट निकालना हो, तो अक्सर पेट खोलकर ऑपरेशन चुना जाता है. यह फ़ैसला आपके केस के लिए सर्जन के अनुभव से लिया जाता है. रास्ता कोई भी हो, नियम वही रहते हैं. किनारे साफ़ होने चाहिए, और वही lymph node निकलनी चाहिए. आपके लिए कौन-सा रास्ता है, और क्यों, यह ज़रूर पूछें.

पूरे ऑपरेशन में क्या-क्या शामिल है

पूरा ऑपरेशन यानी साफ़ किनारों और D2 lymph node के साथ कैंसर निकालना. आसपास के स्वस्थ अंग, जब तक कैंसर न माँगे, बचाए जाते हैं.

  • किनारे. कैंसर से आगे लगभग पाँच सेंटीमीटर स्वस्थ पेट, और diffuse प्रकार में उससे ज़्यादा.
  • Frozen section. कटे सिरे पर शक हो, तो आप बेहोश हों तभी pathologist उसे जाँचते हैं.
  • Lymph node. D2 में पेट के आसपास की node की दो परतें निकाली जाती हैं. मानक यह है कि कम से कम पंद्रह node जाँची जाएँ.
  • तिल्ली और अग्नाशय. इन्हें नियमित रूप से नहीं निकाला जाता. कैंसर ख़ुद इन तक पहुँचा हो, तभी निकाले जाते हैं.
  • जोड़. बचे हुए पेट से, या total gastrectomy के बाद खाने की नली से, आँत जोड़ी जाती है.

Pathologist की आख़िरी report बताती है कि ये मानक निभाए गए या नहीं. ऑपरेशन के लगभग दो हफ़्ते बाद डॉ. शाह यह report आपको आमने-सामने समझाते हैं. इससे टीम जानती है कि और इलाज चाहिए या नहीं. पेट के ऊपरी और बीच के कैंसर में किनारे के सवाल के लिए gastric body cancer margin (English) पेज देखें.

ऑपरेशन के लिए शरीर को तैयार करना

ऑपरेशन से पहले के हफ़्ते आपको मज़बूत बनाने में लगाए जाते हैं. चलना, साँस की कसरत, अच्छा खाना और धूम्रपान छोड़ना, सब जोखिम घटाते हैं.

  • ऑपरेशन से कम से कम दो हफ़्ते पहले धूम्रपान और शराब बंद करें.
  • रोज़ चलें, और दिया गया साँस का उपकरण इस्तेमाल करें.
  • वज़न घटा हो या खाना कम हो गया हो, तो dietitian आपसे मिलते हैं.
  • ऑपरेशन से पहले कम hemoglobin, iron और vitamin B12 को सुधारा जाता है.
  • ऑपरेशन से पहली शाम और सुबह carbohydrate drink जल्दी उबरने में मदद करता है. पेट का दरवाज़ा बंद हो, तो यह नहीं दिया जाता.

ऑपरेशन के जोखिम कौन-कौन से हैं

पेट के कैंसर का ऑपरेशन बड़ा ऑपरेशन है, और इसके असली जोखिम हैं, जैसे जोड़ से leak. आपके अपने जोखिम consent के समय आमने-सामने समझाए जाते हैं.

  • आम जोखिम. ख़ून बहना, घाव में संक्रमण, पैरों या फेफड़ों में थक्के, छाती का संक्रमण, और दिल या बेहोशी की दवा की तकलीफ़.
  • इस ऑपरेशन के जोखिम. जोड़ से या duodenum के बंद सिरे से leak, खाना धीरे आगे जाना, और खाने के बाद कमज़ोरी, जिसे dumping कहते हैं.
  • लंबे समय में. कम vitamin B12 और iron, वज़न घटना, और total gastrectomy के बाद पूरी ज़िंदगी थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाना.
  • जान का जोखिम. यह असली है, और उम्र, दूसरी बीमारी और ऑपरेशन से पहले की कीमोथेरेपी के साथ बढ़ता है.

ऑपरेशन के बाद तेज़ धड़कन, बुख़ार, नया दर्द या drain के तरल में बदलाव को, जब तक कुछ और साबित न हो, leak ही माना जाता है. Consultant सर्जन को तुरंत बताया जाता है, और उसी दिन scan होता है.

