छोटी आंत में गांठ निकली है और समझ नहीं आ रहा कि किस पर भरोसा करें? अपनी सीटी स्कैन और बायोप्सी की रिपोर्ट डॉ. हर्ष शाह की टीम को व्हाट्सऐप पर भेज दीजिए। · फ़ोन करें +91-63555-64601
डॉ. हर्ष शाह
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
गुजरात मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत, Reg. No. G-38738
गैस्ट्रो और कैंसर सर्जन · डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
पेट, छोटी आंत, बड़ी आंत, मलाशय, लिवर और पैंक्रियास की सर्जरी का 18 साल का अनुभव। मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज और जी.बी. पंत अस्पताल, दिल्ली से प्रशिक्षण।
संक्षेप में
छोटी आंत की गांठ बहुत कम देखने को मिलती है, इसलिए कई डॉक्टर पूरे करियर में गिनी-चुनी गांठें ही देखते हैं। गांठ किस कोशिका की है, इसी से तय होता है कि आगे क्या करना है, और कुछ प्रकारों में पहला कदम चाकू नहीं, दवा होती है।
ऐसा सर्जन चुनिए जो पहले गांठ का प्रकार समझाए, लिम्फ गांठें निकालने की योजना बताए और बुकिंग से पहले ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ बैठे।
ये गांठें कैसे पकड़ी जाती हैं और उनका इलाज कैसे होता है, इसकी पूरी जानकारी डॉ. हर्ष शाह के साथ छोटी आंत का कैंसर पेज पर है। यह पेज एक ही सवाल लेता है: ऑपरेशन किससे करवाएं।
छोटी आंत लंबी है, तहों में मुड़ी है और साधारण दूरबीन से वहां पहुंचना कठिन है। इसलिए गांठ देर से दिखती है, और बहुत कम सर्जन इन्हें बार-बार देखते हैं।
लक्षण धुंधले होते हैं। खाने के बाद हल्की ऐंठन, ख़ून धीरे-धीरे रिसने से थकान, या अचानक आंत का रुक जाना, यही पहला संकेत हो सकता है। कई लोग आपातकाल में भर्ती होने के बाद ही सर्जन तक पहुंचते हैं।
बीमारी दुर्लभ है, इसलिए यह सलाह निभाना मुश्किल है कि जो सर्जन ऐसे ऑपरेशन बहुत करता हो, उसी के पास जाइए। जो आप कर सकते हैं, वह है सर्जन की सोच परखना। क्या योजना आपकी गांठ के प्रकार के हिसाब से बनी है, या पेट की हर गांठ के लिए एक ही योजना है?
| प्रकार | आम तौर पर पहला कदम | सर्जन की भूमिका |
|---|---|---|
| एडेनोकार्सिनोमा | ऑपरेशन, अक्सर बाद में कीमोथेरेपी | आंत का हिस्सा उसकी लिम्फ गांठों के साथ निकालना |
| न्यूरोएंडोक्राइन गांठ (NET) | ऑपरेशन, साथ में लिवर के स्कैन | आंत और उसकी रक्त वाहिकाओं व ग्रंथियों वाली झिल्ली को निकालना |
| GIST | ऑपरेशन, कभी-कभी पहले गोली | गांठ को फोड़े बिना पूरा बाहर निकालना |
| लिम्फोमा | ज़्यादातर मामलों में दवाओं से इलाज | आंत रुकने या छेद होने पर आगे आना |
इसीलिए तारीख़ तय करने से पहले बायोप्सी और पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट मायने रखती है। जो सर्जन प्रकार पूछे बिना जल्दी से ऑपरेशन की तारीख़ दे दे, उसने वही कदम छोड़ दिया है जिस पर आगे सब टिका है।
ऑपरेशन से पहले गांठ, बाक़ी आंत और लिवर की साफ़ तस्वीर होनी चाहिए। एक ही स्कैन पर बनी योजना में फैलाव छूट सकता है।
आंत रुकने के बाद जल्दबाज़ी में हुए ऑपरेशन में विकल्प कम रह जाते हैं। अगर आपकी गांठ शांत समय में पकड़ी गई है, तो उस समय का उपयोग अच्छी तैयारी में कीजिए।
ज़्यादातर गांठों में सर्जन आंत का प्रभावित टुकड़ा निकालता है, साथ में वह झिल्ली भी जिसमें उसकी रक्त वाहिकाएं और लिम्फ गांठें होती हैं।
फिर कटे हुए दोनों सिरे जोड़ दिए जाते हैं। डॉ. हर्ष शाह जहां गांठ के लिए उपयुक्त हो वहां दूरबीन से ऑपरेशन करते हैं, और जहां न हो वहां खुली सर्जरी। यह चुनाव गांठ के आकार, जगह और पहले हुए ऑपरेशनों पर निर्भर है, पसंद पर नहीं।
आंत के पहले हिस्से यानी ड्यूओडेनम के पास की गांठ में अलग और बड़ा ऑपरेशन लग सकता है। उसकी जानकारी ड्यूओडेनम और एम्पुला की गांठें पेज पर अलग से दी गई है।
डॉ. हर्ष शाह डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद में मरीज़ों को देखते हैं। ऑपरेशन के चरण विस्तार से समझने हों तो गांठ के लिए छोटी आंत का हिस्सा निकालना पढ़िए। गांठ GIST निकले तो GIST की सर्जरी वाला पेज बताता है कि वह फ़ैसला कैसे लिया जाता है।
आंत लंबी है और छिपी रहती है, और शुरू के लक्षण हल्के होते हैं। ख़ून की कमी से थकान या हल्की ऐंठन पर शायद ही कोई तुरंत विशेषज्ञ के पास जाता है।
नहीं। लिम्फोमा का इलाज ज़्यादातर दवाओं से होता है और कुछ GIST की शुरुआत गोली से होती है। फ़ैसला गांठ के प्रकार पर टिका है, इसलिए रिपोर्ट पहले आती है।
अक्सर हो सकती है, अगर गांठ का आकार और जगह उपयुक्त हो। सुरक्षा मांगे तो सर्जन को खुली सर्जरी पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
लेना जायज़ है, ख़ासकर दुर्लभ गांठ में। दूसरे विशेषज्ञ स्लाइड और स्कैन दोबारा पढ़ सकते हैं, और इसके लिए आपको अपनी इलाज करने वाली टीम बदलनी नहीं पड़ती।
आम तौर पर नहीं। दोनों सिरे उसी ऑपरेशन में जोड़ दिए जाते हैं। स्टोमा उन मामलों के लिए रखा जाता है जिनमें रुकावट, संक्रमण या आंत की हालत कमज़ोर हो।
डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
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