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मलाशय का कैंसर: सही सर्जन कैसे चुनें

अंतिम अपडेट: 04-Nov-2026

मलाशय के कैंसर का पता चला है और समझ नहीं आ रहा कि ऑपरेशन कौन करे? डॉ. हर्ष शाह की टीम को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजिए। · फ़ोन करें +91-63555-64601

डॉ. हर्ष शाह का चित्र, पेट और कैंसर सर्जन, अहमदाबाद

डॉ. हर्ष शाह
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
गुजरात मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत, Reg. No. G-38738
गैस्ट्रो और कैंसर सर्जन · डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद

मलाशय, बड़ी आंत, पेट, लिवर और पैंक्रियास की सर्जरी का 18 साल का अनुभव। मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज और जी.बी. पंत अस्पताल, दिल्ली से प्रशिक्षण।

संक्षेप में

ऐसा सर्जन चुनिए जो आंत के कैंसर के ऑपरेशन अक्सर करता हो, टीम के साथ बैठकर योजना बनाता हो, और ऑपरेशन के बाद शौच की आदतों में क्या बदलेगा, यह साफ़ बताता हो। मलाशय पेड़ू की गहराई में है, इसलिए ऑपरेशन कौन करता है, इससे नतीजा बदलता है।

सवाल पूछना, दूसरे सर्जन से मिलना और कुछ दिन सोचना आपका हक़ है। मलाशय के कैंसर का फ़ैसला एक दोपहर में नहीं लिया जाता।

इस कैंसर के पूरे इलाज की जानकारी डॉ. हर्ष शाह के साथ मलाशय के कैंसर की सर्जरी पेज पर है। यह पेज बताता है कि ऑपरेशन कौन करे, यह कैसे तय करें।

मलाशय कैंसर में चुनाव क्यों मायने रखता

मलाशय पेड़ू की हड्डियों के बीच तंग जगह में है, मूत्राशय, नसों और शौच रोकने वाली मांसपेशी के पास। उस जगह से कैंसर पूरा निकालने के लिए प्रशिक्षण और रोज़ का अभ्यास चाहिए।

बड़ी आंत का कैंसर खुली जगह से निकाला जा सकता है। मलाशय का कैंसर अलग है। सर्जन को मलाशय को उसके आसपास की चर्बी और लसिका ग्रंथियों के साथ एक साफ़ पोटली की तरह निकालना होता है, और पेशाब तथा यौन क्रिया संभालने वाली नसों को बचाना होता है। साफ़ तरीक़े से निकालने पर पेड़ू में कैंसर के लौटने की संभावना घटती है।

मलाशय के कैंसर के सर्जन में क्या देखें
क्या देखेंक्यों ज़रूरी
आंत और पेट के कैंसर की सर्जरी का प्रशिक्षणपेड़ू का काम ऐसे सर्जन का है जो ये ऑपरेशन नियमित करता है, कभी-कभार नहीं।
योजना से पहले बैठने वाली टीमसर्जन, कैंसर विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट इलाज का क्रम साथ तय करते हैं।
आपके साथ देखा गया पेड़ू का MRIइससे दिखता है कि गांठ मलाशय की मांसपेशी और पेड़ू के किनारे से कितनी पास है।
दूरबीन और खुला, दोनों विकल्पतरीक़ा आपके शरीर और स्टेज के हिसाब से चुना जाता है, सर्जन की सुविधा के हिसाब से नहीं।
स्टोमा पर सीधी बातकभी-कभी अस्थायी या स्थायी थैली की ज़रूरत पड़ती है। यह ऑपरेशन से पहले सुनना चाहिए, बाद में नहीं।
ऑपरेशन के बाद की देखभालशौच की आदतों में बदलाव, खान-पान और जांच की मुलाक़ातें योजना से तय हों, भरोसे पर नहीं।

पेट के कैंसर में सर्जन चुनने की बात भी जाननी हो तो पेट के कैंसर का सर्जन कैसे चुनें पढ़िए।

अच्छे सर्जन को पसंद आने वाले सवाल

जिसे अपनी योजना पर भरोसा हो, वह सर्जन सवालों से नहीं घबराता। सवाल लिख लीजिए और परिवार के किसी सदस्य को साथ ले जाइए।