ठीक होना और बाद की जाँच

ज़्यादातर मरीज़ ऑपरेशन के दिन ही बिस्तर से बाहर बैठते हैं, और कुछ दिनों में तरल से नरम खाने पर आ जाते हैं. जाँच पाँच साल चलती है.

पेट के कैंसर के ऑपरेशन के बाद का आम रास्ता
कबक्या होता है
ऑपरेशन का दिन.बिस्तर से बाहर बैठना, पानी के छोटे घूँट, और कम से कम morphine के साथ दर्द की दवा.
अगले कुछ दिन.पहले तरल, फिर नरम खाना. दिन में कई बार चलना.
घर जाना.बुख़ार नहीं, नरम खाना पच जाए, ख़ुद चल सकें और गोली से दर्द क़ाबू में.
दो हफ़्ते बाद.आख़िरी report समझाई जाती है. कीमोथेरेपी और खाने का plan बनता है.
पहले दो साल.हर तीन महीने में जाँच, और तय समय पर scan.
पाँच साल तक.हर छह महीने में जाँच, फिर साल में एक बार.

Total gastrectomy के बाद vitamin B12 के injection पूरी ज़िंदगी लेने होते हैं. Subtotal gastrectomy के बाद एक साल पर endoscopy होती है. हर मुलाक़ात पर वही सर्जन आपसे मिलते हैं.

दूसरी राय कब काम आती है

दूसरी राय ऑपरेशन से पहले ली जाए, तब ज़्यादा काम आती है. कोई ज़रूरी कदम छूटा लगे या plan पर शक हो, तो ज़रूर लें.

वे संकेत जब plan को दोबारा दिखाना मदद करे
आप क्या देखते हैंक्यों ज़रूरी
छाती और पेट के CT के बिना ऑपरेशन तय हो गया है.फेफड़ों या लिवर में फैलाव plan बदल देता है.
शुरुआती चरण से आगे के कैंसर में staging laparoscopy नहीं हुई.पेट की परत का फैलाव अक्सर scan में छूट जाता है.
कीमोथेरेपी की कोई बात किए बिना सीधे ऑपरेशन.पेट के कई कैंसर में कीमोथेरेपी पहले आती है.
किसी tumour board ने केस नहीं देखा.कैंसर निकालने का हर plan board को देखना चाहिए.
आपसे कहा गया कि अब कुछ नहीं हो सकता.मदद करने वाला इलाज अभी भी संभव हो सकता है.

आपके plan से सहमत दूसरी राय भी बेकार नहीं जाती. आप कोई सवाल बाक़ी रखे बिना इलाज शुरू करते हैं. हर report, हो सके तो biopsy की slides, CT की CD और अपनी दवाओं की सूची साथ लाएँ.

किसी भी सर्जन से पूछने के सवाल

  1. कैंसर ठीक-ठीक कहाँ है, और किस प्रकार का है?
  2. क्या पेट की परत समेत पूरी staging हुई है?
  3. क्या tumour board ने मेरा केस देखा है?
  4. क्या ऑपरेशन से पहले मुझे कीमोथेरेपी मिलेगी?
  5. पेट का कितना हिस्सा निकाला जाएगा, और क्यों?
  6. क्या D2 lymph node निकाली जाएँगी?
  7. ऑपरेशन पेट खोलकर, दूरबीन से या robot से होगा, और क्यों?
  8. ऑपरेशन कौन करेगा, और बाद में जाँच कौन करेगा?

मरीज़ों और परिवारों ने क्या कहा

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

★★★★★

“Excellent doctor for stomach cancer. We r very happy. Recommend for gastro cancer treatment in Ahmedabad”

— Purshottam Meena, Google review

★★★★★

“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”

— Nagesh Patidar, Google review

Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही रखे गए हैं. पहले दो डॉ. हर्ष शाह के पेट के कैंसर के इलाज के बारे में हैं. तीसरा उनके कैंसर के इलाज के बारे में आम तौर पर है.

डॉ. हर्ष शाह के किए पेट के कैंसर के ऑपरेशन के बाद उबरने के बारे में एक मरीज़ की बात. सहमति लेकर रिकॉर्ड की और साझा की गई है. हर मरीज़ का plan और उबरने का समय अलग होता है.

पहली मुलाक़ात से बाद की जाँच तक

  1. पहला consultation. Dr. Jivraj Mehta Hospital OPD में, हर report और scan के साथ.
  2. बाक़ी जाँचें पूरी करना. कुछ छूटा हो तो biopsy, CT और ख़ून की जाँच.
  3. Staging laparoscopy और tumour board. फिर लिखित plan.
  4. कीमोथेरेपी और खाना. जब कीमोथेरेपी पहले आए, तब dietitian के साथ.
  5. ऑपरेशन. Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद में, डॉ. हर्ष शाह ख़ुद ऑपरेशन करते हैं.
  6. Report और बाद की जाँच. आख़िरी report समझाई जाती है, और जाँच का plan शुरू होता है.

ख़र्च, बीमा और भर्ती

ख़र्च जाँचों, कीमोथेरेपी, ऑपरेशन और अस्पताल में रहने के दिनों पर निर्भर है. भर्ती से पहले लिखित अनुमान दिया जाता है.

Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद प्रमुख बीमा कंपनियों के साथ काम करता है और cashless भर्ती की सुविधा है. बीमा desk pre-authorisation संभालता है. Staging laparoscopy के लिए छोटी अलग भर्ती होती है, और उसका ख़र्च पहले से बताया जाता है. भर्ती के समय सभी scan की CD, सभी report, दवाएँ और उनकी ख़ुराक, बीमा card और पहचान पत्र साथ लाएँ. Booking से पहले सवाल हों तो +91-63555-64601 पर फ़ोन करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या डॉ. हर्ष शाह पेट के कैंसर का ऑपरेशन ख़ुद करते हैं?

हाँ. वे आपकी जाँच करते हैं, plan समझाते हैं और Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद में ऑपरेशन ख़ुद करते हैं. बाद की हर जाँच में भी वही मिलते हैं.

कैसे जानें कि ऑपरेशन सावधानी से हो रहा है?

छह बातें परखें. पक्का निदान, पूरी staging, tumour board, इलाज का सही क्रम, D2 node के साथ साफ़ किनारे, और बाद की जाँच का plan.

क्या ऑपरेशन से पहले हमेशा कीमोथेरेपी दी जाती है?

हमेशा नहीं. शरीर सक्षम हो और कैंसर शुरुआती चरण से आगे हो, तब यह आम plan है. बहुत शुरुआती कैंसर में सिर्फ़ ऑपरेशन या दूरबीन से अंदर से निकालना काफ़ी हो सकता है.

क्या पेट के कैंसर में रोबोट से ऑपरेशन बेहतर है?

हर केस के लिए एक ही रास्ता सही नहीं है. निचले पेट के कई कैंसर में दूरबीन या robot चलता है. बड़े ऑपरेशन अक्सर पेट खोलकर होते हैं. रास्ता आपके कैंसर के हिसाब से चुना जाता है.

दूसरे अस्पताल के plan पर दूसरी राय मिल सकती है?

हाँ. हर report, हो सके तो biopsy की slides, CT की CD और दवाओं की सूची लाएँ. Report मुलाक़ात से पहले WhatsApp पर भेजी जा सकती हैं.

वे मरीज़ों को कहाँ देखते हैं और ऑपरेशन कहाँ करते हैं?

Consultation अहमदाबाद के Dr. Jivraj Mehta Hospital OPD में होता है. ऑपरेशन Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद में होते हैं.

डॉ. हर्ष शाह से कहाँ मिलें

Dr. Jivraj Mehta Hospital — वासणा, अहमदाबाद
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Dr Jivraj Mehta Marg, Vasna, Ahmedabad 380007.
ऑपरेशन, endoscopy और अस्पताल में रहना.
Google: Dr Harsh Shah · 4.94 · 18 reviews
Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

गांधीनगर, मेहसाणा, बनासकांठा, नडियाद, आणंद, भावनगर, राजकोट, जामनगर और कच्छ समेत पूरे गुजरात से, और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से परिवार अहमदाबाद आते हैं.

पेट के कैंसर का ऑपरेशन करवाने को कहा गया है? Endoscopy और biopsy की report, CT scan की CD और हाल की ख़ून की जाँचें मुलाक़ात से पहले भेज सकते हैं. तब consultation के समय report पहले से पढ़ी हुई होती हैं. Plan जाँच के बाद, consultation में ही तय होता है. फ़ोन करें +91-63555-64601 · WhatsApp पर report भेजें

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