  • गांठ ठीक कहां है, और गुदा के मुहाने से कितनी दूर है?
  • ऑपरेशन से पहले दवा या रेडिएशन चाहिए? क्यों?
  • क्या स्फिंक्टर मांसपेशी बच सकेगी, ताकि शौच सामान्य तरह से हो सके?
  • क्या स्टोमा लगेगा? और कितने समय के लिए?
  • मेरे जैसे ऑपरेशन आप और आपकी टीम साल में कितने करते हैं?
  • पहली रातों में मेरा ध्यान कौन रखेगा, और कुछ गड़बड़ लगे तो किसे फ़ोन करूं?

सिर्फ़ गिनती पूरा जवाब नहीं है, इसलिए यह भी सुनिए कि योजना कितनी साफ़ समझाई जा रही है।

कब रुकना चाहिए, इसके संकेत

तुरंत फ़ैसला लेने का दबाव हो, या पेड़ू का MRI किसी ने देखा ही न हो, तो सावधान रहिए।

  • स्टेज तय करने वाले स्कैन पूरे होने से पहले ऑपरेशन के कागज़ पर दस्तख़त करने को कहा जाता है।
  • स्टोमा को बिना वजह बताए “शायद ही लगे” कहकर टाल दिया जाता है।
  • आपके सवालों पर झुंझलाहट दिखाई जाती है, या दूसरी राय लेने से मना किया जाता है।
  • बिना नई जांच के हर मुलाक़ात पर योजना बदलती रहती है।

इनमें से किसी बात का मतलब यह नहीं कि सर्जन कमज़ोर हैं। मतलब बस इतना है कि आपके हां कहने से पहले और स्पष्टता चाहिए। मलाशय के पीछे की गांठों के लिए रेट्रोरेक्टल और प्रीसेक्रल गांठों की सर्जरी देखिए।

डॉ. हर्ष शाह डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद में मरीज़ों को देखते हैं। अपने स्कैन, दूरबीन जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट साथ लाइए। वे उन्हें आपके साथ देखेंगे, योजना सरल भाषा में समझाएंगे और आप जो पूछें उसका जवाब देंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मलाशय के कैंसर का ऑपरेशन सामान्य सर्जन को करना चाहिए?

मलाशय की सर्जरी तंग जगह में कठिन काम है। पेट और कैंसर सर्जरी के प्रशिक्षण वाले, इसे नियमित करने वाले सर्जन, कभी-कभार मलाशय का ऑपरेशन करने वाले सर्जन से ज़्यादा सुरक्षित चुनाव हैं।

क्या दूसरी राय लेना सही है?

हां। अच्छे सर्जन को आपत्ति नहीं होती। स्कैन और रिपोर्ट साथ ले जाइए, ताकि दूसरे सर्जन को जांचें दोबारा न करानी पड़ें।

क्या दूरबीन और खुले ऑपरेशन में से चुन सकता हूं?

इस पर बात की जा सकती है। तरीक़ा कैंसर की स्टेज, गांठ की जगह और आपकी सामान्य सेहत पर निर्भर है। आपके लिए एक तरीक़ा क्यों सुझाया गया है, यह सर्जन को समझाना चाहिए।

फ़ैसला लेने के लिए कितना समय ले सकते हैं?

स्टेज तय हो जाने के बाद कुछ दिन से दो हफ़्ते तक का समय आमतौर पर ठीक माना जाता है। आपके मामले में रुकना संभव न हो तो सर्जन बता देंगे।

क्या स्टोमा ज़रूर लगेगा?

हमेशा नहीं। यह गांठ कितनी नीचे है और जोड़ कैसे भरता है, इस पर निर्भर है। जोड़ को बचाने के लिए कभी-कभी अस्थायी स्टोमा बनाया जाता है, और वह आमतौर पर बाद में बंद कर दिया जाता है।

डॉ. हर्ष शाह से कहां मिलें

डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601

मुख्य गाइड पर लौटें: डॉ. हर्ष शाह के साथ मलाशय के कैंसर की सर्जरी।

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